Drinking rules in gujarat: गुजरात में किन लोगों को होती है शराब पीने की छूट? जान लें ड्राई स्टेट के ये नियम
Drinking rules in gujarat: गुजरात में शराब पूरी तरह बैन है, फिर भी किन लोगों को मिलती है छूट? समझिए परमिट सिस्टम के नियम.

Drinking rules in gujarat: गुजरात एक ड्राई स्टेट है यानी कि यहां शराब बिक्री और शराब पीने पर प्रतिबंध है. गुजरात में सामान्य तौर पर शराब खरीदना, बेचना और पीना एक कानूनी अपराध है. ये नियम राज्य में सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लागू किए गए हैं. हालांकि ऐसा नहीं है कि यहां कोई शराब पी ही नहीं सकता, यहाँ कुछ लोगों के लिए शराब पीने में छूट दी जाती है लेकिन आखिर यह छूट किसको और कैसे मिलती है, आइए आज जानते हैं.
किन लोगों को मिल सकती है शराब पीने की अनुमति?
हालांकि गुजरात पूरा ड्राई स्टेट है, लेकिन यहां कुछ लोगों को छूट दी जाती है. गुजरात में शराब की बिक्री को परमिट व्यवस्था के द्वारा चलाया जाता है. जैसे यहां कोई भी व्यक्ति 21 वर्ष से अधिक का अस्थायी परमिट प्राप्त कर सकता है और 40 वर्ष से अधिक का कोई भी व्यक्ति हेल्थ परमिट पर शराब पी सकता है.जो व्यक्ति गुजरात से नहीं है वह वहां शराब खरीद और पी सकता है, साथ ही विदेशी पर्यटक भी शराब खरीद और पी सकते हैं, उन्हें अस्थायी परमिट लेना होगा.
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कैसे काम करती है गुजरात में परमिट व्यवस्था?
सरकार कुल 7 प्रकार के परमिट चलाती है. हेल्थ परमिट गुजरात के सबसे पुराने परमिटों में से एक है. इसके लिए आवेदक की आयु 40 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, मासिक आय 25000 से अधिक होनी चाहिए. आवेदन करने के लिए कोई स्वास्थ्य से जुड़ा कारण होना चाहिए. गुजरात में अस्थायी रूप से रहने वाले और विदेशी लोगों के लिए अस्थायी परमिट होता है, जिससे वे प्रति माह 4 यूनिट शराब खरीद सकते हैं. यह परमिट अधिकतर 1 महीने के लिए होता है, जिसके बाद इसे रिन्यू करवाया जाता है.
शराब खरीदने की प्रक्रिया, नियम और निगरानी व्यवस्था
परमिट प्राप्त करने के बाद आप अधिकारिक या सरकारी दुकानों से शराब खरीद सकते हैं. बिना परमिट के शराब खरीदना या बेचना अपराध माना जाता है और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाती है. परमिट प्रणाली पर सरकार की कड़ी निगरानी होती है, नियमों का उल्लंघन करने पर परमिट रद्द किया जा सकता है और जुर्माना या कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है. इस परमिट प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य में कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है.
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Source: IOCL



























