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Malacca Strait: भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ मलक्का क्यों जरूरी, जिसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद बनाया जा सकता है निशाना?

Malacca Strait: होर्मुज स्ट्रेट के बाद अब स्ट्रेट ऑफ मलक्का पर भी खतरा मंडरा रहा है. आइए जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ मलक्का भारत के लिए कितना जरूरी है.

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  • मलक्का स्ट्रेट भारत के 55-60% समुद्री व्यापार का मार्ग है।
  • यह हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है।
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से भारत को मिलती है रणनीतिक निगरानी क्षमता।
  • ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ेगी।

Malacca Strait: होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव के बीच दुनिया का ध्यान अब एक और जरूरी समुद्री रास्ते की तरफ जा रहा है. यह रास्ता है मलक्का स्ट्रेट का.  दरअसल अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच एक नया रक्षा समझौता हुआ है. इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यह संकरा रास्ता अगला भू राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है. हालांकि भारत के लिए इस स्ट्रेट का महत्व वैश्विक राजनीति से कहीं ज्यादा है. आइए जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ मलक्का भारत के लिए क्यों जरूरी है. 

भारत की आर्थिक जीवन रेखा 

स्ट्रेट ऑफ मलक्का भारत के समुद्री व्यापार का लगभग 55% से 60% हिस्सा संभालता है. इससे यह देश के लिए सबसे अहम व्यापारिक राष्ट्र में से एक बन जाता है. भारत के ऊर्जा इंपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों पर पड़ सकता है. इससे पूरी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है. 

दक्षिण पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार 

यह स्ट्रेट हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच एक पुल का काम करता है. यह भारत को दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया और उससे आगे के प्रमुख बाजारों से जोड़ता है. सेमीकंडक्टर से लेकर जरूरी सामानों तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते पर निर्भर है. इससे यह भारत की व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं के लिए काफी जरूरी बन जाता है. 

रणनीतिक लाभ 

स्ट्रेट ऑफ मलक्का के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास बसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की वजह से भारत को एक अनोखा भौगोलिक लाभ मिला हुआ है. ये द्वीप एक प्राकृतिक निगरानी केंद्र की तरह काम करते हैं. इससे भारत समुद्री यातायात पर नजर रख पाता है. 

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट 

भारत ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के तहत गैलाथिया खाड़ी के पास बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित कर रहा है. इसमें बंदरगाह, हवाई पट्टी और सैन्य सुविधाओं की योजना शामिल है. इनका उद्देश्य भारत की शक्ति प्रदर्शन करने और लंबे समय तक इस जरूरी समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने की क्षमता को बढ़ाना है.

बढ़ता भू राजनीतिक महत्व 

वैश्विक जल क्षेत्रों में अमेरिका की बढ़ती भागीदारी और बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ मलक्का अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. अपने सहयोगियों के साथ भारत का सहयोग और साथ ही क्षेत्र में उसकी अपनी सैन्य उपस्थिति, स्थिरता को बनाए रखने और उभरते खतरों का मुकाबला करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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