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Car AC mileage Impact: क्या बार-बार AC बंद करने से ज्यादा माइलेज देती है कार, यह तरीका फायदेमंद या खतरनाक?
कार का एसी सीधे इंजन से जुड़ा होता है, जब एसी चालू होता है तो इंजन पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. जिससे फ्यूल की खपत थोड़ी बढ़ जाती है. यही वजह है की एसी चलाने पर माइलेज में कमी देखने को मिलती है.

कार एसी का माइलेज पर असर
Source : pexels
Car AC mileage Impact: गर्मियों का मौसम शुरू हो गया, वहीं गर्मियां शुरू होते ही कार में सफर करना बिना एसी के लगभग नामुमकिन सा हो जाता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच लोग कार में बैठते ही एसी ऑन कर देते हैं. लेकिन इसे लेकर लोगों के मन में अक्सर कई सवाल आते हैं कि क्या एसी चलाने से कार का माइलेज कम होता है और क्या बार-बार एसी बंद करने से फ्यूल की बचत होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या बार-बार एसी बंद करने से कार ज्यादा माइलेज देती है और यह तरीका फायदेमंद है या खतरनाक.
क्या बार-बार एसी बंद करना सही तरीका है?
दरअसल कार का एसी सीधे इंजन से जुड़ा होता है, जब एसी चालू होता है तो इंजन पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. जिससे फ्यूल की खपत थोड़ी बढ़ जाती है. यही वजह है की एसी चलाने पर माइलेज में कमी देखने को मिलती है. हालांकि यह कमी बहुत ज्यादा नहीं होती है. आमतौर पर एसी चलाने से माइलेज में करीब 4 से 7 प्रतिशत तक की गिरावट आती है. वहीं कई लोग यह मानते हैं की बार-बार एसी बंद करके भी माइलेज बचा सकते हैं, लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार यह तरीका उतना फायदेमंद नहीं है. बार-बार एसी ऑन-ऑफ करने से कंप्रेसर पर असर पड़ता है और कार के कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है. साथ ही इससे माइलेज में कोई खास सुधार भी नहीं होता है.
खिड़की खोलकर कार चलाना कितना सही?
कुछ लोग फ्यूल की बचत करने के लिए गर्मियों में एसी बंद करके खिड़कियां खोलकर गाड़ी चलाते हैं, खासकर हाईवे पर. लेकिन 30 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा स्पीड पर ऐसा करना उल्टा खतरनाक हो सकता है. खुली खिड़कियों से हवा का दबाव कार को पीछे की ओर धकेलता है, जिससे इंजन को और ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है. वहीं माइलेज पर असर इस बात से भी पड़ता है इस बात से भी पड़ता है कि आप कार कहां चला रहे हैं. शहर में ट्रैफिक, बार-बार ब्रेक और स्टार्ट की वजह से एसी का असर ज्यादा दिखता है. वहीं हाईवे पर लगातार स्पीड में चलने से यह असर थोड़ा कम होता है.
ये भी पढ़ें-कार के सनरूफ से निकलकर स्टाइल मारना पड़ सकता है भारी, जानिए कितना कटेगा चालान?
क्या बार-बार एसी बंद करना सही तरीका है?
दरअसल कार का एसी सीधे इंजन से जुड़ा होता है, जब एसी चालू होता है तो इंजन पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. जिससे फ्यूल की खपत थोड़ी बढ़ जाती है. यही वजह है की एसी चलाने पर माइलेज में कमी देखने को मिलती है. हालांकि यह कमी बहुत ज्यादा नहीं होती है. आमतौर पर एसी चलाने से माइलेज में करीब 4 से 7 प्रतिशत तक की गिरावट आती है. वहीं कई लोग यह मानते हैं की बार-बार एसी बंद करके भी माइलेज बचा सकते हैं, लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार यह तरीका उतना फायदेमंद नहीं है. बार-बार एसी ऑन-ऑफ करने से कंप्रेसर पर असर पड़ता है और कार के कूलिंग सिस्टम की परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है. साथ ही इससे माइलेज में कोई खास सुधार भी नहीं होता है.
खिड़की खोलकर कार चलाना कितना सही?
कुछ लोग फ्यूल की बचत करने के लिए गर्मियों में एसी बंद करके खिड़कियां खोलकर गाड़ी चलाते हैं, खासकर हाईवे पर. लेकिन 30 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा स्पीड पर ऐसा करना उल्टा खतरनाक हो सकता है. खुली खिड़कियों से हवा का दबाव कार को पीछे की ओर धकेलता है, जिससे इंजन को और ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और फ्यूल की खपत बढ़ जाती है. वहीं माइलेज पर असर इस बात से भी पड़ता है इस बात से भी पड़ता है कि आप कार कहां चला रहे हैं. शहर में ट्रैफिक, बार-बार ब्रेक और स्टार्ट की वजह से एसी का असर ज्यादा दिखता है. वहीं हाईवे पर लगातार स्पीड में चलने से यह असर थोड़ा कम होता है.
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कैसे काम करता है ऐसी?
कार का एसी इंजन से मिलने वाली एनर्जी पर चलता है. इंजन से चालू होने पर ही एसी कंप्रेसर काम करता है जो रेफ्रिजरेंट गैस को कंप्रेस करके ठंडी हवा तैयार करता है. इस प्रक्रिया में इंजन को एक्स्ट्रा काम करना पड़ता है और फ्यूल की खपत बढ़ती है. कार का एसी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना बेहतर होता है. गाड़ी ठंडी होने के बाद एसी की सेटिंग कम कर सकते हैं. बहुत तेज एसी चलाने से बचें और समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहे. सही टायर, प्रेशर और स्मूथ ड्राइविंग भी माइलेज को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.
कार का एसी इंजन से मिलने वाली एनर्जी पर चलता है. इंजन से चालू होने पर ही एसी कंप्रेसर काम करता है जो रेफ्रिजरेंट गैस को कंप्रेस करके ठंडी हवा तैयार करता है. इस प्रक्रिया में इंजन को एक्स्ट्रा काम करना पड़ता है और फ्यूल की खपत बढ़ती है. कार का एसी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना बेहतर होता है. गाड़ी ठंडी होने के बाद एसी की सेटिंग कम कर सकते हैं. बहुत तेज एसी चलाने से बचें और समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहे. सही टायर, प्रेशर और स्मूथ ड्राइविंग भी माइलेज को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है.
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Source: IOCL




























