एक्सप्लोरर

मूंगफली की खेती में न करें ये गलती, सही समय पर बुवाई से मिलेगा तगड़ा मुनाफा

Peanuts Farming Tips: मूंगफली की खेती करके आप तगड़ा मुनाफा कमा सकते हैं. स्मार्ट तकनीक अपनाकर आप कम लागत में अपनी कमाई को कई गुना बढ़ा सकते हैं. जानें पूरा तरीका.

Peanuts Farming Tips: मूंगफली की खेती भारतीय किसानों के लिए हमेशा से एक 'कैश काउ' रही है. लेकिन अक्सर छोटी सी लापरवाही बंपर मुनाफे को घाटे में बदल देती है. आज के कॉम्पिटिटिव दौर में खेती सिर्फ बीज डालने का नाम नहीं है. बल्कि यह सटीक टाइमिंग और स्मार्ट प्लानिंग का खेल है. अगर आप मूंगफली से तगड़ी कमाई करना चाहते हैं. तो सबसे पहले पुराने ढर्रे को छोड़कर मॉडर्न एग्री-टिप्स को अपनाना होगा.

2026 के इस रबी और खरीफ सीजन में सरकार और कृषि वैज्ञानिक भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए किसानों को सही समय पर बुवाई की सलाह दे रहे हैं. मूंगफली एक ऐसी फसल है जिसे अगर सही एनवायरमेंट और ट्रीटमेंट मिले. तो यह कम लागत में आपकी किस्मत चमका सकती है. बस आपको यह समझना होगा कि बुवाई का सही मुहूर्त कब है और किन गलतियों से बचकर आप अपने खेत को नोट छापने वाली मशीन बना सकते हैं.

बुवाई का परफेक्ट टाइम 

मूंगफली की सक्सेस का सबसे बड़ा सीक्रेट उसकी बुवाई की टाइमिंग में छिपा है. अगर आपने बहुत जल्दी या बहुत देरी से बीज बोए तो अंकुरण (germination) प्रभावित हो सकता है और आपकी पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है.

  • खरीफ सीजन के लिए जून का आखिरी हफ्ता और जुलाई की शुरुआत सबसे बेस्ट मानी जाती है. जब मानसून की पहली बारिश मिट्टी को सही नमी दे देती है.
  • जायद की फसल के लिए फरवरी के मध्य से मार्च तक का समय आइडियल है. क्योंकि इस दौरान तापमान मूंगफली के विकास के लिए एकदम अनुकूल होता है.

इसके अलावा बुवाई से पहले मिट्टी की जांच जरूर करवाएं. मूंगफली के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे शानदार रहती है. जिसमें पानी का निकास अच्छा हो. अगर खेत में पानी जमा हुआ तो फलियां सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ड्रेनेज का खास ख्याल रखें.

बीज का उपचार

ज्यादातर किसान सीधे बाजार से बीज लाकर बो देते हैं. जो उनकी सबसे बड़ी गलती साबित होती है. बीजों का 'ट्रीटमेंट' करना फसल को बीमारियों से बचाने का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है.

  • बुवाई से पहले बीजों को फफूंदनाशक (fungicide) से जरूर उपचारित करें ताकि जमीन के अंदर लगने वाले कीड़े और फंगस आपके बीजों को नुकसान न पहुंचा सकें.
  • बुवाई करते समय कतार से कतार की दूरी 30 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 10 सेंटीमीटर का गैप रखें. ताकि हर पौधे को फैलने के लिए प्रॉपर स्पेस और न्यूट्रिशन मिले.

आजकल 'बेड प्लांटिंग' तकनीक भी काफी पॉपुलर हो रही है. जिससे पैदावार में 20% तक का इजाफा देखा गया है. सही वैरायटी का चुनाव जैसे 'कौशल' या 'प्रकाश' और संतुलित खाद का इस्तेमाल आपको मार्केट में बेस्ट क्वालिटी की मूंगफली दिलाएगा. याद रखें, क्वालिटी जितनी धांसू होगी, मंडी में रेट भी उतना ही तगड़ा मिलेगा. 

यह भी पढ़ें: अब नहीं खराब होगी अमरूद की फसल, अपनाएं ये असरदार देसी कीट बचाव तरीके

सिंचाई का रखें खास ध्यान

मूंगफली की फसल में पानी का मैनेजमेंट बहुत ही क्रिटिकल होता है. खासकर जब फूल आने और फलियां बनने का समय हो. इस दौरान खेत में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है. लेकिन ओवर-वॉटरिंग से बचना चाहिए क्योंकि इससे जड़ें कमजोर हो सकती हैं. फसल के शुरुआती 30 से 45 दिनों में खरपतवारों को हटाना बहुत जरूरी है ताकि वे पौधों का पोषण न छीन सकें. 

निराई-गुड़ाई करें

आप इसके लिए निराई-गुड़ाई का सहारा ले सकते हैं या मार्केट में उपलब्ध सुरक्षित हर्बिसाइड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. सही समय पर की गई देखरेख फसल की हेल्थ को बेहतर बनाती है और अंत में आपको एक क्लीन और प्रीमियम क्वालिटी की हार्वेस्टिंग मिलती है. इस तरह का मॉडर्न और प्रोफेशनल अप्रोच ही आपको मूंगफली की खेती में एक सफल एग्री-बिजनेसमैन बना सकता है.

यह भी पढ़ें: कम लागत में ज्यादा कमाई, हल्दी की इस किस्म ने किसानों को किया मालामाल

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

मूंगफली की खेती में न करें ये गलती, सही समय पर बुवाई से मिलेगा तगड़ा मुनाफा
मूंगफली की खेती में न करें ये गलती, सही समय पर बुवाई से मिलेगा तगड़ा मुनाफा
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
MSP पर गेहूं बेचने के 48 घंटे बाद भी नहीं आया पैसा, यहां करें शिकायत
MSP पर गेहूं बेचने के 48 घंटे बाद भी नहीं आया पैसा, यहां करें शिकायत
अब नहीं खराब होगी अमरूद की फसल, अपनाएं ये असरदार देसी कीट बचाव तरीके
अब नहीं खराब होगी अमरूद की फसल, अपनाएं ये असरदार देसी कीट बचाव तरीके
Advertisement

वीडियोज

Sansani: महायुद्ध का सबसे 'विध्वंसक' चैप्टर ! | Iran-israel War | Middle East War | Trump | abp News
Iran Israel War Update: ट्रंप का नया टारगेट सेट...पावर सेंटर पर करेंगे अटैक! | Middle East
Janhit With Chitra Tripathi: ईरान के मारे...Trump बेचारे, गुरूर..चूर-चूर! | Iran US Israel War
Khabar Filmy Hain: रोमांस से एक्शन तक... सलमान खान की 'सिकंदर' का फर्स्ट लुक आउट | Mathrubhumi
Saas Bahu Aur Saazish :Mihir-Noina की शादी का मंडप तैयार! Tulsi फोड़ेगी शादी के मंडप में सच्चाई का बम | Kyunki Saas Bhi
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पहले से महंगाई की मार झेर रहा पाकिस्तान, अब इस देश ने कह दिया 2 अरब डॉलर कर्ज चुकाओ, अब क्या विकल्प
पहले से महंगाई की मार झेर रहा पाकिस्तान, अब इस देश ने कह दिया 2 अरब डॉलर कर्ज चुकाओ, अब क्या विकल्प
'खलनायकों का महिमामंडन पीढ़ियों के लिए खराब', फिल्मों निर्माताओं और कलाकारों से CM योगी की अपील
'खलनायकों का महिमामंडन पीढ़ियों के लिए खराब', फिल्मों निर्माताओं और कलाकारों से CM योगी की अपील
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
तेल लेकर भारत के लिए चला था ईरान का जहाज, अब जा रहा चीन, जानें ऐसा क्यों हुआ
21 साल की मेहनत से 'लक्ष्मण' बने रवि दुबे, बोले- 'रामायण से बेहतर कोई चैलेंज नहीं हो सकता था'
21 साल की मेहनत से 'लक्ष्मण' बने रवि दुबे, बोले- 'रामायण से बेहतर कोई चैलेंज नहीं हो सकता था'
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
RCB को पछाड़ चेन्नई सुपर किंग्स ने रचा इतिहास, IPL का 'महारिकॉर्ड' CSK के नाम
Explained: क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? 57% की पसंद UPI, कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
क्या आने वाले दिनों में कैश लेनदेन का होगा द एंड? कोई भी ट्रांजेक्शन छिप नहीं पाएगा
UP Board Result 2026: कॉपियों की जांच आगे बढ़ी, अब कब आएगा रिजल्ट? आइये जानें
कॉपियों की जांच आगे बढ़ी, अब कब आएगा रिजल्ट? आइये जानें
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
इंडोर में पौधों को रखना है हेल्दी तो कौन-सी मिट्टी चुनें? जान लीजिए काम की बात
Embed widget