SIP में सिर्फ 5 साल की देरी और 3 करोड़ का नुकसान! ये है कंपाउंडिंग का खौफनाक गणित, आलस छोड़ें
Mutual Fund SIP: एसआईपी में जल्दी निवेश शुरू करने से लंबे समय में बड़ा फायदा मिलता है. कुछ साल की देरी भी फंड में करोड़ों का अंतर पैदा कर सकती है.

- बदलती जीवनशैली में जल्दी निवेश की आदतें लाभदायक होती हैं।
- SIP युवाओं के बीच निवेश का लोकप्रिय विकल्प बन गया है।
- निवेश की शुरुआत जल्दी करने से लंबे समय में अधिक लाभ।
- 30 साल की उम्र में शुरू करने की तुलना में 25 में शुरू करना बेहतर।
SIP Investment Benefits: बदलती जीवनशैली और जरूरतों के लिए अब पहले से तैयारी करना बहुत जरूरी हो गया है. सही समय पर निवेश शुरूआत की आदत आपको आने वाली परेशानियों से बचा सकता हैं.
आज युवाओं के बीच एसआईपी एक विकल्प बनकर उभरा है. जहां वे नियमित तौर पर निवेश करके एक बड़ा कॉर्पस बना रहे हैं. लेकिन एसआईपी की शुरूआत किस समय की जाती है, यह भी एक महत्वपूर्ण पहलू है. दो दोस्त जिनकी इनकम और निवेश का तरीका भी सेम हो, लेकिन शुरूआत के समय के आधार पर फंड में बड़ा फर्क दिख सकता है. आइए जानते हैं, इस विषय में विस्तार से.
समय पर निवेश की अहमियत
निवेश में सबसे बड़ा फायदा समय का होता है. अगर दो व्यक्ति एक ही रकम को निवेश करते हैं, लेकिन दोनों में से एक व्यक्ति पहले शुरुआत कर देता है, तो लंबे समय में उसे ज्यादा बढ़त मिलती है. शुरुआत में दोनों निवेश पर मिलने वाला रिटर्न एक जैसा दिखता हैं. हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता है, पहले शुरू किया गया निवेश तेजी से आगे बढ़ने लगता है. यही वजह है कि निवेश में जल्दी शुरुआत करना आगे चलकर बड़ा फायदा दे सकता है.
जल्दी निवेश के फायदे
मान लीजिए एक व्यक्ति 30 साल की उम्र से हर महीने 10,000 रुपये SIP में लगाता है. जबकि दूसरा वही प्लान 25 साल की उम्र से शुरू करता है. शुरुआत में दोनों की ग्रोथ लगभग एक जैसी दिखती है और कोई खास फर्क नजर नहीं आता.
लेकिन लंबे समय में अंतर दिखने लगता है. रिटायरमेंट के करीब पहुंचते-पहुंचते पहले शुरू करने वाला व्यक्ति सिर्फ 5 साल में करीब 6 लाख रुपये ज्यादा निवेश करके लगभग 3 करोड़ रुपये तक आगे निकल सकता है. यानी की पहले शुरूआत करने वाले व्यक्ति को दूसरे की तुलना में जबरदस्त फायदा होनी की संभावना है.
आंकड़ों से समझिए पूरा गणित
अगर कोई 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है और 35 साल तक निवेश करता है, तो उसका फाइनल कॉर्पस करीब 6.49 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं अगर शुरुआत 30 साल में होती है तो यह रकम घटकर करीब 3.52 करोड़ रुपये रह जाती है.
35 साल की उम्र में शुरू करने पर यह करीब 1.9 करोड़ रुपये का कॉर्पस बना पाती है. यानी थोड़ी सी देरी भी लंबे समय में बड़े नुकसान की वजह बन सकती है.
यह भी पढ़ें: Business Ideas: रिटायरमेंट के बाद भी बरसेगा पैसा, ये बिजनेस आइडियाज़ कराएंगे मोटी कमाई!
Source: IOCL

























