नौकरीपेशा वालों की मौज, अब हर साल छुट्टियों के बदले मिलेगा कैश, लैप्स होने का डर खत्म
Labour Codes 2026: अगर आप काम के दबाव में छुट्टियां नहीं ले पाते और साल के अंत में आपकी लीव बच जाती है तो नए लेबर कोड के तहत अब आपकी बची हुई छुट्टियां ऐसे ही बेकार नहीं जाएंगी. जानिए कैसे?

- नौकरी छोड़ने पर 48 घंटे में छुट्टयों का पूरा भुगतान होगा।
Labour Codes 2026: आज कल लोग नौकरी में बढ़ते काम के दवाब के चलते अपनी छुट्टियां नहीं ले पाते हैं. ऐसे में साल के आखिर तक उनकी बची हुई लीव लैप्स जाती हैं, लेकिन अब चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अब आपके लिए एक बड़ी राहत की खबर है. 2026 के नए लेबर कोड के तहत अब आपकी बची हुई छुट्टियां ऐसे ही बेकार नहीं जाएंगी, बल्कि अब आपको उनका पैसै भी मिल सकता है.
क्या बदला है नए नियम में?
अब जानते हैं कि आखिर नए नियम में क्या बदला है? नए नियमों के मुताबिक अब लीव लैप्स सिस्टम को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया गया है. इसका साफ मतलब यह है कि साल के आखिर में अगर आपकी छुट्टियां बचती हैं तो कंपनी को आपको उसका पूरा हिसाब देना होगा.
अब आप सबसे जरूरी 30 दिन वाला नया नियम समझे.
- आप अधिकतम 30 अर्न लीव अगले साल तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं.
- अगर वहीं आपकी इससे ज्यादा छुट्टियां बचती हैं तो कंपनी को उन बची हुई छुट्टियों का कैश देना होगा.
जानिए आखिरकार आपको फायदा कैसे होगा?
मान लीजिए जैसे आपके पास साल के आखिर में 45 छुट्टियां बची हैं तो 30 दिन आपके अगले साल में जुड़ जाएंगे और वहीं बाकी बचे हुए 15 दिनों का पैसा आपको मिल जाएगा. इस नियम से अब आपकी मेहनत की छुट्टियां न ही बर्बाद होंगी और न ही बिना आपको फायदे मिले खत्म होंगी.
अगर बॉस छुट्टी मंजूर न करे तो?
अगर आपका बॉस आपकी छुट्टी अप्रूव नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में आपको और ज्यादा फायदा मिल सकता है. जानिए कैसे?
- रिजेक्ट की गई छुट्टियां 30 दिन की लिमिट में नहीं गिनी जाएगी.
- साथ ही उन छुट्टियों का पैसा अलग से देना होगा.
सिर्फ 180 दिन (6 महीने) काम करने पर भी आप पात्र बन जाएंगे
पहले छुट्टियों के हकदार बनने के लिए आपको 240 दिन काम करना जरूरी था, लेकिन अब सिर्फ 180 दिन यानी 6 महीने काम करने पर भी आप इसके पात्र बन जाएंगे.
नौकरी छोड़ने पर क्या होगा?
- अब आपको फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा.
- 48 घंटे के भीतर भुगतान हो सकता है.
- इसमें आपकी बची हुई छुट्टियों का पैसा भी शामिल होगा.
जानिए आखिर सरकार ने ये बदलाव क्यों किए?
- कर्मचारियों को उनकी मेहनत का सही पैसा मिले.
- कर्मचारियों की वर्क-लाइफ बैलेंस और बेहतर हो.
- साथ ही कंपनियां मनमानी न कर सकें.
आपके लिए क्या मायने हैं?
अब आपकी छुट्टियां सिर्फ आराम का जरिया नहीं, बल्कि कमाई का भी एक नया तरीका बन सकती हैं.
- छुट्टी नहीं ले पाए तो भी नुकसान नहीं होगा.
- कंपनी छुट्टी रोके तो भी आपको पैसा मिलेगा.
- नौकरी बदलने पर जल्दी सेटलमेंट मिलेगा.
अब आपको क्या करना चाहिए?
- अपनी लीव बैलेंस पर नजर रखें.
- कंपनी की HR पॉलिसी समझें.
- साल के अंत में लीव का हिसाब जरूर देखें.
- जरूरत के हिसाब से छुट्टी लें या कैश का ऑप्शन चुनें.
Source: IOCL



























