जब AI उड़ाएगा विमान, तब क्या होगा? जानिए कैसे बदल सकती है हवाई यात्रा की दुनिया
AI आधारित एविएशन टेक्नोलॉजी के समर्थकों का मानना है कि इससे इंसानी गलतियों को कम किया जा सकता है.

- AI आधारित उड़ान सिस्टम हवाई यात्रा के भविष्य को बदल सकते हैं।
AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ मोबाइल, चैटबॉट या रोबोट तक सीमित नहीं रहा. जिस चीज़ को लोग अब तक साइंस फिक्शन फिल्मों में देखते आए थे वह अब असल दुनिया में टेस्ट की जा रही है. अब सवाल उठ रहा है कि अगर विमान उड़ाने का काम AI करने लगे तो क्या होगा? हाल ही में एक बड़ी टेस्ट फ्लाइट ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है.
AI ने संभाली विमान उड़ाने की जिम्मेदारी
CNN की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी स्टार्टअप कंपनी Merlin Labs ने एक खास AI सिस्टम Merlin Pilot का परीक्षण किया. इस दौरान एक Cessna Caravan विमान की उड़ान के कई अहम हिस्सों को AI सिस्टम ने कंट्रोल किया. टेस्ट के समय सुरक्षा के लिए एक पायलट कॉकपिट में मौजूद था लेकिन विमान को नेविगेट करने, दिशा बदलने, एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश समझने और रेडियो कम्युनिकेशन जैसे कई काम AI ने खुद संभाले. इतना ही नहीं, लैंडिंग प्रक्रिया में भी AI सिस्टम ने मदद की. हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती टेस्टिंग फेज में है और इसे फिलहाल कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट्स में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
क्या AI के भरोसे विमान उड़ाना सुरक्षित होगा?
AI आधारित एविएशन टेक्नोलॉजी के समर्थकों का मानना है कि इससे इंसानी गलतियों को कम किया जा सकता है. आज भी कई विमान हादसों की बड़ी वजह मानवीय भूल मानी जाती है. ऐसे में AI सिस्टम पायलट्स को मुश्किल और तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर सहायता दे सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक विमानों में पहले से ही ऑटोमेशन मौजूद है लेकिन नए AI सिस्टम पुराने सिस्टम्स की तुलना में अचानक आने वाली परिस्थितियों को ज्यादा समझदारी से संभालने की क्षमता रखते हैं.
फिर भी, किसी भी AI टेक्नोलॉजी को पूरी तरह लागू करने से पहले लंबी सुरक्षा जांच और कई स्तरों पर परीक्षण बेहद जरूरी होंगे. इसके साथ ही यात्रियों का भरोसा जीतना भी सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है.
पायलट्स की संस्था क्यों जता रही चिंता?
उत्तरी अमेरिका की पायलट्स संस्था Air Line Pilots Association का मानना है कि AI को पूरी तरह इंसानी पायलट की जगह नहीं लेनी चाहिए. संस्था के अनुसार, AI को एक सहायक पायलट की तरह इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन हालात में इंसानी अनुभव और निर्णय क्षमता अब भी मशीनों से कहीं आगे है. इसलिए पूरी तरह AI पर निर्भरता फिलहाल जोखिम भरी मानी जा रही है.
आने वाले समय में बदल सकती है हवाई यात्रा
आज भी कई लोग यह सोचकर घबरा जाते हैं कि भविष्य में विमान मशीनें उड़ाएंगी. लेकिन टेक्नोलॉजी जिस तेजी से आगे बढ़ रही है उसे देखते हुए AI आधारित उड़ान सिस्टम आने वाले वर्षों में एविएशन इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बन सकते हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मशीनों को कितना कंट्रोल दिया जाए और इंसानों की भूमिका कितनी बनी रहे. आने वाले समय में यही बहस हवाई यात्रा के भविष्य को तय कर सकती है.
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Source: IOCL
























