Supercomputer Cost and Power Consumption: कितने रुपये का आता है सुपर कंप्यूटर, एक घंटे में कितनी खाता है बिजली?
Supercomputer Cost and Power Consumption : यही वजह है कि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक शोध, मुश्किल हिसाब-किताब और बड़े डेटा का विश्लेषण सुपर कंप्यूटर की मदद से किया जाता है.

Supercomputer Cost and Power Consumption : आज के समय में AI, मौसम का पूर्वानुमान, नई दवाओं की खोज और अंतरिक्ष से जुड़े बड़े कामों में सुपर कंप्यूटर का यूज जरूर होता है. यह सामान्य कंप्यूटर की तरह दिखता है, लेकिन इसकी क्षमता लाखों-करोड़ों गुना ज्यादा होती है.
यही वजह है कि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक शोध, मुश्किल हिसाब-किताब और बड़े डेटा का विश्लेषण सुपर कंप्यूटर की मदद से किया जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर एक सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है. इसे चलाने के लिए कितनी बिजली खर्च होती है और यह आम कंप्यूटर से इतना अलग कैसे है. तो आइए जानते हैं कि सुपर कंप्यूटर कितने रुपये का आता है और एक घंटे में कितनी बिजली खाता है.
क्या होता है सुपर कंप्यूटर?
सुपर कंप्यूटर एक बहुत पावरफुल कंप्यूटर होता है, जिसे बड़े और मुश्किल काम बेहद तेज स्पीड से करने के लिए बनाया जाता है. यह कम समय में बहुत ज्यादा डेटा पर काम कर सकता है. इसका इस्तेमाल मौसम का पूर्वानुमान लगाने, वैज्ञानिक शोध, जलवायु से जुड़ी रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई दवाएं खोजने और दूसरे बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट्स में किया जाता है.
आम कंप्यूटर से कितना अलग है?
सामान्य कंप्यूटर की तुलना में सुपर कंप्यूटर में हजारों या लाखों CPU Core एक साथ काम करते हैं. यही वजह है कि यह बहुत कम समय में ऐसे काम पूरे कर सकता है, जिनमें सामान्य कंप्यूटर को काफी समय लग सकता है. सुपर कंप्यूटर में सभी प्रोसेसर पैरेलल प्रोसेसिंग तरीके से काम करते हैं, जिससे इसकी स्पीड कई गुना बढ़ जाती है.
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सुपर कंप्यूटर कितने रुपये का आता है?
सुपर कंप्यूटर की कीमत उसकी क्षमता, तकनीक और यूज के आधार पर अलग-अलग होती है. छोटे AI सुपर कंप्यूटर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये से 5.5 लाख रुपये तक हो सकती है. वहीं, AI और मशीन लर्निंग पर काम करने वाले NVIDIA Jetson Orin Nano Super जैसे छोटे सिस्टम करीब 44 हजार से 50 हजार रुपये में मिल जाते हैं.
बड़े संस्थानों और सरकारी रिसर्च के लिए बनाए जाने वाले सुपर कंप्यूटर काफी महंगे होते हैं. मौसम का पूर्वानुमान, परमाणु अनुसंधान और बड़े AI मॉडल चलाने वाले सुपर कंप्यूटरों की कीमत 25 करोड़ रुपये से लेकर 130 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है. भारत के परम रुद्र जैसे तीन स्वदेशी सुपर कंप्यूटरों के निर्माण पर करीब 130 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.
एक घंटे में कितनी बिजली खाता है? सुपर कंप्यूटर
सुपर कंप्यूटर को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है. एक सामान्य सुपर कंप्यूटर एक घंटे में करीब 20 से 30 मेगावाट (MW) बिजली खर्च कर सकता है. दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटरों में शामिल Frontier एक घंटे में करीब 29 मेगावाट बिजली की खपत करता है. वहीं AI के लिए बनाए गए Colossus सुपर कंप्यूटर की बिजली खपत और भी ज्यादा है. यह अधिकतम क्षमता पर 280 मेगावाट तक बिजली इस्तेमाल कर सकता है. इसके अलावा Aurora सुपर कंप्यूटर करीब 38.6 मेगावाट और जापान का K Supercomputer लगभग 9.8 मेगावाट बिजली की खपत करता है.
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