IMSI Catcher : सावधान! आपके फोन की बातें हवा में ही चुरा लेता है 'IMSI कैचर', जानें इस अदृश्य जासूस से बचने का तरीका
IMSI Catcher : इस तकनीक का नाम IMSI कैचर है. यह किसी वायरस या ऐप की तरह नहीं, बल्कि एक नकली मोबाइल टावर बनकर काम करता है. इसी वजह से इसे पहचानना आसान नहीं होता है.

IMSI Catcher : मोबाइल फोन आज हमारी लाइफ का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. बैंकिंग से लेकर ऑफिस का काम, पर्सनल बातचीत से लेकर लोकेशन तक, लगभग हर जरूरी जानकारी फोन के जरिए ही शेयर होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी तकनीक भी मौजूद है, जो बिना आपकी जानकारी के आपके मोबाइल से जुड़ी जरूरी जानकारियां हासिल कर सकती है. इस तकनीक का नाम IMSI कैचर है. यह किसी वायरस या ऐप की तरह नहीं, बल्कि एक नकली मोबाइल टावर बनकर काम करता है. इसी वजह से इसे पहचानना आसान नहीं होता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि IMSI कैचर क्या होता है, यह कैसे काम करता है और इस अदृश्य जासूस से बचने का तरीका क्या है.
क्या होता है IMSI कैचर?
IMSI कैचर एक तरह का सेल साइट सिम्युलेटर (Cell Site Simulator) होता है. यह असली मोबाइल टावर की तरह दिखाई देता है और आसपास मौजूद मोबाइल फोन को अपने नेटवर्क से जोड़ लेता है. मोबाइल फोन हमेशा सबसे मजबूत नेटवर्क सिग्नल वाले टावर से कनेक्ट होने की कोशिश करता है और IMSI कैचर इसी प्रक्रिया का फायदा उठाता है. एक बार फोन इसके नेटवर्क से जुड़ जाए तो यह डिवाइस से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां जुटाने की कोशिश कर सकता है.
IMSI कैचर से कौन-कौन सी जानकारी हासिल की जा सकती है?
IMSI कैचर का यूज मोबाइल यूजर्स की संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए करते हैं. इसके जरिए IMSI कैचर कई तरह की जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं, जैसे मोबाइल और यूजर की पहचान, IMSI नंबर, कॉल से जुड़ा मेटाडेटा, कॉल और SMS की जानकारी, इंटरनेट यूज और वेबसाइट विजिट से जुड़ा डेटा. इसी तकनीक का यूज कई बार किसी खास व्यक्ति की एक्टिविटी और लोकेशन पर नजर रखने या संवेदनशील कामकाज की निगरानी के लिए भी किया जाता है.
यह भी पढ़ें - कैसे मापी जाती है इंटरनेट की स्पीड? Megabytes या Megabits, जानें सच्चाई
IMSI कैचर कैसे काम करता है?
1. एक्टिव IMSI कैचर - IMSI कैचर मुख्य रूप से दो तरीकों से काम करता है. एक्टिव IMSI कैचर असली मोबाइल टावर से भी ज्यादा मजबूत नेटवर्क सिग्नल भेजता है. इससे आसपास के मोबाइल फोन अपने असली नेटवर्क से हटकर इस नकली टावर से कनेक्ट हो जाते हैं. कई मामलों में यह फोन को 4G या 5G से 2G नेटवर्क पर लाने की भी कोशिश करता है ताकि जानकारी हासिल करना आसान हो सके.
2. पैसिव IMSI कैचर - पैसिव IMSI कैचर खुद कोई नेटवर्क सिग्नल प्रसारित नहीं करता है. यह पहले से चल रहे मोबाइल नेटवर्क संचार को ट्रैक करने और उससे जानकारी जुटाने की कोशिश करता है. इसका उद्देश्य बिना किसी को पता चले यूजर की पहचान से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करना होता है.
IMSI कैचर से से बचने का तरीका क्या है?
1. फोन में 2G नेटवर्क बंद रखें - अगर आपके स्मार्टफोन में 2G नेटवर्क बंद करने का ऑप्शन है, तो उसे ऑफ कर दें. IMSI कैचर अक्सर फोन को 2G नेटवर्क पर डाउनग्रेड करने की कोशिश करते हैं, जहां सुरक्षा कमजोर होती है.
2. एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड ऐप्स का यूज करें - मैसेज और कॉल के लिए ऐसे ऐप्स का यूज करें जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन देते हैं. इससे आपकी बातचीत की जानकारी ज्यादा सुरक्षित रहती है.
3. नेटवर्क एक्टिविटी पर नजर रखें - अगर आपका फोन अचानक 4G/5G से 2G या 3G पर आ जाए, बार-बार नेटवर्क कटने लगे या किसी अनजान नेटवर्क से कनेक्ट होने लगे, तो सतर्क हो जाएं.
4. नेटवर्क मॉनिटरिंग ऐप्स का यूज करें - Android यूजर्स जरूरत पड़ने पर SnoopSnitch, Cell Spy Catcher या AIMSICD जैसे ऐप्स की मदद से नेटवर्क में होने वाली गलत एक्टिवीटीज पर नजर रख सकते हैं. ये ऐप्स नजर रखने के साथ गलत नेटवर्क एक्टिवीटीज का पता लगाने में मदद करते हैं.
5. ज्यादा सावधानी बरतें - अगर आप किसी किसी बड़े पद पर हैं या आपकी सुरक्षा का जोखिम ज्यादा है, तो विशेष परिस्थितियों में समय-समय पर अपना SIM कार्ड और मोबाइल डिवाइस बदलने पर विचार किया जा सकता है.
6. मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर से संपर्क करें - अगर फोन में बार-बार असामान्य नेटवर्क समस्या आए या 2G बंद करने का ऑप्शन न मिले, तो अपने मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर से संपर्क करें और नेटवर्क सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लें.
यह भी पढ़ें - iOS 27 beta 3 हो गया रिलीज, आईफोन यूजर्स को मिले ये धांसू नए फीचर्स
























