क्या इंसान कंट्रोल नहीं कर पाएगा AI की स्पीड? बच्चों पर बताया जा रहा सबसे बड़ा खतरा
AI Risks: एआई के विकास की रफ्तार ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. यूएन के सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटरेस ने कहा कि इस टेक्नोलॉजी का मुकाबला करना मुश्किल हो गया है.

- बच्चों की सुरक्षा एआई सिस्टम में सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
AI Risks: एआई पूरी रफ्तार के साथ हमारे जीवन में अपनी जगह बनाती जा रही है. दुनियाभर में करोड़ों लोग रोज अपने कामों के लिए एआई टूल्स यूज कर रहे हैं. बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई एआई का इस्तेमाल कर रहा है. लगातार यूज के बाद अब इसके खतरे भी सामने आ रहे हैं. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियों गुटरेस ने कहा है कि यह टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि कंपनियों, सरकारों और इसे बनाने वालों के लिए भी इसका मुकाबला करना मुश्किल हो गया है. गुटरेस से पहले कई और जानकार भी एआई को लेकर इस तरह का डर जता चुके हैं.
"देशों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत"
एआई गवर्नेंस पर पहले UN Global Dialogue में बोलते हुए गुटरेस ने कहा कि एआई को लेकर नियम बनाने के लिए सभी देशों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है और बच्चों की सेफ्टी का इसमें विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. गुटरेस ने चेताया कि एआई के विकास की रफ्तार इस पर नियंत्रण के सरकारों और कंपनियों के प्रयासों से ज्यादा है. उन्होंने कहा कि इकॉनोमी को रिशेप, काम की दुनिया को बदलने वाली, चुनावों को प्रभावित करने और सुरक्षा का संतुलन हिलाने वाली टेक्नोलॉजी तेजी से डिप्लॉय हो रही है और कोई इसका मुकाबला नहीं कर पा रहा है.
गुटरेस बोले- बच्चों पर इसका ज्यादा खतरा
गुटरेस ने अपने संबोधन में बच्चों की सुरक्षा पर खासा जोर दिया. उन्होंने कहा कि एआई सिस्टम की सुरक्षा को जांचे बिना ही ये बच्चों के पास पहुंच रहे हैं. जब तक किसी दवा को सुरक्षित न बता दिया जाए, हम उसे बच्चों तक नहीं जाने देते. हम हर खिलौने की भी जांच करते हैं, लेकिन एआई बच्चों तक पहुंच गई है. यह उनकी लर्निंग, उनकी दोस्ती और उनके पर्सनल सवालों तक पहुंच गई है और किसी ने यह नहीं देखा कि इससे क्या हो सकता है. एआई सिस्टम के खतरों की तरफ ध्यान दिलवाते हुए गुटरेस ने कहा कि कंपनियों के लिए एक शपथ होनी चाहिए कि वो बच्चों के लिए सिस्टम रिलीज करने से पहले यह प्रूव करेंगे कि ये पूरी तरह सुरक्षित हैं.
एआई की स्पीड ने सबको चौंकाया- गुटरेस
गुटरेस ने कहा कि एआई को जिस गति से अपनाया जा रहा है, वह भी हैरान करने वाली है. इंटरनेट को एक अरब लोगों तक पहुंचने में 15 साल का समय लगा था, जबकि एआई सिर्फ 2 साल में वहां पहुंच गई. उन्होंने कहा कि अभी दुनिया ऐसी मशीनों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, जो बिना इंसानी निगरानी के अपने फैसले खुद कर सके.
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