UCC पर शिवसेना नेता संजय निरुपम का बड़ा दावा, 'ये किसी धर्म के खिलाफ...'
Sanjay Nirupan On UCC: संजय निरुपम ने कहा कि यूसीसी किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है और न ही धर्म की आजादी के विरुद्ध है. यह चार प्रमुख मुद्दों पर एक समान कानून की बात करता है.

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. दरअसल, बंगाल के चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में यूसीसी लागू करने की घोषणा की है, जिसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई है.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि यूसीसी किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है और न ही धर्म की आजादी के विरुद्ध है. यह चार प्रमुख मुद्दों पर एक समान कानून की बात करता है. पहला, शादी की व्यवस्था, दूसरा, तलाक की व्यवस्था, तीसरा, बच्चों की गोद लेने की व्यवस्था और चौथा, पूर्वजों की संपत्ति का बंटवारा.
'किसी भी धर्म को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए'
उन्होंने आगे कहा कि इन सभी मामलों में एक ही कानून लागू होना चाहिए. इससे किसी भी धर्म को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. शादी करने का तरीका और कानून सभी के लिए एक समान होगा. यही कारण है कि समान नागरिक संहिता लाई जा रही है.
ईरान-अमेरिका सीजफायर पर क्या बोले?
वहीं ईरान-अमेरिका सीजफायर और पाकिस्तान की भूमिका पर संजय निरुपम ने कहा कि शांति वार्ता की टेबल इस्लामाबाद में सजाने का कोई मतलब नहीं है. यदि मध्य पूर्व में शांति चाहिए, तो इजरायल, अमेरिका, ईरान और लेबनान को साथ बैठना होगा. पाकिस्तान की इसमें कोई भूमिका नहीं बनती. भारत की भूमिका होनी चाहिए.
महिला आरक्षम पर क्या कहा?
इसके अलावा महिला आरक्षण विधेयक पर संजय निरुपम ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि देश के अलग-अलग तबकों से लंबे समय से महिला सशक्तीकरण की मांग हो रही है. कांग्रेस को इसमें टांग नहीं अड़ानी चाहिए. सभी विपक्षी दलों से अपील है कि वे इस मुद्दे पर साथ दें और बिल को पास कराएं, ताकि लोकसभा और विधानसभाओं में ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रतिनिधि बनकर आएं.
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Source: IOCL

























