'ढोंगी बाबा' अशोक खरात पर SIT की बड़ी कार्रवाई, 11 मामलों में चल रही जांच
Ashok Kharat: अंधविश्वास फैलाकर महिलाओं का शोषण करने वाले आरोपी अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है. एसआईटी प्रमुख ने केस से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं.

महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर जिलों में कथित तौर पर अंधविश्वास फैलाकर महिलाओं का शोषण करने वाले आरोपी अशोक खरात के खिलाफ जांच तेज हो गई है. इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रमुख तेजस्वी सातपुते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई अहम खुलासे किए.
11 मामले SIT के पास, कुल 24 सदस्यों की टीम जांच में जुटी
SIT प्रमुख के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के आदेश पर इस मामले की जांच SIT को सौंपी गई है. उनके मुताबिक, कुल 11 मामले SIT के पास है, जांच के लिए 24 सदस्यों की टीम गठित की गई है. अशोक खरात के खिलाफ नासिक और अहिल्यानगर मिलाकर कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें 9 मामलों की जांच SIT कर रही है. जबकि दो मामलों की जांच अहिल्यानगर पुलिस और एक मामले की जांच नासिक पुलिस कर रही है.
महिलाओं के साथ यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोप
जांच में सामने आया है कि अशोक खरात पर 8 मामले महिलाओं के साथ लैंगिक अत्याचार से जुड़े है, जबकि अन्य मामले धोखाधड़ी के हैं. SIT चीफ ने बताया कि आरोपी महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाता था. इमली के बीज और पत्थर देकर ‘दैवी उपाय’ बताकर पैसे वसूलता था . खुद को ‘दैवी शक्तियों वाला’ बताकर अंधविश्वास फैलाता था. महिलाओं को धमकाकर उनका शोषण करता था.
डर के कारण सामने नहीं आईं पीड़िताएं
SIT के मुताबिक, कई महिलाएं लंबे समय तक इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें समाज में बदनामी का डर था. अब कुछ पीड़िताएं हिम्मत दिखाते हुए सामने आई हैं और शिकायत दर्ज कराई है. इसके अलावा डिजिटल सबूतों पर कार्रवाई की गई है. साइबर जांच में भी बड़े कदम उठाए गए हैं, 4850 आपत्तिजनक लिंक डिलीट किए गए. 451 सोशल मीडिया अकाउंट स्थायी रूप से बंद किए गए.
60 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, कानून के तहत 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जरूरी है. अब तक 20 दिन बीत चुके हैं, अगले 40 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी जारी है. SIT पिछले 17 दिनों से लगातार जांच कर रही है और मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.
ED और अन्य एजेंसियां भी सक्रिय
SIT प्रमुख ने बताया कि, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है, मांगी गई जानकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराई गई है. भविष्य में भी जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा. साथ ही, CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) के आधार पर भी उच्च स्तर पर जांच जारी है.
SIT के अनुसार, अब तक की जांच में किसी भी पीड़ित के नाबालिग होने की पुष्टि नहीं हुई है. आरोपी की फिर से पुलिस कस्टडी की मांग होगी. अशोक खरात को पहले भी दो बार पुलिस कस्टडी मिल चुकी है. अब नए मामलों की जांच के लिए पुलिस फिर से उसकी कस्टडी की मांग करेगी.
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Source: IOCL




























