'पाकिस्तान को मिला थैंक्यू नोट और भारत को...', ईरान-US सीजफायर पर प्रियंका चतुर्वेदी का बड़ा बयान
US-Iran War Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की घोषणा हो गई है. इसका ऐलान राष्ट्रपति ट्रंप ने किया है. ईरान ने 10 शर्तें अमेरिका के सामने रखी थीं जिन्हें ट्रंप मानने को तैयार हो गए हैं.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग में 40 दिनों बाद सीजफायर का ऐलान हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा की है. वहीं ईरान ने अमेरिका के सामने 10 शर्तें रखी हैं. जिन्हें मानने के लिए ट्रंप तैयार हो गए हैं. इस बीच उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है.
उन्होंने कहा है कि ईरान को अपना पक्ष रखने का मौका मिल गया, अमेरिका ने अपनी इज्जत बचा ली, इजरायल को हकीकत का सामना करना पड़ा, पाकिस्तान को थैंक्यू नोट मिला, भारत को उसका तेल मिल गया, दुनिया को अस्थायी रूप से ही सही, शांति मिल गई. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.
Iran gets to keep its side
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 8, 2026
US gets to save its face
Israel gets a reality check
Pakistan gets a thank you note
India gets its oil
World gets its peace albeit temporarily .
Thank you for your kind attention to this matter.
'भारत की भूमिका क्यों होनी चाहिए थी'
प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वार्ता में भारत की भूमिका क्यों होनी चाहिए थी? आलोचना समझ में नहीं आती क्योंकि यह युद्ध हमारा नहीं था. उन्होंने आगे लिखा कि पाकिस्तान के लिए यह सीजफायर उस दलाल की तरह है जो पैसे लेकर संकट का समाधान करने का वादा करता है. जैसा कि भारत के विदेश मंत्री ने सर्वदलीय बैठक में कहा था.
Why should India have been on any negotiating table between US and Iran? Don’t get the criticism as it wasn’t our war. And for Pakistan, it is like that tort who for a fee will say it will resolve the crisis- best described by India’s FM in an all party meeting.
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 8, 2026
ईरान ने पेश किया 10 सूत्रीय प्रस्ताव
अमेरिका के साथ युद्धविराम को लेकर ईरान की तरफ से 10 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया गया है. इसमें ईरान ने अमेरिका के सामने शर्तें रखी हैं. जिसमें आगे ईरान पर हमला न करना, लेबनान पर हमला न करना साथ ही ईरान को अब तक हुए नुकसान की भरपाई की शर्त शामिल है.
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के पावर प्लांट, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में मीटिंग होने की बात भी सामने आई है.
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Source: IOCL




























