Sausar News: नागपुर गई बारात में मचा हड़कंप, दही-बड़े और गुलाब जामुन खाते ही 100 से ज्यादा लोग बीमार
Sausar News In Hindi: नागपुर में एक शादी समारोह में मध्य प्रदेश से आई बारात में भयानक फ़ूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है. दावत खाने के बाद सौ से अधिक बाराती बीमार पड़ गए.

शादी-ब्याह का खुशनुमा माहौल उस वक्त खौफ और अफरा-तफरी में बदल गया, जब दावत खाने के बाद एक-एक कर बारातियों की तबीयत बिगड़ने लगी. मध्य प्रदेश के सौसर तहसील (ग्राम बोरगांव रेमंड) से नागपुर (Nagpur) गई एक बारात में भयंकर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का मामला सामने आया है. इस घटना में 100 से ज्यादा बाराती बीमार पड़ गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पतालों की तरफ दौड़ना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, बोरगांव का मोहखेड़े परिवार बारात लेकर नागपुर में आयोजित एक विवाह समारोह में गया था. वहां बारातियों ने बड़े चाव से दावत का लुत्फ उठाया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद खुशियां मातम जैसी स्थिति में बदल गईं.
बारातियों को अचानक पेट में तेज मरोड़, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. मरीजों का कहना है कि शादी में परोसे गए 'दही-बड़े और गुलाब जामुन' खाने के तुरंत बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी. प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब या संक्रमित थी.
मुलताई से लेकर बैतूल तक मची गहमागहमी
यह बारात काफी बड़ी थी, जिसमें बोरगांव के अलावा मुलताई, बैतूल और महाराष्ट्र के कई अन्य जिलों से भी मेहमान शामिल हुए थे. फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए अन्य जिलों के बाराती भी अपने-अपने गृह नगरों के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं.
सौसर सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. रुपेश बोकडे ने बताया कि फिलहाल 30 से अधिक गंभीर मरीजों का इलाज सौसर सिविल अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई है जो लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है. राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से फिलहाल सभी मरीज खतरे से बाहर (Stable) हैं.
स्वास्थ्य विभाग का सर्वे शुरू, जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल
घटना की भयावहता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मरीजों का हाल जाना और डॉक्टरों को इलाज में कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए. वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी एक्टिव मोड में आ गई हैं और बोरगांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, ताकि अगर कोई और प्रभावित हो तो उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी जा सके.
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