बिहार: 46,000 या 20 हजार, TRE-4 में कितने पदों पर होगी भर्ती? शिक्षा मंत्री बोले- 'जुलाई में…'
Bihar TRE-4 News: हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग के साथ बैठक की थी. इसके बाद यह निर्णय हुआ था कि हर साल 20 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी. ऐसे में अब टीआरई-4 पर सबकी नजर है.

बिहार में चौथे चरण के तहत शिक्षकों की भर्ती होनी है. टीआरई-4 (TRE-4) के शिक्षक अभ्यर्थी लगातार भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग भी कर रहे हैं. कई बार पटना में प्रदर्शन हो चुका है. लाठीचार्ज के साथ-साथ छात्र नेताओं की गिरफ्तारी तक हो चुकी है. इसके बावजूद अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है. इस बीच टीआरई-4 के अभ्यर्थियों के सामने एक नया प्रश्न घूम रहा है कि 46,000 पदों पर भर्ती निकलेगी या फिर 20,000 पर बहाली होगी? दूसरी ओर विज्ञापन को लेकर भी सवाल बना हुई है. इस बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का ताजा बयान आया है.
मिथिलेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत में विज्ञापन को लेकर साफ कहा कि जुलाई में निश्चित आएगा. पूछा गया कि क्या 20 हजार पदों के लिए आएगा? इस पर कहा कि जुलाई में विज्ञापन आएगा और आएगा तो पता चल जाएगा कि कितनी सीटों के लिए आ रहा है.
हाल ही सीएम सम्राट चौधरी ने की थी बैठक
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट तौर से नहीं बताया कि भर्ती कितने पदों पर होगी. गौरतलब हो कि 46 हजार या 20 हजार को लेकर सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग के साथ बैठक की थी. इसके बाद यह निर्णय हुआ था कि हर साल 20 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी. इस तरह अगले पांच साल में एक लाख शिक्षकों की बहाली होगी. ऐसे में टीआरई-4 पर नजर है कि कितने पद आते हैं.
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इससे पहले टीआरई-4 को लेकर यह खबर सामने आई थी कि चौथे चरण में करीब 46,000 पदों पर भर्ती होगी. अब शिक्षक अभ्यर्थी इस को लेकर नाराजगी भी जता रहे हैं. उनकी मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाई जाए. अब विज्ञापन जारी होने के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि टीआरई-4 में कितने पदों के लिए भर्ती होती है.
बता दें कि लगातार शिक्षा मंत्री अपने विभाग की बैठक कर रहे हैं. शिक्षा-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए जा रहे हैं. अभी बीते मंगलवार (26 मई, 2026) को भी शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी. राज्य में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं, विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर उन्होंने विस्तृत समीक्षा की थी. बैठक में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
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