एक्सप्लोरर

कहां से होते हैं दुनिया के सबसे खतरनाक साइबर हमले? भारत का पड़ोसी देश बना सबसे बड़ा डिजिटल खतरा

Cyber Attacks: जब भी साइबर हमलों की खबरें सामने आती हैं लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि आखिर ये हमले कहां से किए जाते हैं और दुनिया के सबसे खतरनाक हैकर किस देश में बैठे हैं.

Cyber Attacks: जब भी साइबर हमलों की खबरें सामने आती हैं लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि आखिर ये हमले कहां से किए जाते हैं और दुनिया के सबसे खतरनाक हैकर किस देश में बैठे हैं.

आज पूरी दुनिया इंटरनेट और डिजिटल तकनीक पर निर्भर हो चुकी है. बैंकिंग से लेकर शॉपिंग, ऑफिस के काम से लेकर निजी बातचीत तक, हर चीज ऑनलाइन हो रही है. टेक्नोलॉजी ने इंसानी जिंदगी को आसान जरूर बनाया है लेकिन इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ा है. अब हालात ऐसे हैं कि कुछ मिनटों के भीतर किसी व्यक्ति का बैंक अकाउंट खाली हो सकता है निजी डेटा चोरी हो सकता है और बड़ी कंपनियों के सिस्टम तक ठप किए जा सकते हैं.

1/8
जब भी साइबर हमलों की खबरें सामने आती हैं लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि आखिर ये हमले कहां से किए जाते हैं और दुनिया के सबसे खतरनाक हैकर किस देश में बैठे हैं. इस सवाल का जवाब थोड़ा जटिल जरूर है, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने उन देशों की पहचान की है जहां से सबसे ज्यादा साइबर गतिविधियां देखी जाती हैं. ग्लोबल साइबर थ्रेट से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया में होने वाले साइबर हमलों का बड़ा हिस्सा चीन से जुड़े नेटवर्क या हैकर समूहों से जुड़ा पाया गया है. दावा किया जाता है कि लगभग 40 प्रतिशत साइबर अटैक चीनी IP एड्रेस या चीन से जुड़े हैकर नेटवर्क से संचालित होते हैं.
जब भी साइबर हमलों की खबरें सामने आती हैं लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि आखिर ये हमले कहां से किए जाते हैं और दुनिया के सबसे खतरनाक हैकर किस देश में बैठे हैं. इस सवाल का जवाब थोड़ा जटिल जरूर है, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने उन देशों की पहचान की है जहां से सबसे ज्यादा साइबर गतिविधियां देखी जाती हैं. ग्लोबल साइबर थ्रेट से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया में होने वाले साइबर हमलों का बड़ा हिस्सा चीन से जुड़े नेटवर्क या हैकर समूहों से जुड़ा पाया गया है. दावा किया जाता है कि लगभग 40 प्रतिशत साइबर अटैक चीनी IP एड्रेस या चीन से जुड़े हैकर नेटवर्क से संचालित होते हैं.
2/8
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन के कई एडवांस्ड हैकर ग्रुप कॉरपोरेट जासूसी, संवेदनशील सरकारी जानकारी चुराने और बड़ी कंपनियों की टेक्नोलॉजी हासिल करने पर फोकस करते हैं. इन हमलों का उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं होता बल्कि रणनीतिक और तकनीकी बढ़त हासिल करना भी होता है. साइबर हमलों के मामले में रूस का नाम भी बेहद ऊपर आता है. रूस से जुड़े हैकर समूह खासतौर पर रैंसमवेयर हमलों के लिए बदनाम हैं. इस तरह के हमलों में किसी कंपनी या संस्थान के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक कर दिया जाता है और फिर उसे खोलने के बदले भारी रकम मांगी जाती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन के कई एडवांस्ड हैकर ग्रुप कॉरपोरेट जासूसी, संवेदनशील सरकारी जानकारी चुराने और बड़ी कंपनियों की टेक्नोलॉजी हासिल करने पर फोकस करते हैं. इन हमलों का उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं होता बल्कि रणनीतिक और तकनीकी बढ़त हासिल करना भी होता है. साइबर हमलों के मामले में रूस का नाम भी बेहद ऊपर आता है. रूस से जुड़े हैकर समूह खासतौर पर रैंसमवेयर हमलों के लिए बदनाम हैं. इस तरह के हमलों में किसी कंपनी या संस्थान के कंप्यूटर सिस्टम को लॉक कर दिया जाता है और फिर उसे खोलने के बदले भारी रकम मांगी जाती है.
3/8
इसके अलावा रूस से जुड़े कई ग्रुप बड़े पैमाने पर DDoS अटैक भी करते हैं जिनमें किसी वेबसाइट या नेटवर्क पर इतना ज्यादा ट्रैफिक भेजा जाता है कि वह पूरी तरह ठप पड़ जाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक साइबर हमलों में रूस की हिस्सेदारी 15 से 25 प्रतिशत के बीच मानी जाती है. अमेरिकी टेक कंपनी Microsoft की Digital Defense Report 2025 के अनुसार, चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से जुड़े साइबर ग्रुप लगातार दुनिया भर में सक्रिय हैं. ये समूह सरकारी संस्थानों, बिजली नेटवर्क, रक्षा सिस्टम और संवेदनशील डेटा को निशाना बनाते हैं.
इसके अलावा रूस से जुड़े कई ग्रुप बड़े पैमाने पर DDoS अटैक भी करते हैं जिनमें किसी वेबसाइट या नेटवर्क पर इतना ज्यादा ट्रैफिक भेजा जाता है कि वह पूरी तरह ठप पड़ जाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक साइबर हमलों में रूस की हिस्सेदारी 15 से 25 प्रतिशत के बीच मानी जाती है. अमेरिकी टेक कंपनी Microsoft की Digital Defense Report 2025 के अनुसार, चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से जुड़े साइबर ग्रुप लगातार दुनिया भर में सक्रिय हैं. ये समूह सरकारी संस्थानों, बिजली नेटवर्क, रक्षा सिस्टम और संवेदनशील डेटा को निशाना बनाते हैं.
4/8
ईरान और उत्तर कोरिया पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वे साइबर हमलों का इस्तेमाल राजनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने के लिए करते हैं. खासतौर पर उत्तर कोरिया पर क्रिप्टोकरेंसी चोरी और वित्तीय साइबर अपराधों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी हमले का किसी देश से दिखाई देना इस बात का पक्का सबूत नहीं होता कि हमला वहीं से किया गया है. कई हैकर अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN, क्लाउड सर्वर और दूसरे देशों के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं. इसी वजह से साइबर हमलों की असली लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
ईरान और उत्तर कोरिया पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वे साइबर हमलों का इस्तेमाल राजनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने के लिए करते हैं. खासतौर पर उत्तर कोरिया पर क्रिप्टोकरेंसी चोरी और वित्तीय साइबर अपराधों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी हमले का किसी देश से दिखाई देना इस बात का पक्का सबूत नहीं होता कि हमला वहीं से किया गया है. कई हैकर अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN, क्लाउड सर्वर और दूसरे देशों के नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं. इसी वजह से साइबर हमलों की असली लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
5/8
साइबर हमलों का सबसे बड़ा असर अमेरिका पर देखने को मिला. रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में अमेरिका में करीब 31 हजार से ज्यादा साइबर घटनाएं दर्ज की गईं. बैंकिंग सिस्टम, अस्पताल और सरकारी एजेंसियां सबसे ज्यादा निशाने पर रहीं. कई रैंसमवेयर हमलों की वजह से अस्पतालों का कामकाज तक प्रभावित हुआ.
साइबर हमलों का सबसे बड़ा असर अमेरिका पर देखने को मिला. रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में अमेरिका में करीब 31 हजार से ज्यादा साइबर घटनाएं दर्ज की गईं. बैंकिंग सिस्टम, अस्पताल और सरकारी एजेंसियां सबसे ज्यादा निशाने पर रहीं. कई रैंसमवेयर हमलों की वजह से अस्पतालों का कामकाज तक प्रभावित हुआ.
6/8
अमेरिका के बाद यूनाइटेड किंगडम दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा. यहां फिशिंग, पासवर्ड चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. कनाडा भी साइबर हमलों से अछूता नहीं रहा. वहां अस्पतालों, स्कूलों और ऊर्जा कंपनियों पर लगातार डिजिटल हमले हुए. अमेरिका के साथ जुड़े नेटवर्क की वजह से सीमा पार साइबर खतरे भी तेजी से बढ़े.
अमेरिका के बाद यूनाइटेड किंगडम दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा. यहां फिशिंग, पासवर्ड चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. कनाडा भी साइबर हमलों से अछूता नहीं रहा. वहां अस्पतालों, स्कूलों और ऊर्जा कंपनियों पर लगातार डिजिटल हमले हुए. अमेरिका के साथ जुड़े नेटवर्क की वजह से सीमा पार साइबर खतरे भी तेजी से बढ़े.
7/8
जर्मनी में ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री हैकरों के निशाने पर रही. कई कंपनियों के रिसर्च डेटा और डिजाइन सिस्टम को हैक करने की कोशिशें सामने आईं. वहीं ऑस्ट्रेलिया में सरकारी प्लेटफॉर्म, टेलीकॉम नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को निशाना बनाया गया.
जर्मनी में ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री हैकरों के निशाने पर रही. कई कंपनियों के रिसर्च डेटा और डिजाइन सिस्टम को हैक करने की कोशिशें सामने आईं. वहीं ऑस्ट्रेलिया में सरकारी प्लेटफॉर्म, टेलीकॉम नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को निशाना बनाया गया.
8/8
भारत भी अब साइबर अपराधियों के बड़े निशाने पर आ चुका है. डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फिशिंग, OTP फ्रॉड और पासवर्ड चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में भारत में लगभग 13,883 साइबर घटनाएं रिकॉर्ड की गईं जिसके बाद भारत दुनिया में साइबर हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में छठे स्थान पर पहुंच गया.
भारत भी अब साइबर अपराधियों के बड़े निशाने पर आ चुका है. डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फिशिंग, OTP फ्रॉड और पासवर्ड चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में भारत में लगभग 13,883 साइबर घटनाएं रिकॉर्ड की गईं जिसके बाद भारत दुनिया में साइबर हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में छठे स्थान पर पहुंच गया.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

नौकरी से पहले ही AI कर रहा है आपकी जासूसी? जानें क्या है Bossware
नौकरी से पहले ही AI कर रहा है आपकी जासूसी? जानें क्या है Bossware
होटल के Wi-Fi से कनेक्ट होते ही हैक हो जाएगा डेटा! Microsoft की चेतावनी
होटल के Wi-Fi से कनेक्ट होते ही हैक हो जाएगा डेटा! Microsoft की चेतावनी
बारिश में Wi-Fi की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? सिर्फ नेटवर्क की नहीं है गलती
बारिश में Wi-Fi की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? सिर्फ नेटवर्क की नहीं है गलती
बंद हो गई Google Drive की ये सर्विस! तुरंत करें ये काम नहीं तो उड़ जाएगा डेटा
बंद हो गई Google Drive की ये सर्विस! तुरंत करें ये काम नहीं तो उड़ जाएगा डेटा
Advertisement

वीडियोज

Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दिल्ली के तापमान में आई गिरावट, आज हल्की बारिश का आसार, जानें अपडेट
दिल्ली के तापमान में आई गिरावट, आज हल्की बारिश का आसार, जानें अपडेट
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
Kanwariya Lying on Iron Nails: लोहे की कीलों पर लेटकर कांवड़ यात्रा कर रहा भोले का भक्त, वीडियो वायरल
लोहे की कीलों पर लेटकर कांवड़ यात्रा कर रहा भोले का भक्त, वीडियो वायरल
गोमूत्र से कमाई: 15 गांवों में शुरू हुआ अनोखा प्रोजेक्ट
गोमूत्र से कमाई: 15 गांवों में शुरू हुआ अनोखा प्रोजेक्ट
Embed widget