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सेकंड हैंड फोन लेने से पहले रुकिए! एक छोटी सी वेरिफिकेशन गलती करा सकती है बड़ा नुकसान
Second Hand Smartphone: आज के समय में महंगे स्मार्टफोन हर किसी की पहुंच में नहीं होते इसलिए लोग सेकंड हैंड या रिफर्बिश्ड फोन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
आज के समय में महंगे स्मार्टफोन हर किसी की पहुंच में नहीं होते इसलिए लोग सेकंड हैंड या रिफर्बिश्ड फोन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. कम कीमत में अच्छा फोन मिल जाना फायदे का सौदा लगता है लेकिन अगर खरीदने से पहले थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए तो यही सस्ता फोन आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकता है. कई मामलों में लोग बिना जांच-पड़ताल के फोन ले लेते हैं और बाद में पछताना पड़ता है.
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सेकंड हैंड फोन खरीदते समय सबसे बड़ी गलती होती है उसकी सही तरह से वेरिफिकेशन न करना. हो सकता है वह फोन चोरी का हो, ब्लैकलिस्टेड हो या फिर उस पर किसी और का आईडी अकाउंट पहले से लिंक हो. ऐसे फोन पर नेटवर्क बंद हो सकता है, सिम काम करना बंद कर सकती है या फिर कानूनी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं. इसलिए फोन का इतिहास जानना बेहद जरूरी हो जाता है.
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हर मोबाइल फोन का एक यूनिक IMEI नंबर होता है जिससे उसकी पहचान की जाती है. फोन खरीदने से पहले *#06# डायल करके IMEI नंबर निकालें और उसे सरकारी या भरोसेमंद पोर्टल पर चेक करें. इससे पता चल जाता है कि फोन चोरी का तो नहीं है या किसी शिकायत में तो दर्ज नहीं है. अगर IMEI ब्लॉक हुआ निकला तो ऐसा फोन लेना सीधे-सीधे नुकसान को बुलावा देना है.
Published at : 27 Jan 2026 10:13 AM (IST)
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