एक्सप्लोरर

क्या ट्रांसपैरेंट पैनल से बदल जाएगा सोलर एनर्जी का गेम? यहां जानें

Transparent Solar Panels: ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल एक साथ दो काम करते हैं. ये सनलाइन को बिजली में भी बदलते हैं और अपने अंदर से सनलाइट को पास भी होने देते हैं. इनकी कम एफिशिएंसी बड़ी चुनौती बनी हुई है.

Transparent Solar Panels: ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल एक साथ दो काम करते हैं. ये सनलाइन को बिजली में भी बदलते हैं और अपने अंदर से सनलाइट को पास भी होने देते हैं. इनकी कम एफिशिएंसी बड़ी चुनौती बनी हुई है.

Transparent Solar Panels: ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल को इनविजिबल या क्लियर सोलर पैनल के नाम से भी जाना जाता है. ये एक नई तरह की photovoltaic (PV) टेक्नोलॉजी है, जो अपने सनलाइट को अपने अंदर से पास होने देती है और उससे बिजली भी जनरेट कर सकती है. रेगुलर सोलर पैनल जहां सनलाइट को ब्लॉक कर लेते हैं, वहीं ये पैनल अल्ट्रा वॉयलेट और इंफ्रारेड लाइट को एब्जॉर्ब कर बाकी विजिबल लाइट को पास होने देते हैं. सबसे पहले इस तरह के पैनल को 2014 में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने डेवपल किया था.

1/7
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल अभी भी रेगुलर पैनल की तरह कमर्शियलाइज नहीं हो पाए हैं और इन पर काम चल रहा है. इनकी एफिशिएंसी 4-12 प्रतिशत है, जो सिलिकॉन पैनल के मुकाबले काफी कम है. यही कारण है कि इन पैनल्स को बड़े स्तर पर इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. पूरी तरह ट्रांसपैरेंट पैनल की एफिशिएंसी 5-8 प्रतिशत होती है, वहीं ऑर्गेनिक PV और perovskite से बने ट्रांसलुसेंट पैनल की एफिशिएंसी 7-12 प्रतिशत तक जाती है.
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल अभी भी रेगुलर पैनल की तरह कमर्शियलाइज नहीं हो पाए हैं और इन पर काम चल रहा है. इनकी एफिशिएंसी 4-12 प्रतिशत है, जो सिलिकॉन पैनल के मुकाबले काफी कम है. यही कारण है कि इन पैनल्स को बड़े स्तर पर इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. पूरी तरह ट्रांसपैरेंट पैनल की एफिशिएंसी 5-8 प्रतिशत होती है, वहीं ऑर्गेनिक PV और perovskite से बने ट्रांसलुसेंट पैनल की एफिशिएंसी 7-12 प्रतिशत तक जाती है.
2/7
रिसर्चर और कंपनियां लगातार नए-नए एक्सपेरिमेंट के जरिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी और मैटेरियल से इनकी एफिशिएंसी बढ़ाने की कोशिशों में लगे हुए हैं. इस प्रयास में कई तरह के पैनल हमारे सामने आए हैं. इनमें Transparent luminescent solar concentrators, Organic photovoltaic cells, Perovskite solar cells और Transparent conductive films आदि शामिल हैं. इनमें अलग-अलग टेक्नोलॉजी और मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है.
रिसर्चर और कंपनियां लगातार नए-नए एक्सपेरिमेंट के जरिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी और मैटेरियल से इनकी एफिशिएंसी बढ़ाने की कोशिशों में लगे हुए हैं. इस प्रयास में कई तरह के पैनल हमारे सामने आए हैं. इनमें Transparent luminescent solar concentrators, Organic photovoltaic cells, Perovskite solar cells और Transparent conductive films आदि शामिल हैं. इनमें अलग-अलग टेक्नोलॉजी और मैटेरियल का इस्तेमाल किया गया है.
3/7
अगर ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल के काम करने के तरीके की बात करें तो इसमें Luminescent material लगा होता है, जो UV और इंफ्रारेड को एब्जॉर्ब कर लेता है. इसके बाद इंडियन टिन ऑक्साइड और सिल्वर नैनोवायर्स इस इलेक्ट्रिसिटी को पूरे पैनल में ले जाते हैं. इस पर लगी एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग ग्लेयर कम करती है और लाइट को सरफेस से टकराकर वापस जाने से रोकती है. आखिर में लाइट-गाइडिंग लेयर का काम आता है, जो लाइट को किनारों पर लगे सोलर सेल्स तक ले जाती हैं. ये सेल्स सनलाइट को इलेक्ट्रिसिटी में बदलती हैं.
अगर ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल के काम करने के तरीके की बात करें तो इसमें Luminescent material लगा होता है, जो UV और इंफ्रारेड को एब्जॉर्ब कर लेता है. इसके बाद इंडियन टिन ऑक्साइड और सिल्वर नैनोवायर्स इस इलेक्ट्रिसिटी को पूरे पैनल में ले जाते हैं. इस पर लगी एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग ग्लेयर कम करती है और लाइट को सरफेस से टकराकर वापस जाने से रोकती है. आखिर में लाइट-गाइडिंग लेयर का काम आता है, जो लाइट को किनारों पर लगे सोलर सेल्स तक ले जाती हैं. ये सेल्स सनलाइट को इलेक्ट्रिसिटी में बदलती हैं.
4/7
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं. कॉन्फिगरेशन के आधार पर ये अलग-अलग मैटेरियल से बने होते हैं और इनकी ट्रांसपैरेंसी भी अलग-अलग होती है. पूरी तरह ट्रांसपैरेंट पैनल की बात करें तो ये मैक्सिमम क्लैरिटी देते हैं. इसी तरह सेमी ट्रांसपैरेंट पैनल आते हैं, जिनकी एफिशिएंसी 7-12 प्रतिशत होती है. ट्रांसपैरेंट पैनल के टिंटेड वर्जन भी होते हैं, जो गर्मी को कम कर देते हैं. इसके अलावा कर्व्ड सरफेस के लिए फ्लेक्सिबल ट्रांसपैरेंट फिल्म भी आती है.
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं. कॉन्फिगरेशन के आधार पर ये अलग-अलग मैटेरियल से बने होते हैं और इनकी ट्रांसपैरेंसी भी अलग-अलग होती है. पूरी तरह ट्रांसपैरेंट पैनल की बात करें तो ये मैक्सिमम क्लैरिटी देते हैं. इसी तरह सेमी ट्रांसपैरेंट पैनल आते हैं, जिनकी एफिशिएंसी 7-12 प्रतिशत होती है. ट्रांसपैरेंट पैनल के टिंटेड वर्जन भी होते हैं, जो गर्मी को कम कर देते हैं. इसके अलावा कर्व्ड सरफेस के लिए फ्लेक्सिबल ट्रांसपैरेंट फिल्म भी आती है.
5/7
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल के यूज की बात करें तो इसे बिल्डिंग की खिड़कियों, फसाड, कारों के शीशें, विंडशील्ड, सनरूफ, ग्रीनहाउस एग्रीकल्चर, मॉल्स, एयरपोर्ट और ऑफिस में स्काईलाइट के तौर पर, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, बस स्टॉप, ट्रेन स्टेशन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल बिलबोर्ड आदि में इस्तेमाल किया जा सकता है.
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल के यूज की बात करें तो इसे बिल्डिंग की खिड़कियों, फसाड, कारों के शीशें, विंडशील्ड, सनरूफ, ग्रीनहाउस एग्रीकल्चर, मॉल्स, एयरपोर्ट और ऑफिस में स्काईलाइट के तौर पर, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, बस स्टॉप, ट्रेन स्टेशन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल बिलबोर्ड आदि में इस्तेमाल किया जा सकता है.
6/7
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल की कम एफिशिएंसी इसका सबसे बड़ा नुकसान है. कम एफिशिएंसी के कारण ये पॉपुलर नहीं हो पाए हैं. रेगुलर पैनल अब जहां एफिशिएंसी के मामले में 27 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं, वहीं ये पैनल 12 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पाए हैं. इसके अलावा ज्यादा लागत, कम अवैलिबिलिटी और कम लाइफस्पैन जैसे कारण इनके खिलाफ जाते हैं.
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल की कम एफिशिएंसी इसका सबसे बड़ा नुकसान है. कम एफिशिएंसी के कारण ये पॉपुलर नहीं हो पाए हैं. रेगुलर पैनल अब जहां एफिशिएंसी के मामले में 27 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं, वहीं ये पैनल 12 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पाए हैं. इसके अलावा ज्यादा लागत, कम अवैलिबिलिटी और कम लाइफस्पैन जैसे कारण इनके खिलाफ जाते हैं.
7/7
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि क्या वो एफिशिएंसी और लाइफस्पैन के मामले में ट्रेडिशनल सिलिकॉन पैनल की बराबरी कर सकते हैं. ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल की टेक्नोलॉजी बहुत प्रॉमिसिंग है और अगर ये चुनौतियों से पार पा लेते हैं तो इनकी पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ सकती है.
ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि क्या वो एफिशिएंसी और लाइफस्पैन के मामले में ट्रेडिशनल सिलिकॉन पैनल की बराबरी कर सकते हैं. ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल की टेक्नोलॉजी बहुत प्रॉमिसिंग है और अगर ये चुनौतियों से पार पा लेते हैं तो इनकी पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ सकती है.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

फ्रिज का यह छोटा-सा फिल्टर क्यों है खास? जानें कब और कैसे करें साफ
फ्रिज का यह छोटा-सा फिल्टर क्यों है खास? जानें कब और कैसे करें साफ
प्रदर्शन में कैसे काम करेंगे दिल्ली पुलिस के बॉडी वार्न कैमरे? जानें टेक्नोलॉजी
प्रदर्शन में कैसे काम करेंगे दिल्ली पुलिस के बॉडी वार्न कैमरे? जानें टेक्नोलॉजी
Snapdragon चिप और 8,400mAh बैटरी, iQOO 16 की भारत में एंट्री करीब?
Snapdragon चिप और 8400mAh बैटरी, iQOO 16 की भारत में एंट्री करीब?
Explained: एलन मस्क क्यों बोले- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? जियो-एयरटेल का रोड़ा बना स्टालिंक!
एलन मस्क क्यों बोले- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? जियो-एयरटेल का रोड़ा बना स्टालिंक!
Advertisement

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
Embed widget