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सोशल मीडिया पर नई पाबंदी! बच्चों से मांगी जा रही ID, क्या खतरे में है आपकी प्राइवेसी?
Social Media: पिछले कुछ सालों में बच्चों की इंटरनेट तक पहुंच काफी बढ़ी है. इसके साथ ही अश्लील कंटेंट, हिंसक वीडियो और ऑनलाइन ठगी जैसी चीजों का खतरा भी बढ़ा है.
आज इंटरनेट सिर्फ जानकारी पाने का जरिया नहीं रहा बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सरकारें और टेक कंपनियां ज्यादा सतर्क हो गई हैं. इसी वजह से अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उम्र की पुष्टि यानी Age Verification को अनिवार्य बनाने की चर्चा तेज हो गई है. जहां एक तरफ इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर इससे प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं.
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उम्र वेरिफाई एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें कोई ऐप या वेबसाइट यह तय करती है कि यूजर की उम्र क्या है और उसी आधार पर उसे कंटेंट दिखाया जाता है. इसका मकसद बच्चों को ऐसे कंटेंट से दूर रखना है जो उनके लिए सही नहीं है. Instagram और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म भी अब इस दिशा में लगातार नए उपाय तलाश रहे हैं.
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पिछले कुछ सालों में बच्चों की इंटरनेट तक पहुंच काफी बढ़ी है. इसके साथ ही अश्लील कंटेंट, हिंसक वीडियो और ऑनलाइन ठगी जैसी चीजों का खतरा भी बढ़ा है. ऐसे माहौल में बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उम्र की पुष्टि को जरूरी माना जा रहा है. इसके अलावा साइबर बुलिंग और ऑनलाइन अपराधों से बचाने के लिए भी यह कदम अहम समझा जा रहा है.
Published at : 20 Apr 2026 01:41 PM (IST)
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