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Who was Basit Dar: 18 केस में वांटेड, कश्मीरी पंडितों का कातिल... जानिए कौन था बासित डार, जो कुलगाम में हुआ ढेर
कुलगाम के रेडवानी में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया. इनमें टीआरएफ का कमांडर बासित डार भी शामिल था. बासित साथियों के साथ एक घर में छिपा था. सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया.
जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मंगलवार (7 मई) को बड़ी सफलता मिली. सुरक्षाबलों ने कुलगाम के रेडवानी में लश्कर के स्थानीय कमांडर बासित डार समेत 2 आतंकियों को ढेर कर दिया. बासित डार पर 10 लाख का इनाम था. वह A कैटेगरी का आतंकी था. बासित डार के एनकाउंटर को सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि वह कश्मीरी पंडितों से पुलिसकर्मियों की हत्या के कई मामलों में शामिल था.
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बासित डार लश्कर के द रेसिसटेंस फ्रंट (TRF) का कमांडर था. डार 18 आतंकी हमलों में वांटेड था. बासित कुलगाम के रेडवानी का रहने वाला था. वह तीन साल पहले अपने घर से फरार हो गया था. इसके बाद वह टीआरएफ में शामिल हो गया.
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NIA ने बासित डार 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. बासित डार की मौत TRF के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. 2
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कश्मीर IGP विधी कुमार ने बताया, ''कुलगाम के रेडवानी में हुए ऑपरेशन में दो आतंकी मारे गए. मारे गए आतंकियों के शव बरामद हो चुके हैं. इनमें एक आतंकी की पहचान बासित डार के तौर पर हुई है. वह A कैटेगरी का आतंकी था. उस पर 18 केस दर्ज थे. बासित डार की मौत हमारे लिए काफी बड़ी सफलता है.''
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सुरक्षाबलों के मुताबिक, रेडवानी इलाके में सोमवार को बासित डार समेत कुछ आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इसे मंगलवार को भी जारी रखा गया. मंगलवार को जब सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी.
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इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग की. इसमें दो आतंकी मारे गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फायरिंग के दौरान जिस घर में आतंकी छिपे, उसमें भी आग लग गई. विधी कुमार ने बताया, पुलिस के पास बासित के पुलिसकर्मियों, अल्पसंख्यकों और नागरिकों पर हमले की साजिश रचने और योजना बनाने में शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं. कश्मीर IGP विधी कुमार ने बताया कि रेडवानी में अभी भी सर्च ऑपरेशन डारी है.
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बासित डार श्रीनगर में एक्टिव था और इसी क्षेत्र में टीआरएफ के ऑपरेशन्स को अंजाम दे रहा था. विधी कुमार ने बताया, डार समेत अन्य आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान आत्मसमर्पण करने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने सुरक्षाबलों की चेतावनी पर ध्यान देने की बजाय फायरिंग शुरू कर दी.
Published at : 08 May 2024 08:39 AM (IST)
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