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हनुमान मंदिर जाकर उसी रास्ते से लौटना चाहिए या नहीं? जानिए इसके पीछे की मान्यता!
God Hanuman: हनुमान जी बुद्धि और भक्ति के प्रतीक हैं, जिनकी पूजा करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, लेकिन मान्यता है कि हनुमान मंदिर जाकर लौटते समय वही रास्ता नहीं अपनाना चाहिए ऐसा क्यों? आइए जानें.
भगवान हनुमान
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हनुमान जी शक्ति, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक हैं, जो भगवान राम के परम भक्त हैं, जिनका जन्म माता अंजना और वायु देव (पवन देव) के वरदान स्वरूप हुआ था; वे रामायण के प्रमुख पात्र हैं और अपनी असीमित शक्ति, साहस, निस्वार्थ सेवा और अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते हैं, जो शिव के अवतार भी माने जाते हैं और चिरंजीवी (अमर) होने का वरदान प्राप्त है.
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हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों के संकट दूर होते हैं और मन्नत पूरी होती है. विशेष रूप से साढ़े साती या ढैया से जुड़े प्रभावों को कम करने में हनुमान जी का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है. जब भक्त अपने संकटों को दूर करने के लिए हनुमान मंदिर जाते हैं, तो वे अपने साथ दुख, चिंता, बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा लेकर जाते हैं.
Published at : 16 Dec 2025 04:41 PM (IST)
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मेघा प्रसादसीनियर एडिटर (पॉलिटिकल अफेयर्स)
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