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'वेट बल्ब टेम्परेचर' क्या होता है? क्या ये हीटवेब से भी ज्यादा खतरनाक है?
इंसान का शरीर एक हद तक गर्मी बर्दाश्त कर सकता है. अगर ज्यादा गर्मी बढ़ती है कई सारी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. वहीं दिल्ली में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच चुका है.
उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ रही है. हीटवेव के कारण हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हीटवेव से भी ज्यादा खतरनाक है वेट बल्ब टेम्परेचर है.
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टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी के कॉम्बिनेशन को 'वेट बल्ब टेम्परेचर' कहा जाता है. इसमें हवा की नमी को मापा जाता है. वेट बल्प टेंपरेचर में गर्मी के साथ ह्यूमिडिटी को भी मापा जाता है.
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जब गर्म थर्मामीटर का बल्ब और ठंडा कपड़ा जो तापमान देगा उसे वेट बल्ब टेम्परेचर कहा जाता है. इसमें तापमान भले ही कम होता है लेकिन ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है.
Published at : 29 May 2024 06:59 PM (IST)
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