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क्या दिवाली के पटाखों का शोर भी ले सकता है जान, यह सेहत के लिए कितना खतरनाक
दिवाली के पटाखों से निकलने वाला शोर इंसान से लेकर जानवर तक के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और यहां तक कि सुनने की क्षमता को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
दिवाली के पटाखों की शोर से जानवर डरने लगते हैं. जिसके कारण उनके शरीर में कंपन होने लगते हैं. और जानवर लार टपकाने लगते हैं. चीखने और भौंकने लगते हैं. ऐसी ही स्थिति साल 2018 की फेमस साउथ इंडियन फिल्म परियेरुम पेरुमल की प्यारी डॉगी के साथ हुआ. प्यारी डॉगी करुप्पी की मौत हो गई. पटाखों की धमाकेदार आवाज़ से घबराकर, करुप्पी तिरुनेलवेली में अपने घर से भाग गई और एक बस की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई.
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सुनने की क्षमता कम होना: पटाखों से निकलने वाली तेज आवाजें सुनने की क्षमता को कम कर सकती हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.पटाखों की शोर तनाव के स्तर को बढ़ा सकता है. शोर नींद में खलल डाल सकता है.शोर के कारण हाई बीपी भी बढ़ा सकता है.
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पटाखों की शोर से तेज आवाजें बुजुर्गों में दिल के दौरे का कारण बन सकती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं. पटाखों से निकलने वाले धुएं को अंदर लेने से अस्थमा का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ सकती है. शोर मानसिक दुर्बलता का कारण बन सकता है.
Published at : 04 Nov 2024 05:30 PM (IST)
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