पोलैंड में 800 से अधिक योग केंद्र हैं जहां पूरे वर्ष पोलैंड के शिक्षकों द्वारा पूर्ण कोर्स कराए जाते हैं. वारसा में ही एक सौ से ज्यादा योग विद्यालय हैं. फोटोः एपी
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सिंह इस देश में बीते चार वर्षो में योग दिवस के मुख्य आयोजनकर्ता रहे हैं. उनके प्रयास से ही योग की कला इस देश के कई कोनों तक पहुंची है. फोटोः एएफपी
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भारत-पोलैंड चैंबर एंड कामर्स(आईपीसीसी) के अध्यक्ष जे.जे. सिंह ने कहा कि योग का अभ्यास करके दुनिया के नीति निर्माता एक-दूसरे के साथ ज्यादा विश्वास पैदा कर सकते हैं. विश्व कई बेवजह के पूर्वाग्रहों से बाहर आ सकता है. फोटोः एएफपी
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उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री द्वारा योग को एक वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है. उनकी वजह से ही संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया. उसके बाद से ही योग दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है. फोटोः एएफपी
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लोगों को संबोधित करते हुए नामग्याल ने पूरे देश से योग को मिल रही प्रतिक्रिया पर संतुष्टि जताई. फोटोः एएफपी
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इस बार योग दिवस के लिए वारसा में लजिनिकी पार्क को चुना गया था, जहां लोग दिनभर आसन या योग करने के लिए जमा हुए. फोटोः एएफपी
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पोलैंड में भारत के नए राजदूत सेवांग नामग्याल ने वारसा में सुबह 10 बजे से ही समारोह की अगुवाई की. कई विदेशी नागरिकों ने भी इस समारोह में भाग लिया. फोटोः एएफपी
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भारतीय दूतावास से जुड़ी योग प्रशिक्षका कीर्ति गहलावत यहां लोगों को इस प्राचीन कला से रूबरू करवा रही थी. फोटोः एएफपी
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यह सिर्फ राजधानी वारसा में ही नहीं मनाया गया, बल्कि यह कराकोव, वरोक्लाव, पोजनेन, लॉड्ज समेत कई छोटे और बड़े शहरों और दुनियाभर के कई देशों में मनाया गया. फोटोः एएफपी
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पोलैंड में रविवार को करीब तीन हजार से ज्यादा लोगों ने चौथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया. पोलैंड में कई नागरिकों के लिए योग जीने का एक तरीका बन गया है. फोटोः एएफपी