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World Sparrow Day: शहरों में नजर क्यों नहीं आती हैं गौरैया, सिर्फ गांवों से ही क्यों रह गया कनेक्शन?
World Sparrow Day: आज वर्ल्ड स्पैरो डे है. हाउस स्पैरो पहले घरों में आमतौर पर आसानी से दिख जाती थीं, लेकिन अब शहरों से तो ये चिड़िया लुप्त हो चली हैं. हालांकि गांवों में अभी भी इनका बसेरा है.
World Sparrow Day: गौरेया एक ऐसी चिड़िया है, जिसे हम पहले अक्सर घर-आंगन में फुदकते हुए देखा करते थे. जब भी हम उनको खाना-पानी देते थे तो वो अक्सर हमारे घरों में आती थीं, अपना घोंसला बनाती थीं और फिर उसमें उनके छोटे-छोटे बच्चे होते थे. लेकिन अब शहर कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे हैं, जिससे पेड़ खत्म हो रहे हैं और गौरेया भी शहरों में नजर नहीं आ रही हैं. लेकिन गांवों से अभी तक उनका आशियाना हटा नहीं है. चलिए जानें कि आखिर ऐसा क्यों है.
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दुनियाभर में 20 मार्च को वर्ल्ड स्पैरो डे मनाया जाता है. हाउस स्पैरो गौरेया की सबसे सामान्य प्रजाति मानी जाती है.
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पहले तो लोग घरों में बालकनी में, छत पर इस चिड़िया को बैठे हुए देखते थे, लेकिन अब ये शहरों से बिल्कुल गायब सी हो चुकी हैं. यहां ये बहुत कम ही नजर आती हैं.
Published at : 20 Mar 2025 03:36 PM (IST)
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