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झंडे में लाल-सफेद-हरा सब रंग दिखा, पर पर्पल नहीं? आखिर क्यों ‘कंट्री फ्लैग’ से गायब रहता है यह कलर?
Purple Colour History: अगर आपने ध्यान दिया हो तो पर्पल कलर दुनिया के झंडो से एकदम गायब है. इसके गायब होने के पीछे की वजह भी बेहद दिलचस्प है. आइए इसकी कहानी के बारे में जान लेते हैं.
देशों के झंडों पर नजर डालें तो रंगों की दुनिया खुली किताब की तरह सामने आ जाती है- लाल की आंच, सफेद की शांति, हरे की ताजगी… लेकिन एक रंग ऐसा है जो दुनिया के झंडों से ऐसे गायब है जैसे उस रंग के साथ किसी राज को छिपाकर रखा गया हो. उस कलर का नाम है पर्पल! आखिर ऐसा क्या है इस रंग में कि यह राष्ट्रीय ध्वजों से लगभग बाहर कर दिया गया? कहानी सिर्फ रंग की नहीं, सत्ता, धन और सदियों पुराने राज की है, जिसने ‘बैंगनी’ को आम लोगों की पहुंच से दूर रखा.
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दुनिया के हर देश का झंडा किसी न किसी पहचान, इतिहास और भावनाओं का प्रतीक होता है, लेकिन इन झंडों की भीड़ में एक चीज सबसे ज्यादा चौंकाती है, बैंगनी रंग की लगभग पूरी अनुपस्थिति. ऐसा क्यों? आखिर क्यों सभी देशों ने झंडों में पर्पल रंग को नजरअंदाज किया?
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आज बैंगनी रंग आपको कपड़ों, लाइटिंग, इंटीरियर और फैशन की दुनिया में आसानी से दिख जाता है, लेकिन इतिहास के लंबे दौर में यह ‘रंग’ नहीं, बल्कि ‘शक्ति’ और ‘शाही अधिकार’ का निशान था. बैंगनी रंग की कीमत इतनी अधिक थी कि इसे खरीदना एक समय पर सोना खरीदने से भी महंगा माना जाता था.
Published at : 02 Dec 2025 06:56 PM (IST)
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