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समंदर में मौजूद केबल्स में कितनी स्पीड से चलता है इंटरनेट, इनसे हम तक कैसे आता है डेटा?
दुनिया का 99% इंटरनेट आसमान से नहीं, बल्कि समंदर की गहराइयों में बिछी हजारों मील लंबी केबल्स के जरिए चलता है. ये केबल्स बाल के बराबर पतली फाइबर ऑप्टिक्स तकनीक पर काम करती हैं.
क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों किलोमीटर दूर बैठे दोस्त को वीडियो कॉल करते समय आपकी आवाज और चेहरा पलक झपकते ही वहां कैसे पहुंच जाता है? हमें लगता है कि यह सब ऊपर आसमान में मौजूद सैटेलाइट्स का कमाल है, लेकिन हकीकत कुछ और है. दुनिया का 95 प्रतिशत से ज्यादा इंटरनेट डेटा समंदर के अंधेरे सन्नाटे में बिछी लाखों किलोमीटर लंबी केबल्स के जरिए सफर करता है. यह तकनीक किसी चमत्कार से कम नहीं है.
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इंटरनेट आज की दुनिया की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन यह हवा में नहीं बल्कि पानी के नीचे दौड़ता है. दुनिया भर के महाद्वीपों को आपस में जोड़ने के लिए समंदर के तल पर 'सबमरीन कम्यूनिकेशन केबल्स' का एक विशाल जाल बिछाया गया है. ऊपर से देखने में ये केबल किसी मोटे पाइप जैसी लगती हैं, लेकिन इनके असली जादू इसके भीतर छिपा होता है.
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इनके अंदर फाइबर ऑप्टिक के गुच्छे होते हैं जो इंसान के बाल जितने महीन होते हैं. यही वे डिजिटल नसें हैं जो पूरी दुनिया को एक धागे में पिरोए हुए हैं. इन केबल्स की सबसे बड़ी खूबी इनकी रफ्तार है. फाइबर ऑप्टिक केबल्स के अंदर डेटा बिजली के रूप में नहीं, बल्कि रोशनी (Light) के रूप में यात्रा करता है.
Published at : 09 Apr 2026 01:09 PM (IST)
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