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वेंटिलेटर नहीं था तब कैसे होता था इलाज, जानें इसे किसने बनाया था?
Who Invented Ventilator: जब विज्ञान ने सांसों को मशीन यानि वेंटिलेटर से जोड़ा, तब जिंदगी ने नया रास्ता पाया. वेंटिलेटर का आविष्कार साबित करता है कि इंसान हारा नहीं, उसने मौत को रोकना सीख लिया है.
जरा सोचिए, अगर किसी मरीज की सांसें थमने लगें और आसपास कोई वेंटिलेटर न हो, तो क्या किया जाता होगा? आज जहां एक मशीन इंसान की जान बचा सकती है, वहीं एक समय ऐसा भी था जब डॉक्टर बिना किसी तकनीक के सिर्फ अपने अनुभव और कुछ साधारण उपकरणों से मौत को मात देते थे. आज बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र भी इस वक्त वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत नाजुक है. ऐसे में वेंटिलेटर का आविष्कार चिकित्सा जगत की सबसे बड़ी क्रांतियों में से एक था, लेकिन उससे पहले इलाज का तरीका जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
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आज वेंटिलेटर आधुनिक चिकित्सा की रीढ़ बन चुका है. चाहे कोरोना महामारी के समय हो या किसी गंभीर एक्सीडेंट के बाद की स्थिति, वेंटिलेटर वो मशीन है जो इंसान को मौत के मुहाने से खींच लाती है, लेकिन सवाल उठता है कि जब ये मशीन नहीं थी, तब लोग सांस रुकने या फेफड़ों के फेल होने पर कैसे जिंदा बचते थे?
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20वीं सदी से पहले वेंटिलेटर जैसा कोई यंत्र नहीं था. डॉक्टर तब मैनुअल रेस्पिरेशन यानी हाथ से सांस देने की तकनीक अपनाते थे. इसमें डॉक्टर या नर्स मरीज के फेफड़ों में हवा भरने के लिए मुंह या एक विशेष ट्यूब का इस्तेमाल करते थे.
Published at : 11 Nov 2025 01:00 PM (IST)
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