एक्सप्लोरर

कहां होगी कितनी बारिश? इसका पता कैसे लगा लेते हैं वैज्ञानिक, जानिए पूरा विज्ञान

बारिश की भविष्यवाणी करने में विज्ञान, तकनीक और डेटा का इस्तेमाल है. मौसम वैज्ञानिक सैटेलाइट्स, रडार और सुपरकंप्यूटर्स की मदद से हमें पहले से बता देते हैं कि बारिश कब और कहां होगी.

बारिश की भविष्यवाणी करने में विज्ञान, तकनीक और डेटा का इस्तेमाल है. मौसम वैज्ञानिक सैटेलाइट्स, रडार और सुपरकंप्यूटर्स की मदद से हमें पहले से बता देते हैं कि बारिश कब और कहां होगी.

मॉनसून का सीजन चल रहा है ऐसे में देश के कई इलाकों में जबरदस्त बारिश देखने को मिल रही है. तो कहीं भारी बारिश के चलते भारी जनहानि की खबरें भी सामने आईं. मौसम वैज्ञानिक बारिश को लेकर अक्सर अलर्ट भी देते रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मौसम वैज्ञानिक कहां कितनी बारिश होगी इसका अनुमान कैसे लगाते हैं.

1/7
बारिश का पूर्वानुमान यानी वेदर फोरकास्टिंग एक जटिल लेकिन रोमांचक विज्ञान है जो मौसम की भविष्यवाणी को संभव बनाता है. तो आइए, इस विज्ञान को समझते हैं.
बारिश का पूर्वानुमान यानी वेदर फोरकास्टिंग एक जटिल लेकिन रोमांचक विज्ञान है जो मौसम की भविष्यवाणी को संभव बनाता है. तो आइए, इस विज्ञान को समझते हैं.
2/7
मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए वैज्ञानिक कई तरह के उपकरणों, तकनीकों और डेटा का इस्तेमाल करते हैं. सबसे पहले, मौसम का डेटा इकट्ठा किया जाता है.
मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए वैज्ञानिक कई तरह के उपकरणों, तकनीकों और डेटा का इस्तेमाल करते हैं. सबसे पहले, मौसम का डेटा इकट्ठा किया जाता है.
3/7
इसके लिए सैटेलाइट्स, रडार, मौसम स्टेशन जैसे उपकरणों का उपयोग होता है. सैटेलाइट्स बादलों की गति, तापमान और नमी के स्तर को मॉनिटर करते हैं. जबकि रडार बारिश की तीव्रता और दिशा को ट्रैक करते हैं. मौसम स्टेशन हवा की गति, दबाव और तापमान जैसी जानकारी देते हैं.
इसके लिए सैटेलाइट्स, रडार, मौसम स्टेशन जैसे उपकरणों का उपयोग होता है. सैटेलाइट्स बादलों की गति, तापमान और नमी के स्तर को मॉनिटर करते हैं. जबकि रडार बारिश की तीव्रता और दिशा को ट्रैक करते हैं. मौसम स्टेशन हवा की गति, दबाव और तापमान जैसी जानकारी देते हैं.
4/7
इकट्ठा किया गया डेटा सुपरकंप्यूटर्स में भेजा जाता है, जो मौसम के गणितीय मॉडल्स चलाते हैं. ये मॉडल्स वायुमंडल की गतिशीलता को समझने के लिए भौतिकी और गणित के नियमों पर आधारित होते हैं.
इकट्ठा किया गया डेटा सुपरकंप्यूटर्स में भेजा जाता है, जो मौसम के गणितीय मॉडल्स चलाते हैं. ये मॉडल्स वायुमंडल की गतिशीलता को समझने के लिए भौतिकी और गणित के नियमों पर आधारित होते हैं.
5/7
उदाहरण के लिए हवा का दबाव, तापमान और नमी जैसे कारक आपस में कैसे इंटरैक्ट करते हैं, इसे समझने के लिए जटिल समीकरणों का उपयोग होता है.
उदाहरण के लिए हवा का दबाव, तापमान और नमी जैसे कारक आपस में कैसे इंटरैक्ट करते हैं, इसे समझने के लिए जटिल समीकरणों का उपयोग होता है.
6/7
मौसम वैज्ञानिक इन कारकों का अध्ययन करके अनुमान लगाते हैं और भविष्य के मौसम की स्थिति की भविष्यवाणी करते हैं कि बारिश कहां और कितनी होगी.
मौसम वैज्ञानिक इन कारकों का अध्ययन करके अनुमान लगाते हैं और भविष्य के मौसम की स्थिति की भविष्यवाणी करते हैं कि बारिश कहां और कितनी होगी.
7/7
भारत में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग (NCMRWF) जैसे संस्थान इन मॉडल्स का उपयोग करते हैं.
भारत में, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग (NCMRWF) जैसे संस्थान इन मॉडल्स का उपयोग करते हैं.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें तो क्या होगा, उनकी गैर-मौजूदगी में कौन देखेगा काम?
CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें तो क्या होगा, उनकी गैर-मौजूदगी में कौन देखेगा काम?
असम के इस गांव में पक्षी खुद आकर करते हैं आत्महत्या, जानें क्या है वजह?
असम के इस गांव में पक्षी खुद आकर करते हैं आत्महत्या, जानें क्या है वजह?
दुबई में लगा है सोने का एटीएम, कार्ड लगाकर कैसे निकलता है सोना?
दुबई में लगा है सोने का एटीएम, कार्ड लगाकर कैसे निकलता है सोना?
अशांत घोषित क्षेत्रों में क्या-क्या पाबंदियां? जानें नियम तोड़ने पर कितनी है सजा
अशांत घोषित क्षेत्रों में क्या-क्या पाबंदियां? जानें नियम तोड़ने पर कितनी है सजा

वीडियोज

Patiala University Mystery: पटियाला की यूनिवर्सिटी में साए का आतंक !
SIR Controversy: 'लोकतंत्र में चुनाव आयोग की अहम भूमिका'- Chirag Paswan | Gyanesh Kumar | EC
Chitra Tripathi | SIR Controversy: बैठक तो कर ली Gyanesh Kumar ने... सवालों का जवाब कब?| Voter List
PM Modi joins 'Bhajan clubbing' : भजन से 'वोट वंदन'? | ABP News
Punjab University: पंजाब की यूनिवर्सिटी में 'भूत' पर क्लेश! | ABP News

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली समेत जानें देश के मौसम का हाल
यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली समेत जानें देश के मौसम का हाल
JSSC CGL परीक्षा-2023 में गड़बड़ी, 3 उम्मीदवार गिरफ्तार; अब तक 19 पकड़े गए
JSSC CGL परीक्षा-2023 में गड़बड़ी, 3 उम्मीदवार गिरफ्तार; अब तक 19 पकड़े गए
'ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया', महेश भट्ट से शादी के बाद काम न मिलने पर बोलीं सोनी राजदान
'ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया', महेश भट्ट से शादी के बाद काम न मिलने पर बोलीं सोनी राजदान
वेस्टइंडीज के कप्तान ने माना भारत का लोहा, कहा - टीम इंडिया को हरा...
वेस्टइंडीज के कप्तान ने माना भारत का लोहा, कहा - टीम इंडिया को हरा
UNSC में स्थायी जगह के लिए रूस ने भारत का दिया साथ, जर्मनी-जापान क्या बोले?
UNSC में स्थायी जगह के लिए रूस ने भारत का दिया साथ, जर्मनी-जापान क्या बोले?
ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ का खतरा, 70 हजार लोगों को किया शिफ्ट
ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ का खतरा, 70 हजार लोगों को किया शिफ्ट
रसोई की सिंक के पास रख दें ये चीज, चली जाएगी बदबू
रसोई की सिंक के पास रख दें ये चीज, चली जाएगी बदबू
'अफगान जलेबी' पर लड़की का कातिलाना बैली डांस, वायरल हुआ Video
'अफगान जलेबी' पर लड़की का कातिलाना बैली डांस, वायरल हुआ Video
Embed widget