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जब सांप के कान नहीं होते तो बीन की आवाज कैसे सुन लेते हैं, हैरान कर देगा जवाब
सांपों के बाहरी कान न होने के कारण वे बीन का संगीत नहीं सुन सकते. उनका लहराना दरअसल सपेरे के हाथों और बीन की हलचल पर दी जाने वाली एक प्रतिक्रिया है, जिसे वे खतरा मानते हैं.
बचपन से ही हमने सपेरों को बीन बजाते और सांपों को उस धुन पर लहराते देखा है. सपेरा जैसे ही अपनी बीन से स्वर निकालता है, पिटारे से निकलकर सांप का फन फैलाना किसी जादू जैसा लगता है. लेकिन विज्ञान की दुनिया इसको पूरी तरह खारिज करती है. सांपों के कान न होने के बावजूद उनका बीन की तरफ आकर्षित होना कोई संगीत प्रेम नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक बनावट और आत्मरक्षा का एक अद्भुत तंत्र है. आइए समझते हैं कि बिना कान वाला यह जीव आखिर बीन की हर हरकत पर प्रतिक्रिया कैसे देता है.
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वैज्ञानिक शोधों और रिपोर्ट के अनुसार, सांपों के पास इंसानों या अन्य स्तनधारी जीवों की तरह बाहरी कान नहीं होते. उनके सिर पर कोई छेद या ईयरड्रम (कान का पर्दा) नहीं पाया जाता, जो हवा में तैरती ध्वनि तरंगों को पकड़ सके.
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हालांकि, सांपों के पास एक आंतरिक कान की संरचना जरूर होती है, जो सीधे उनके जबड़े की हड्डी से जुड़ी होती है. इसका मतलब यह है कि सांप उस तरह से संगीत नहीं सुन सकते जैसे हम सुनते हैं, बल्कि उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह से शरीर के स्पर्श और हड्डी के माध्यम से होने वाले संचरण पर टिकी होती है.
Published at : 15 May 2026 01:27 PM (IST)
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