Earthquake: इस देश में आया भयानक भूकंप, रिक्टर स्केल पर मापी गई 6.3 की तीव्रता, क्या सुनामी का खतरा?
Earthquake in Russia: पिछले साल 30 जुलाई, 2025 को इस कुरील द्वीप समूह पर 8.7 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था, जो अब दुनियाभर में दर्ज किए गए छठे सबसे शक्तिशाली भूकंप के बराबर था.

यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूस पर प्राकृतिक आपदा आ पड़ी है. रूस के कुरील द्वीप समूह में मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस और जापान के बीच कुरिल द्वीप समूह में मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को शाम 6:34 बजे (स्थानीय समयानुसार) पर 6.3 तीव्रता का एक तेज भूकंप का झटका महसूस किया गया. यह भूकंप 44.6 डिग्री उत्तर और 149.1 डिग्री पूर्व में, जापान के असाहिकावा से लगभग 545 किमी पूर्व में आया. इसका केंद्र धरती से 45 किलोमीटर की गहराई पर रिकॉर्ड किया गया.
भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं- USGS
कुरिल द्वीप समूह रूस और जापान के बीच एक भूकंप को लेकर एक बेहद सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं. हालांकि, इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा नहीं है. USGS ने भूकंप से होने वाली मौतों और आर्थिक नुकसान के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया है. यानी जान-माल के नुकसान की आशंका कम है.
इस क्षेत्र की आबादी ऐसे घरों में रहती है, जो भूकंप के झटकों को मध्यम रूप से झेल सकते हैं. सबसे ज्यादा कमजोर बिल्डिंग टाइप बिना मजबूत ईंटों वाली दीवारों वाले मजबूत कंक्रीट फ्रेम हैं. USGS के मुताबिक, कुरील द्वीप समूह की कुल आबादी 2,000 के करीब है.
पिछले साल आया था 8.7 तीव्रता का भयानक भूकंप
पिछले साल 30 जुलाई, 2025 को इस आइलैंड पर 8.7 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था, जो अब दुनियाभर में दर्ज किए गए छठे सबसे शक्तिशाली भूकंप के बराबर था. हालांकि, रूस में इससे कोई हताहत नहीं हुआ. वहीं, 30 जुलाई, 2025 के भूकंप के बाद से इस क्षेत्र में 4.4 या उससे अधिक तीव्रता वाले 100 से ज्यादा झटके महसूस किए गए थे. वहीं, मंगलवार (13 जनवरी) को आए भूकंप के कारण अभी तक किसी भी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
रिंग ऑफ फायर का हिस्सा माना जाता है कुरील द्वीप समूह
कुरिल रूस के सुदूर पूर्व में स्थित एक ज्वालामुखी द्वीपसमूह है. इस क्षेत्र को रिंग ऑफ फायर का हिस्सा माना जाता है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां एक आम सी बात हैं. कुरिल द्वीप और कमचटका प्रायद्वीप पृथ्वी के सबसे भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्रों में से एक है, जहां हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं. 1952 में कमचटका में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, वो भी इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जाता है.
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Source: IOCL


























