एक्सप्लोरर

मौत से कुछ देर पहले दिमाग में क्या होता है, क्यों आने लगती है अपनों की याद?

Brain Activity Before Death: मौत के करीब दिमाग डर से नहीं, यादों और सुकून से भर जाता है. शायद इसी वजह से आखिरी पल में सबसे पहले अपनों का ख्याल आता है. आइए जानें कि ऐसा क्यों होता है.

Brain Activity Before Death: मौत के करीब दिमाग डर से नहीं, यादों और सुकून से भर जाता है. शायद इसी वजह से आखिरी पल में सबसे पहले अपनों का ख्याल आता है. आइए जानें कि ऐसा क्यों होता है.

कई लोगों ने मरते वक्त अजीब लेकिन सुकून भरे अनुभवों की बात कही है. कोई कहता है पूरी जिंदगी आंखों के सामने घूम गई, तो कोई अपनों के चेहरे देखने की बात करता है. सवाल यही है कि मौत से कुछ मिनट पहले दिमाग में ऐसा क्या होता है कि डर की जगह शांति महसूस होने लगती है और सबसे ज्यादा याद वही लोग आते हैं, जो दिल के सबसे करीब होते हैं. चलिए जानें.

1/7
वैज्ञानिक रिसर्च बताते हैं कि दिल की धड़कन रुकने के बाद भी दिमाग तुरंत बंद नहीं होता है. आमतौर पर दिमाग करीब 5 से 7 मिनट तक सक्रिय रह सकता है. इस दौरान दिमाग सामान्य स्थिति से अलग तरह से काम करता है.
वैज्ञानिक रिसर्च बताते हैं कि दिल की धड़कन रुकने के बाद भी दिमाग तुरंत बंद नहीं होता है. आमतौर पर दिमाग करीब 5 से 7 मिनट तक सक्रिय रह सकता है. इस दौरान दिमाग सामान्य स्थिति से अलग तरह से काम करता है.
2/7
कई मामलों में यह और ज्यादा सक्रिय हो जाता है, खासकर याददाश्त और चेतना से जुड़े हिस्से. मौत के करीब पहुंचने पर दिमाग में गामा तरंगों की गतिविधि अचानक बढ़ जाती है. गामा तरंगें यादों, सपनों और जागरूकता से जुड़ी होती हैं.
कई मामलों में यह और ज्यादा सक्रिय हो जाता है, खासकर याददाश्त और चेतना से जुड़े हिस्से. मौत के करीब पहुंचने पर दिमाग में गामा तरंगों की गतिविधि अचानक बढ़ जाती है. गामा तरंगें यादों, सपनों और जागरूकता से जुड़ी होती हैं.
3/7
जब ये तेज होती हैं, तो व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है जैसे उसकी जिंदगी की अहम घटनाएं एक के बाद एक आंखों के सामने चल रही हों. इसी वजह से कई लोग कहते हैं कि उन्होंने मरते वक्त अपनी पूरी जिंदगी देख ली.
जब ये तेज होती हैं, तो व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है जैसे उसकी जिंदगी की अहम घटनाएं एक के बाद एक आंखों के सामने चल रही हों. इसी वजह से कई लोग कहते हैं कि उन्होंने मरते वक्त अपनी पूरी जिंदगी देख ली.
4/7
इस स्थिति को वैज्ञानिक भाषा में लाइफ रिकॉल या लाइफ रिव्यू कहा जाता है. इसमें दिमाग बीते जीवन की खास यादों को तेजी से दोहराता है. ये यादें अक्सर भावनात्मक होती हैं, जैसे बचपन, परिवार, माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चे. नकारात्मक से ज्यादा सकारात्मक यादें सामने आती हैं, जिससे मन को सुकून मिलता है.
इस स्थिति को वैज्ञानिक भाषा में लाइफ रिकॉल या लाइफ रिव्यू कहा जाता है. इसमें दिमाग बीते जीवन की खास यादों को तेजी से दोहराता है. ये यादें अक्सर भावनात्मक होती हैं, जैसे बचपन, परिवार, माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चे. नकारात्मक से ज्यादा सकारात्मक यादें सामने आती हैं, जिससे मन को सुकून मिलता है.
5/7
मौत से ठीक पहले शरीर एंडोर्फिन और दूसरे न्यूरोकेमिकल्स छोड़ता है. एंडोर्फिन को शरीर का नेचुरल पेनकिलर कहा जाता है. ये रसायन दर्द, घबराहट और डर को कम कर देते हैं. इसी वजह से कई लोगों को आखिरी समय में शांति, हल्कापन या सपने जैसी स्थिति महसूस होती है. इसे नियर-डेथ एक्सपीरियंस भी कहा जाता है.
मौत से ठीक पहले शरीर एंडोर्फिन और दूसरे न्यूरोकेमिकल्स छोड़ता है. एंडोर्फिन को शरीर का नेचुरल पेनकिलर कहा जाता है. ये रसायन दर्द, घबराहट और डर को कम कर देते हैं. इसी वजह से कई लोगों को आखिरी समय में शांति, हल्कापन या सपने जैसी स्थिति महसूस होती है. इसे नियर-डेथ एक्सपीरियंस भी कहा जाता है.
6/7
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि मौत के करीब दिमाग भावनात्मक सुरक्षा खोजता है. जीवन में सबसे मजबूत भावनात्मक रिश्ता परिवार और करीबी लोगों से होता है. इसलिए आखिरी समय में दिमाग उन्हीं चेहरों और पलों को सामने लाता है, जिनसे जुड़ाव सबसे गहरा होता है. यह दिमाग का खुद को मानसिक रूप से शांत करने का तरीका भी माना जाता है.
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि मौत के करीब दिमाग भावनात्मक सुरक्षा खोजता है. जीवन में सबसे मजबूत भावनात्मक रिश्ता परिवार और करीबी लोगों से होता है. इसलिए आखिरी समय में दिमाग उन्हीं चेहरों और पलों को सामने लाता है, जिनसे जुड़ाव सबसे गहरा होता है. यह दिमाग का खुद को मानसिक रूप से शांत करने का तरीका भी माना जाता है.
7/7
कई बार मरते वक्त लोगों को अधूरी इच्छाएं, अनकही बातें या माफी मांगने की चाह याद आती है. इसका कारण यह है कि दिमाग जीवन का आखिरी आत्म-मूल्यांकन करता है. वह उन पलों पर ज्यादा ध्यान देता है, जहां भावनात्मक जुड़ाव था या कोई बात अधूरी रह गई थी. इससे व्यक्ति को भीतर से हल्का होने का अहसास हो सकता है.
कई बार मरते वक्त लोगों को अधूरी इच्छाएं, अनकही बातें या माफी मांगने की चाह याद आती है. इसका कारण यह है कि दिमाग जीवन का आखिरी आत्म-मूल्यांकन करता है. वह उन पलों पर ज्यादा ध्यान देता है, जहां भावनात्मक जुड़ाव था या कोई बात अधूरी रह गई थी. इससे व्यक्ति को भीतर से हल्का होने का अहसास हो सकता है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Police-CAPF-RAF और CRPF... इन दंगारोधी फोर्सेज में कौन सबसे खतरनाक, किससे कब लिया जाता है काम?
Police-CAPF-RAF और CRPF... इन दंगारोधी फोर्सेज में कौन सबसे खतरनाक, किससे कब लिया जाता है काम?
Passport Police Verification Rules : पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस मांग रही रिश्वत? यहां करें शिकायत, निकल जाएगी हेकड़ी
पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस मांग रही रिश्वत? यहां करें शिकायत, निकल जाएगी हेकड़ी
Protests Near PM House: संसद भवन से कितना दूर है प्रधानमंत्री आवास, वहां धरना देने के लिए किसकी लगती है परमिशन?
संसद भवन से कितना दूर है प्रधानमंत्री आवास, वहां धरना देने के लिए किसकी लगती है परमिशन?
CJP Protest: ABVP से देश के शिक्षा मंत्री तक... ऐसा रहा धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर
ABVP से देश के शिक्षा मंत्री तक... ऐसा रहा धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर

वीडियोज

कैमरे में कैद मौत की पिक्चर !
DR. Aarambhi: Aarambhi ने खोला सच, Tandon परिवार को सजा दिलाने अड़ी Nayra!
Amitabh Bachchan ने सर्जरी के बाद शेयर किया भावुक हेल्थ अपडेट, बोले- रिकवरी का मुश्किल दौर अब शुरू हुआ
BMW खरीदते वक्त Mileage कौन देखता है? Mileage नहीं, Experience मायने रखता है! Ft. Himanshu Arya
Ramayana में Ravi Dubey होंगे सबसे बड़ा Surprise Package? Yash ने किया बड़ा खुलासा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'बेटे से पीछे हटने के लिए...', CJP के संसद मार्च में लाठीचार्ज के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके के मां-बाप
'बेटे से पीछे हटने के लिए...', CJP के संसद मार्च में लाठीचार्ज के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके के मां-बाप
छात्रों के प्रोटेस्ट में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, 100% साथ देने का किया ऐलान, लाठीचार्ज से नाराज
छात्रों के प्रोटेस्ट में शामिल होंगे मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, 100% साथ देने का किया ऐलान
सोनम वांगचुक के लिए न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक प्रदर्शन, भारत सरकार से की बड़ी अपील, जानें क्या कहा
सोनम वांगचुक के लिए न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक प्रदर्शन, भारत सरकार से की बड़ी अपील, जानें क्या कहा
IND vs ZIM T20: अब जिम्बाब्वे भी दिखा रहा है आंख... T20 सीरीज से पहले सिकंदर रजा ने दी टीम इंडिया को चेतावनी
अब जिम्बाब्वे भी दिखा रहा है आंख... T20 सीरीज से पहले सिकंदर रजा ने दी टीम इंडिया को चेतावनी
'मैं गुस्से से खौल रहा हूं', छात्रों पर हुई हिंसा के खिलाफ फूटा नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा, बोले- 'कोई जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे...'
'मैं गुस्से से खौल रहा हूं', छात्रों पर हुई हिंसा के खिलाफ फूटा नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा
एक पैर में जूता, इस हालत में सीढ़ी पर ही बैठ गए... हिरासत से छूटने के बाद  राहुल गांधी का PM मोदी को मैसेज
एक पैर में जूता, इस हालत में सीढ़ी पर ही बैठ गए... हिरासत से छूटने के बाद राहुल गांधी का PM मोदी को मैसेज
कनॉट प्लेस हिंसा में RAF जवान पर हमला, जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटे जाने का दावा, वीडियो वायरल
कनॉट प्लेस हिंसा में RAF जवान पर हमला, जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटे जाने का दावा, वीडियो वायरल
मुंबई में बैठकर शख्स ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा Zomato से खाना- वीडियो वायरल
मुंबई में बैठकर शख्स ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा Zomato से खाना- वीडियो वायरल
Embed widget