'PAK में घुसकर तबाही मचाने को तैयार थी सेना', आर्मी चीफ ने ऑपरेशन सिंदूर पर खोला अब तक का सबसे बड़ा राज
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि तीनों सेनाओं के तालमेल को दिखाने वाला यह अभियान सीमापार आतंकवाद के लिए भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब था.

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है और दुश्मन के किसी भी दुस्साहस से माकूल तरीके से निपटा जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर के अलग-अलग पहलुओं के बारे में विस्तार से बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इससे रणनीतिक सोच को फिर से तैयार करने में मदद मिली, क्योंकि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचे को खत्म करने और इस्लामाबाद की लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी का सबक सिखाना के लिए अंदर तक हमला किया.
पाकिस्तान पर जमीनी हमलों के लिए तैयार थी सेना: जनरल द्विवेदी
उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते होंगे, ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा.’ जनरल द्विवेदी ने कहा कि तीनों सेनाओं के तालमेल को दिखाने वाला यह अभियान सीमापार आतंकवाद के लिए भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब था, जो तैयारी, सटीकता और रणनीतिक स्पष्टता दिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने अपने सैनिकों को इकट्ठा कर लिया था और पाकिस्तान पर जमीनी हमलों के लिए तैयार थी.
ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी: आर्मी चीफ
जनरल द्विवेदी ने कहा, ‘उत्तरी मोर्चे पर हालात स्थिर हैं, लेकिन लगातार नजर रखने की जरूरत है. नए सिरे से संपर्क और भरोसा बनाने के उपायों से हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.' उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का सख्ती से जवाब दिया जाएगा. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उन्होंने कहा कि 7 मई 2025 को 22 मिनट की तीव्र कार्रवाई तथा 10 मई तक चले 88 घंटे के समन्वित अभियान के माध्यम से इस ऑपरेशन ने रणनीतिक मान्यताओं को पुनर्परिभाषित किया. आतंकवादी ढांचे पर गहरे प्रहार किए गए.
'PAK स्थित आतंकी कैंप पर नजर बनाई है सेना'
उन्होंने कहा, 'उन 88 घंटों में आपने देखा कि पारंपरिक सैन्य क्षेत्र का विस्तार करने के लिए सेना की लामबंदी इस प्रकार थी कि यदि पाकिस्तान ने कोई गलती की तो हम जमीनी कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे.' भारतीय सीमा से सटे पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाकों में अब भी कैंप मौजूद हैं. भारतीय सेना की नजर इन पर है और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, 'हमारी जानकारी में करीब 8 कैंप अभी भी एक्टिव हैं. इनमें से 2 अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के अपोजिट और 6 नियंत्रण रेखा के अपोजिट हैं. इन कैंपस में अभी भी उपस्थिति है. हम उन पर नजर रखे हुए हैं अगर कोई हरकत हुई तो जो हमारा इरादा है हम जरूर कार्रवाई को अंजाम देंगे.'
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Source: IOCL


























