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क्या सच में रोते हैं मगरमच्छ, क्यों इस कठोर जानवर के आंसुओं को कहा जाता है झूठा?
मगरमच्छ की आंखों से निकलने वाला पानी आंसू जैसा जरूर दिखता है, लेकिन वह भावना नहीं, शरीर की प्रक्रिया है. सदियों पुरानी गलतफहमी ने इसे झूठे दुख का प्रतीक बना दिया.
जब कोई दिखावटी दुख जताता है तो लोग कहते हैं- मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है, लेकिन क्या सच में मगरमच्छ रोता है? क्या यह खूंखार शिकारी अपने शिकार को खाते वक्त पछतावे में आंसू बहाता है, या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह छिपी है? सदियों पुरानी इस कहावत के पीछे का सच जानेंगे तो समझ आएगा कि प्रकृति का नियम और इंसानी सोच कितनी अलग होती है.
Published at : 16 Feb 2026 08:38 AM (IST)
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सुधीर कुमारएडिटर, वाइल्ड लाइफ टुडे
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