एक्सप्लोरर

Nelson Mandela Day 2026: 67 मिनट सेवा क्यों मानी जाती है खास, इसका नेल्सन मंडेला से क्या कनेक्शन?

International Nelson Mandela Day 2026 : इस दिन दुनिया भर के लोगों से अपील की जाती है कि वे कम से कम 67 मिनट समाज सेवा के लिए जरूर दें. दूसरों की मदद करें और समाज के लिए कुछ अच्छा करें.

International Nelson Mandela Day 2026 : हर साल 18 जुलाई को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे मनाया जाता है. यह दिन सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और महान समाजसेवी नेल्सन मंडेला को याद करने के लिए नहीं है, बल्कि उनके जीवन से मोटिवेशन लेने का भी अवसर भी माना जाता है. उन्होंने अपना पूरा जीवन समानता, न्याय, शांति और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया.

यही वजह है कि इस दिन दुनिया भर के लोगों से अपील की जाती है कि वे कम से कम 67 मिनट समाज सेवा के लिए जरूर दें, दूसरों की मदद करें, समाज के लिए कुछ अच्छा करें. इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे का संदेश यही है कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-सा समय भी दूसरों की मदद के लिए निकाले, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 67 मिनट सेवा क्यों खास मानी जाती है और इसका नेल्सन मंडेला से क्या कनेक्शन है. 

67 मिनट सेवा क्यों खास मानी जाती है?
 
नेल्सन मंडेला डे पर 67 मिनट सेवा सबसे खास मानी जाती है. यह नेल्सन मंडेला के समाज और मानवता के लिए किए गए 67 के साल योगदान का प्रतीक है. उन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय, मानवाधिकार और लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया था. उनके इसी योगदान को सम्मान देने के लिए 2009 में 67 Minutes of Service अभियान शुरू किया गया. इसके तहत लोगों से अपील की जाती है कि वे 18 जुलाई को अपने दिन के कम से कम 67 मिनट किसी अच्छे काम, जैसे जरूरतमंदों की मदद करने, सफाई अभियान में हिस्सा लेने, पेड़ लगाने, बच्चों को पढ़ाने या किसी सामाजिक सेवा में लगाएं. इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि थोड़ी-सी कोशिश भी समाज में बड़ा और पॉजिटिव बदलाव ला सकती है.

यह भी पढ़ें - Sonam Wangchuk Hunger Strike: अनशन से कब-कब हिली सरकार, जानें गांधी से लेकर वांगचुक तक का इतिहास

कब से मनाया जा रहा इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे?

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने नवंबर 2009 में 18 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल नेल्सन मंडेला डे घोषित किया था. पहला आधिकारिक आयोजन 18 जुलाई 2010 को मंडेला के 92वें जन्मदिन पर किया गया. इस दिन का उद्देश्य लोगों को यह याद दिलाना है कि हर व्यक्ति समाज में पॉजिटिव बदलाव लाने की क्षमता रखता है.

कौन थे नेल्सन मंडेला?

नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को दक्षिण अफ्रीका के म्वेजो गांव में हुआ था. वे 1994 से 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे और देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने. उन्होंने रंगभेद (Apartheid) के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और अश्वेत लोगों को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए पूरी जिंदगी काम किया. इस संघर्ष के दौरान उन्होंने 27 साल जेल में भी बिताए, लेकिन अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे. साल 1993 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
 
यह भी पढ़ें - Teesta River Project: बांग्लादेश ने चीन को सौंपा तीस्ता प्रोजेक्ट, जानें यह भारत के लिए कितना खतरनाक?

मानसी उपाध्याय करीब दो साल से डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मूल रूप से उत्तराखंड से जुड़ी मानसी ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (ऑनर्स) हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की और वर्तमान में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म कर रही हैं. पत्रकारिता में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अक्टूबर 2024 में एबीपी नेटवर्क से की. अब वह डिजिटल कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें फीचर और इंफॉर्मेटिव स्टोरीज लिखने के साथ-साथ स्क्रिप्ट राइटिंग, सोशल मीडिया और रिसर्च आधारित कंटेंट तैयार करने में रुचि है. हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखने वाली मानसी ऐसी स्टोरीज लिखना पसंद करती हैं, जो पाठकों को नई और जरूरी जानकारी आसान भाषा में दें. उनकी कोशिश रहती है कि कंटेंट सिर्फ जानकारी देने वाला ही नहीं, बल्कि पढ़ने में दिलचस्प और पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ भी हो.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या है चाबहार जिस पर राज करता है ईरान, यह होर्मुज से कितना अलग?
क्या है चाबहार जिस पर राज करता है ईरान, यह होर्मुज से कितना अलग?
किसी को ढेर कर दे PM या CM की सिक्योरिटी, तो क्या हो सकती है FIR? जानें नियम
किसी को ढेर कर दे PM या CM की सिक्योरिटी, तो क्या हो सकती है FIR? जानें नियम
BRICS सम्मेलन के मेन्यू में क्या परोसा जाएगा, कौन तय करता है यह सब?
BRICS सम्मेलन के मेन्यू में क्या परोसा जाएगा, कौन तय करता है यह सब?
क्या होते हैं कॉन्सुलेट और एम्बेसी? इनमें क्या होता है अंतर
क्या होते हैं कॉन्सुलेट और एम्बेसी? इनमें क्या होता है अंतर
Advertisement

वीडियोज

Sansani: मंच पर डांसर या लेडी डॉन! | Bihar News
Mumbai News | Breaking News: लोकल में हादसा..ट्रेन से नीचे गिरी महिला | Maharashtra
BRICS Summit 2026 India | Janhit: शी भारत आ रहे हैं..कितना 'भरोसा' ला रहे है? | ABP News | Jinping
Mayawati Expels Akash Anand | Akhilesh Yadav: मायावती के फैसले से वोट 'आनंद' किसे? | UP Election
Iran US War | Donald Trump | Sandeep Chaudhary: खाड़ी में का तांडव...फिर पड़ेगी महंगाई की मार?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ब्रिक्स सम्मेलन के साझा घोषणापत्र पर मंथन, भारत के लिए बड़ी चुनौती
ब्रिक्स सम्मेलन के साझा घोषणापत्र पर मंथन, भारत के लिए बड़ी चुनौती
कांग्रेस किसके नेतृत्व में लड़ेगी पंजाब चुनाव? पायलट ने साफ किया रुख
कांग्रेस किसके नेतृत्व में लड़ेगी पंजाब चुनाव? पायलट ने साफ किया रुख
'हनुमान अंश' समेत माइथोलॉजी की 5 मोस्ट प्रॉफिटेबल फिल्में, एक ने कमाया 8407% प्रॉफिट
'हनुमान अंश' समेत माइथोलॉजी की 5 मोस्ट प्रॉफिटेबल फिल्में, एक ने कमाया 8407% प्रॉफिट
वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को दिया खास तोहफा, वीडियो आपका भी जीत लेगा दिल
वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को दिया खास तोहफा, वीडियो आपका भी जीत लेगा दिल
BRICS 2026 में कौन-कौन आ रहा भारत? पुतिन, जिनपिंग समेत मेहमानों की पूरी लिस्ट
BRICS 2026 में कौन-कौन आ रहा भारत? पुतिन, जिनपिंग समेत मेहमानों की पूरी लिस्ट
पंजाब चुनाव से पहले BJP ने खेला ‘तुरूप का पत्ता’, उतरेंगे नितिन नवीन और शाह
पंजाब चुनाव से पहले BJP ने खेला ‘तुरूप का पत्ता’, उतरेंगे नितिन नवीन और शाह
लद्दाख वार्ता पर तंज के लिए सोनम वांगचुक ने शेयर किया कॉमेडियन जसपाल भट्टी का Video
लद्दाख वार्ता पर तंज के लिए सोनम वांगचुक ने शेयर किया कॉमेडियन जसपाल भट्टी का Video
गुजरात में National Film Awards पर बोले राज ठाकरे, 'पहले मुंबई और अब दिल्ली के साथ...'
गुजरात में National Film Awards पर बोले राज ठाकरे, 'पहले मुंबई और अब दिल्ली के साथ...'
Embed widget