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देवेंद्र फडणवीस के 'अमित शाह' कौन हैं? यहां देखें महाराष्ट्र के सीएम के करीबी लोगों की लिस्ट

फडणवीस के लिए गिरीश महाजन से लेकर मोहित कंबोज तक, उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. फडणवीस के पास भरोसेमंद लोगों का एक समूह है जो पर्दे के पीछे से उन्हें मदद करता है.

फडणवीस के लिए गिरीश महाजन से लेकर मोहित कंबोज तक, उनके राजनीतिक और प्रशासनिक सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. फडणवीस के पास भरोसेमंद लोगों का एक समूह है जो पर्दे के पीछे से उन्हें मदद करता है.

देवेंद्र फडणवीस ने राजनीति में अपनी यात्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ शुरू की थी. 1992 में, उन्होंने नागपुर नगर निगम (एनएमसी) का चुनाव जीता और नगरसेवक बने,1997 में, वे नागपुर के सबसे युवा मेयर बने.

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रमुख नेता हैं. उनकी राजनीतिक यात्रा और प्रशासनिक कौशल ने उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली नेता बना दिया है.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रमुख नेता हैं. उनकी राजनीतिक यात्रा और प्रशासनिक कौशल ने उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली नेता बना दिया है.
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गिरीश महाजन 30 वर्षों से विधायक हैं और जामनेर विधानसभा सीट से 1995 से लगातार जीतते आ रहे हैं. महाजन को फडणवीस के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है. जब एकनाथ शिंदे सरकार में गृह विभाग को लेकर असमंजस में थे, महाजन ने उन्हें शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
गिरीश महाजन 30 वर्षों से विधायक हैं और जामनेर विधानसभा सीट से 1995 से लगातार जीतते आ रहे हैं. महाजन को फडणवीस के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है. जब एकनाथ शिंदे सरकार में गृह विभाग को लेकर असमंजस में थे, महाजन ने उन्हें शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
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महाजन ने फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में पिछले कार्यकाल के दौरान मंत्री के रूप में काम किया, साथ ही एमवीए सरकार में भी ग्रामीण विकास, जल संसाधन और चिकित्सा शिक्षा जैसे प्रमुख विभागों को संभाला. उनका राजनीतिक जीवन भाजपा की छात्र शाखा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ था.
महाजन ने फडणवीस के मुख्यमंत्री के रूप में पिछले कार्यकाल के दौरान मंत्री के रूप में काम किया, साथ ही एमवीए सरकार में भी ग्रामीण विकास, जल संसाधन और चिकित्सा शिक्षा जैसे प्रमुख विभागों को संभाला. उनका राजनीतिक जीवन भाजपा की छात्र शाखा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ था.
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2012 से पहले मोहित कंबोज अक्सर अपनी कानूनी परेशानियों के लिए चर्चा में रहते थे, लेकिन उस साल भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी किस्मत ने करवट ली. हालांकि वे पहले भी करोड़ों के बैंक धोखाधड़ी मामले में फंसे हुए थे, लेकिन सीबीआई ने उनके मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जो उन्हें क्लीन चिट देने जैसा था, तब से कंबोज भाजपा में तेजी से उभरे हैं. 2013 में वे मुंबई भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष बने और 2014 में उन्होंने डिंडोशी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि वे जीतने में असफल रहे.
2012 से पहले मोहित कंबोज अक्सर अपनी कानूनी परेशानियों के लिए चर्चा में रहते थे, लेकिन उस साल भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी किस्मत ने करवट ली. हालांकि वे पहले भी करोड़ों के बैंक धोखाधड़ी मामले में फंसे हुए थे, लेकिन सीबीआई ने उनके मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जो उन्हें क्लीन चिट देने जैसा था, तब से कंबोज भाजपा में तेजी से उभरे हैं. 2013 में वे मुंबई भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष बने और 2014 में उन्होंने डिंडोशी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि वे जीतने में असफल रहे.
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कंबोज पिछले कुछ सालों में फडणवीस के और करीब आ गए हैं. जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के खिलाफ बगावत की, तो कंबोज बागी विधायकों के साथ गुजरात और असम जाते देखे गए. एमवीए शासन के दौरान, वे अक्सर सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते थे.
कंबोज पिछले कुछ सालों में फडणवीस के और करीब आ गए हैं. जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के खिलाफ बगावत की, तो कंबोज बागी विधायकों के साथ गुजरात और असम जाते देखे गए. एमवीए शासन के दौरान, वे अक्सर सोशल मीडिया पर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते थे.
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. प्रसाद लाड की फडणवीस से नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2017 में भाजपा में शामिल होने के एक साल बाद ही उन्हें कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार चुना गया. पहले एनसीपी में नेता रहे लाड ने 2017 में एमएलसी सीट जीतने से पहले दो चुनाव लड़े, कथित तौर पर एनसीपी और कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोट के साथ, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा द्वारा मैनेज किया गया था। उन्हें 2022 में एमएलसी के रूप में फिर से चुना गया.
. प्रसाद लाड की फडणवीस से नजदीकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2017 में भाजपा में शामिल होने के एक साल बाद ही उन्हें कई वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार चुना गया. पहले एनसीपी में नेता रहे लाड ने 2017 में एमएलसी सीट जीतने से पहले दो चुनाव लड़े, कथित तौर पर एनसीपी और कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोट के साथ, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा द्वारा मैनेज किया गया था। उन्हें 2022 में एमएलसी के रूप में फिर से चुना गया.
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लाड को फडणवीस के समर्थन में अपने बयानों के लिए मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की आलोचना का सामना करना पड़ा. लाड ने फडणवीस का बचाव किया और पाटिल को अपमानजनक टिप्पणी करने के खिलाफ चेतावनी दी, उन्हें खुद राजनीति में आने की चुनौती दी. राजनीति के अलावा, लाड एक व्यवसायी हैं, जिनकी रुचि विभिन्न सेवा उद्योगों में है और वे बेस्ट कामगार संगठन संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.
लाड को फडणवीस के समर्थन में अपने बयानों के लिए मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की आलोचना का सामना करना पड़ा. लाड ने फडणवीस का बचाव किया और पाटिल को अपमानजनक टिप्पणी करने के खिलाफ चेतावनी दी, उन्हें खुद राजनीति में आने की चुनौती दी. राजनीति के अलावा, लाड एक व्यवसायी हैं, जिनकी रुचि विभिन्न सेवा उद्योगों में है और वे बेस्ट कामगार संगठन संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं.
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महाराष्ट्र की राजनीति में प्रवीण दरेकर का नाम तेजी से उभर रहा है. शिवसेना से राजनीति शुरू करने वाले दरेकर ने मनसे और फिर भाजपा का रुख किया. वे विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने और भाजपा में अपनी मजबूत स्थिति बनाई.
महाराष्ट्र की राजनीति में प्रवीण दरेकर का नाम तेजी से उभर रहा है. शिवसेना से राजनीति शुरू करने वाले दरेकर ने मनसे और फिर भाजपा का रुख किया. वे विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने और भाजपा में अपनी मजबूत स्थिति बनाई.
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फडणवीस से दरेकर की निकटता तब स्पष्ट हुई जब दरेकर के नेतृत्व वाले मुंबई सहकारी बैंक को मुंबई में एक प्रमुख भूखंड आवंटित किया गया. वे फडणवीस के समर्थन में मुखर हैं और अक्सर टेलीविजन बहसों में उनका बचाव और प्रशंसा करते देखे जाते हैं.
फडणवीस से दरेकर की निकटता तब स्पष्ट हुई जब दरेकर के नेतृत्व वाले मुंबई सहकारी बैंक को मुंबई में एक प्रमुख भूखंड आवंटित किया गया. वे फडणवीस के समर्थन में मुखर हैं और अक्सर टेलीविजन बहसों में उनका बचाव और प्रशंसा करते देखे जाते हैं.

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