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पायलट बनने की ट्रेनिंग में कितने रुपये होते हैं खर्च, कितनी होती है इनकी पहली सैलरी?
भारत में पायलट बनने के लिए आमतौर पर दो प्रमुख रास्ते होते हैं. पहला कमर्शियल पायलट लाइसेंस की ट्रेनिंग लेकर सिविल एविएशन में करियर बनाना और दूसरा रास्ता भारतीय वायु सेना के जरिए पायलट बनना.
आसमान में उड़ते प्लेन को देखकर पायलट बनने का सपना कई लोगों के मन में आता है. तेज रफ्तार विमान उड़ाने का रोमांच, अच्छी सैलरी और दुनिया घूमने का मौका इस करियर को बहुत आकर्षक बनाता है. लेकिन पायलट बनना सिर्फ ग्लैमरस करियर नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदारी भरा और तकनीकी पेशा माना जाता है, जिसके लिए कड़ी मेहनत, ट्रेनिंग और भारी खर्च की जरूरत होती है. अगर कोई छात्र पायलट बनना चाहता है तो उसे पढ़ाई से लेकर मेडिकल टेस्ट और फ्लाइंग ट्रेनिंग तक कई चरणों से गुजरना पड़ता है. इसके अलावा ट्रेनिंग पर लाखों रुपये खर्च भी होते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत में पायलट बनने की ट्रेनिंग में कितने रुपये खर्च होते हैं और उनकी पहली सैलरी कितनी होती है.
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भारत में पायलट बनने के लिए आमतौर पर दो प्रमुख रास्ते होते हैं. पहला कमर्शियल पायलट लाइसेंस की ट्रेनिंग लेकर सिविल एविएशन में करियर बनाना और दूसरा रास्ता भारतीय वायु सेना के जरिए पायलट बनना. कमर्शियल पायलट बनने के लिए छात्र फ्लाइंग स्कूल या एविएशन अकैडमी में ट्रेनिंग लेते हैं. जबकि कई एयरलाइन कंपनियां अपने स्तर पर कैडेट पायलट प्रोग्राम भी चलाती है, जिसके जरिए उम्मीदवारों को ट्रेनिंग देकर पायलट बनाया जाता है.
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वहीं पायलट बनने के लिए सबसे पहले 12वीं पास होना जरूरी है. इसमें फिजिक्स, मैथ्स और अंग्रेजी सब्जेक्ट होना जरूरी है और कम से कम 50 प्रतिशत नंबर होने चाहिए. उम्र की बात करें तो कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए कम से कम 18 साल का होना जरूरी है. अगर किसी छात्र ने 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स नहीं पढ़ी है तो वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग या किसी अन्य बोर्ड के जरिए इन विषयों की परीक्षा पास करके पात्रता हासिल कर सकता है.
Published at : 12 Mar 2026 06:13 PM (IST)
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