एक्सप्लोरर

Explained: किन पार्टियों ने अपने पहले चुनाव में सरकार बनाई? प्रफुल्ल महंत से लेकर विजय थलापति तक पहली बार बने CM

Political Parties First Victory: 6 राजनीतिक पार्टियों की कामयाबी बताती है कि अगर जनता का मूड भांप लिया जाए और उनके मुद्दों पर सही तरीके से बात की जाए, तो राजनीति में उम्र या अनुभव मायने नहीं रखता.

भारतीय लोकतंत्र में नई राजनीतिक पार्टियों का बनना और फौरन सत्ता में आना कोई आम बात नहीं है. अक्सर पार्टियों को जनता का विश्वास जीतने और सरकार बनाने में सालों लग जाते हैं, लेकिन कुछ पार्टियां ऐसी भी हैं जिन्होंने गठन के बाद ही पहले विधानसभा चुनाव में इतिहास रच दिया और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गईं. ऐसी 6 राजनीतिक पार्टियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने 'पॉलिटिकल स्टार्टअप' से सत्ता के शिखर तक का सफर रिकॉर्ड समय में तय किया.

1. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP): गोवा की पहली पसंद

गोवा 1961 तक पुर्तगाली शासन के अधीन था. आजादी के बाद गोवा को दमन और दीव के साथ मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया. उसी दौरान गोवा में दो धड़े उभर कर सामने आए- एक जो गोवा का महाराष्ट्र में विलय चाहता था और दूसरा जो गोवा की अलग पहचान के पक्ष में था. इसी राजनीतिक माहौल में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) का गठन हुआ जो गोवा के महाराष्ट्र में विलय की हिमायत करती थी. गोवा, दमन और दीव विधानसभा के लिए पहला चुनाव 9 दिसंबर 1963 को हुआ. इसमें कुल 30 सीटों के लिए वोट डाले गए और रिकॉर्ड 75% मतदान हुआ. दयानंद बांदोडकर के नेतृत्व में MGP ने चुनाव लड़ा और 16 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. दयानंद बांदोडकर गोवा, दमन और दीव के पहले मुख्यमंत्री बने. करीब 10 साल बाद 1973 में उनके निधन के पश्चात उनकी बेटी शशिकला काकोडकर राज्य की मुख्यमंत्री बनीं.

2. तेलुगु देशम पार्टी (TDP): सिनेमा से सत्ता तक का सफर

साल 1982 का दौर था. आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पिछले 27 सालों से सत्ता में थी. राज्य की जनता कांग्रेस के शासन से तंग आ चुकी थी. केंद्र सरकार की ओर से राज्य के मामलों में लगातार दखलअंदाजी, बढ़ता भ्रष्टाचार और तेलुगु लोगों की उपेक्षा की भावना जोर पकड़ रही थी. इसी माहौल में मशहूर तेलुगु फिल्म स्टार एन.टी. रामाराव उर्फ NTR ने 29 मार्च 1982 को हैदराबाद में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की स्थापना की. TDP ने महज 9 महीनों में ही 1983 में अविभाजित आंध्र प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ा. TDP ने कुल 294 में से 201 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस महज 60 सीटों पर सिमट गई. 9 जनवरी 1983 को NTR ने आंध्र प्रदेश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्होंने चार बार (1983, 1985, 1989, 1994) मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. TDP देश की पहली ऐसी क्षेत्रीय पार्टी भी बनी जो 1984 से 1989 तक लोकसभा में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी.

3. आम आदमी पार्टी (AAP): झाड़ू ने उड़ाई सियासी सुनामी

अन्ना हजारे के नेतृत्व में चले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी (AAP) का गठन 26 नवंबर 2012 को हुआ. पूर्व IRS अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने AAP की स्थापना की. AAP ने पहला चुनाव 4 दिसंबर 2013 को दिल्ली विधानसभा के लिए लड़ा. पार्टी ने त्रिशंकु विधानसभा में 28 सीटें जीतकर शानदार शुरुआत की. बीजेपी 31 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन सरकार बनाने से मना कर दिया, जबकि कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई. 28 दिसंबर 2013 को अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. हालांकि जन लोकपाल बिल पास न होने के कारण उन्होंने महज   49 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया. लेकिन 2015 में फिर से चुनाव हुए तो AAP ने 70 में से 67 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बने. पार्टी ने 2020 में फिर सरकार बनाई लेकिन 2025 के चुनाव में हार गई.

4. असम गण परिषद (AGP): आंदोलन से सत्ता तक

1979 से 1985 तक असम में विदेशियों के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन चला जिसकी अगुवाई ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने की. इस आंदोलन के दौरान काफी हिंसा भी हुई. आखिरकार 15 अगस्त 1985 को केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच असम समझौता हुआ. इसके बाद आंदोलन के नेताओं ने एक राजनीतिक दल बनाने का फैसला किया और 13-14 अक्टूबर 1985 को गोलाघाट में असम गण परिषद (AGP) की स्थापना हुई. AGP ने दिसंबर 1985 में असम विधानसभा चुनाव लड़ा. 126 में से 92 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस महज 26 सीटों पर सिमट गई. इस बंपर जीत के बाद प्रफुल्ल कुमार महंत असम के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने 1985 से 1990 और फिर 1996 से 2001 तक दो बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया.

5. बीजू जनता दल (BJD): पिता की विरासत से सत्ता तक

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता बीजू पटनायक का अप्रैल 1997 में निधन हो गया. उनके बेटे नवीन पटनायक उस समय विदेश में रहते थे और राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं था. पिता के निधन के बाद वे भारत लौटे और दिसंबर 1997 में जनता दल से अलग होकर अपने पिता के नाम पर बीजू जनता दल (BJD) की स्थापना की. BJD ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन कर फरवरी-मार्च 2000 में ओडिशा विधानसभा चुनाव लड़ा. गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया. 5 मार्च 2000 को नवीन पटनायक ने पहली बार ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

6. तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK): सिनेमा के 'थलापति' ने रचा इतिहास

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय यानी चंद्रशेखर जोसेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को चेन्नई के पनैयूर में अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की स्थापना की. विजय ने पार्टी के गठन के समय ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी, बल्कि वह सीधे 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पर फोकस करेगी. TVK ने अप्रैल-मई 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार हिस्सा लिया और DMK और AIADMK जैसी दिग्गज पार्टियों का 50 साल पुराना दबदबा खत्म कर दिया. 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई. हालांकि TVK बहुमत के आंकड़े (118) से 10 सीट दूर रह गई, लेकिन कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से 10 मई 2026 को विजय 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

ये छह पार्टियां इस बात का सबूत हैं कि भारतीय लोकतंत्र में जनता का मूड कभी-कभी बिल्कुल नए चेहरों और नई सोच के साथ जाने का होता है. चाहे वह 1963 में गोवा में MGP की जीत हो या 2026 में तमिलनाडु में TVK की ऐतिहासिक एंट्री. हर बार जनता ने पारंपरिक दलों से इतर कुछ नया करने की कोशिश की.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज़ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टेलीविजन और डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में उन्हें 8 साल से ज्यादा का तजुर्बा है. इससे पहले वे 3 बड़े मीडिया संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में सीनियर सब एडिटर रहे. ज़ाहिद आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर लीड भी कर चुके हैं. देश-विदेश, सियासत, कारोबार, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, चुनाव और समाजी मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ है. आसान लहजे में असरदार और भरोसेमंद एक्सप्लेनर पेश करना उनकी पहचान है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Cockroach Janta Party Protest LIVE: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, अभिजीत दीपके भी मौजूद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
LIVE: CJP का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन, अभिजीत दीपके भी मौजूद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
CJP Protest: भारत में लैंड करते ही कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
भारत में लैंड करते ही कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
CJP Protest: क्या अमेरिका ने अभिजीत दीपके के डिपोर्टेशन के बारे में बताया? दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन से पहले सरकार से सवाल
क्या अमेरिका ने अभिजीत दीपके के डिपोर्टेशन के बारे में बताया? दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन से पहले सरकार से सवाल
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किन नेताओं को सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किसे सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
Advertisement

वीडियोज

Khan Sir Controversy: आज कोर्ट में सरेंडर करेंगे खान सर? | Patna Coaching Firing
Khan Sir Controversy: खान सर की होने वाली है गिरफ्तारी? | Patna Coaching Firing | Breaking | Bihar
US Iran War Updates: Hormuz पर बड़ी कार्रवाई के बाद Trump का बयान | Khamenei | Breaking |Latest News
Sansani: ब्रेकअप का खूनी दरिंदा ! | Mohali Punjab | Crime News
Khan Sir Controversy: 'गोली कांड' में खान सर फंस गए! | Roshan Anand | Coaching Firing | Bihar News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पाकिस्तान की नई चाल, PoK में विधानसभा चुनाव कराने का किया ऐलान, भारत ने UN में लगाई लताड़, कहा- ऐसे कब्जा...
पाकिस्तान की नई चाल, PoK में विधानसभा चुनाव कराने का किया ऐलान, भारत ने UN में लगाई लताड़, कहा- ऐसे कब्जा...
'आज ही के दिन कोर्ट ने रगड़ा था...', सपा सरकार की याद दिलाकर ओपी राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज
'आज ही के दिन कोर्ट ने रगड़ा था...', सपा सरकार की याद दिलाकर ओपी राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किन नेताओं को सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा फैसला, किसे सौंपी सीट जिताने की जिम्मेदारी?
झूठे आरोपों का कबूलनामा कर बुरी फंसी शिल्पा शिंदे, अब होगी कार्रवाई? AICWA ने महाराष्ट्र के सीएम से कर दी है अपील
झूठे आरोपों के खिलाफ शिल्पा शिंदे पर अब होगी कार्रवाई? एआईसीडब्ल्यूए ने की ये तैयारी
IND vs AFG Live Streaming: आज कितने बजे से शुरू होगा भारत-अफगानिस्तान टेस्ट, जानिए किस चैनल और ऐप देखें लाइव मैच
आज कितने बजे से शुरू होगा IND vs AFG टेस्ट, जानिए किस चैनल और ऐप देखें लाइव मैच
दुनिया में भारत का वर्चस्व, चीन बड़ा खिलाड़ी, पुतिन ने ट्रंप को चेताया- तेल की कीमतें बढ़ी तो US की बादशाहत...
दुनिया में भारत का वर्चस्व, चीन बड़ा खिलाड़ी, पुतिन ने ट्रंप को चेताया- तेल की कीमतें बढ़ी तो US की बादशाहत...
BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान
BJP छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने नई पार्टी का किया ऐलान, CM थलापति विजय को लेकर दिया बड़ा बयान
छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM ने दिए बड़े निर्देश
छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM ने दिए बड़े निर्देश
Embed widget