Somnath Amrit Mahotsav: PM Modi ने सरदार वल्लभभाई पटेल को किया याद | Gujarat | BJP | Breaking
प्रधानमंत्री मोदी रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं. सोमवार को उन्होंने गिर सोमनाथ में भव्य रोड शो किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे और वहां कुंभाभिषेक तथा पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया.प्रधानमंत्री आज शाम वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन भी करेंगे. इसके साथ ही वे दोनों कार्यक्रमों में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे. गुजरात में सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मविश्वास और राष्ट्र की ताकत को लेकर बड़ा संदेश दिया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसके वैभव को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो सके. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी दबाव में ला सकती है. उन्होंने 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी हो गई थी. परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं, लेकिन भारत पीछे नहीं हटा.प्रधानमंत्री मोदी रविवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं. सोमवार को उन्होंने गिर सोमनाथ में भव्य रोड शो किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर पहुंचे और वहां कुंभाभिषेक तथा पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया.प्रधानमंत्री आज शाम वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन भी करेंगे. इसके साथ ही वे दोनों कार्यक्रमों में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे. गुजरात में सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, आत्मविश्वास और राष्ट्र की ताकत को लेकर बड़ा संदेश दिया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास में कई आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसके वैभव को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे कभी सफल नहीं हो सके. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती और न ही किसी दबाव में ला सकती है. उन्होंने 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया भारत के खिलाफ खड़ी हो गई थी. परमाणु परीक्षण के बाद भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और दुनिया की आंखें लाल हो गई थीं, लेकिन भारत पीछे नहीं हटा.

























