एक्सप्लोरर

ईरान-जंग के बाद बदलती दुनिया: होर्मुज से उठी आग ने ग्लोबल सियासत का नक्शा बदल दिया

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच छिड़े संघर्ष और उसके बाद हुए नाज़ुक युद्धविराम ने न केवल खाड़ी क्षेत्र, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को हिला कर रख दिया है. हालात ऐसे मुकाम पर पहुंच चुके हैं कि यह कहना गलत नहीं होगा कि इस जंग ने एक “नया विश्व संतुलन” पैदा कर दिया है.

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य झड़प ने इस युद्धविराम की कमजोरी को फिर उजागर किया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में अमेरिकी युद्धपोतों और ईरानी बलों के बीच मिसाइलों, ड्रोन और तेज़ रफ्तार नौकाओं से हुई मुठभेड़ के बाद दुनिया की निगाहें फिर खाड़ी पर टिक गई हैं. अमेरिका ने जवाबी हमले किए, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “जंगबंदी का उल्लंघन” मानने से इनकार करते हुए “लव टैप” बताया. यह बयान संकेत देता है कि वॉशिंगटन ईरान के साथ बड़े युद्ध से बचना चाहता है.

बड़े युद्ध से बचना चाहता है यूएस

अफगानिस्तान और इराक के लंबे युद्धों के बाद अमेरिकी जनता एक और मिडिल ईस्ट युद्ध के पक्ष में नहीं है. अमेरिका के भीतर यह धारणा मजबूत हो रही है कि यह संघर्ष मुख्यतः इज़राइल की सुरक्षा और उसके राजनीतिक हितों से जुड़ा है, न कि सीधे तौर पर अमेरिका के हितों से. यही कारण है कि युद्धविराम से पहले ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू को पूरी तरह भरोसे में नहीं लिया, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद भी उजागर हुए हैं.

जहां रूस-यूक्रेन युद्ध ने पश्चिमी देशों को एकजुट किया था, वहीं ईरान-इज़राइल तनाव ने उसी गठबंधन में दरारें पैदा कर दी हैं. यूरोप के कई देश अब अमेरिकी सैन्य नीति से दूरी बनाने लगे हैं. खाड़ी क्षेत्र में भी राजनीतिक बदलाव साफ दिखाई दे रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात के भीतर मतभेद बढ़ने की खबरें हैं, जहां कुछ अमीरात, खासकर शारजाह, अबूधाबी और दुबई की इज़राइल के साथ बढ़ती नज़दीकियों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं.

ईरान ने दिखाई कूटनीतिक सक्रियता

ईरान ने इस संकट के दौरान सैन्य के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रियता दिखाई है. वह सऊदी अरब, ओमान और अन्य अरब देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है. मुस्लिम दुनिया में भी एक नई राजनीतिक धुरी उभरती दिख रही है, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र जैसे देश शामिल हैं.

इस पूरे संकट की जड़ फिलिस्तीन का मुद्दा है, जो आज भी मिडिल ईस्ट की अस्थिरता का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है. जब तक “टू-स्टेट सॉल्यूशन” लागू नहीं होता, यानी इज़राइल और फिलिस्तीन दोनों को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं मिलती, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं दिखती.

यह संघर्ष अब केवल सैन्य टकराव नहीं रह गया है, बल्कि बदलते वैश्विक गठबंधनों और शक्ति संतुलन की एक बड़ी लड़ाई बन चुका है, जो आने वाले समय में विश्व राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है.

[ये लेखक के निजी विचार है]

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
Malviya Nagar Fire: पिता के इलाज के लिए आए CA विवेक अग्रवाल समेत गुरुग्राम के 8 लोगों की मौत
दिल्ली होटल अग्निकांड: पिता के इलाज के लिए आए CA विवेक अग्रवाल समेत गुरुग्राम के 8 लोगों की मौत
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन

वीडियोज

Sansani | Crime News | Malviya Nagar Fire:होटल नहीं, 'गैस चेंबर' में तड़पकर मरे 21 लोग!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Delhi News | Janhit: मालवीय नगर का खौफनाक सच!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Delhi News: ऑनलाइन बुकिंग चालू, पर सिस्टम 'अंधा'!
Malviya Nagar Fire | Bharat Ki Baat: खिड़कियां सील, बंद इमरजेंसी एग्जिट! रूह कंपा देने वाली दास्तां!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Sandeep Chaudhary:मालवीय नगर अग्निकांड पर सबसे तीखा प्रहार!

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
Malviya Nagar Fire: पिता के इलाज के लिए आए CA विवेक अग्रवाल समेत गुरुग्राम के 8 लोगों की मौत
दिल्ली होटल अग्निकांड: पिता के इलाज के लिए आए CA विवेक अग्रवाल समेत गुरुग्राम के 8 लोगों की मौत
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
Karnataka New CM DK Shivakumar: डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की पूरी लिस्ट
डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की लिस्ट
फोल्डेबल आईफोन को हीट से बचाने के लिए स्पेशल प्लान, कूलिंग के लिए मिलेगा यह खास सिस्टम
फोल्डेबल आईफोन को हीट से बचाने के लिए स्पेशल प्लान, कूलिंग के लिए मिलेगा यह खास सिस्टम
Explained: 15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बनता जा रहा बिहार?
15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बन रहा बिहार?
Embed widget