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Ambedkar Jayanti 2023: जिसे पढ़ने से रोका वही बच्चा बना देश का पहला कानून मंत्री, जानें भारत रत्न डॉ.अंबेडकर से जुड़ी विशेष बातें
Ambedkar Jayanti 2023: डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस मौके पर जानते हैं भारत रत्न बाबा साहेब अंबेडकर जी के जीवन से जुड़ी कई अनसुनी और रोचक बातें.
अंबेडकर जयंती 2023
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जातिगत शब्दों का दंश झेल चुके बाबा साहेब के पिताजी ने उनके बेटे अंबेडकर जी का सरनेम स्कूल में भिवा रामजी अंबावेडकर लिखवाया था. ‘आंबडवेकर’ उपनाम की वजह थी उनका मूल गांव जिसका नाम था अंबाडवे. चूंकी बाब साहेब पढ़ने में बहुत तेज से और कृष्णा महादेव आंबेडकर टीचर के प्रिय छात्र थे. खास स्नेह के कारण शिक्षक कृष्णा महादेव ने भीमराव के नाम में अंबेडकर सरनेम जोड़ दिया. तभी से उनका सरनेम अंबावेडकर के अंबेडकर हो गया.
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निचली जाति से होने के कारण बचपन से ही बाबा साहेब को जातिगत भेदभाव से जूझना पड़ा. सार्वजनिक मटके से पानी न पीने देना, किताबे पढ़ने पर रोक, उनका मंदिर में प्रवेश वर्जित जैसी कई बातें उन्हें घर कर गई. उस दौर में कानून भी चुप्पी साधे रहा. यहीं से ऊंच-नीच का फर्क मिटाने के संघर्ष की नींव पड़ी और यही बच्चा देश का पहला कानून मंत्री बना.
Published at : 14 Apr 2023 07:30 AM (IST)
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