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Kitchen Gardening Tips: घर पर उगाएं ताजी-हरी लौकी, गर्मी के सीजन में नहीं पड़ेगी खरीदने की जरूरत

लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे अलग-अलग मौसम में उगाया जा सकता है. गर्मी की शुरुआत यानी फरवरी से अप्रैल में, मानसून के दौरान जून-जुलाई में और ठंड के मौसम में अक्टूबर-नवंबर के बीच इसकी बुवाई की जाती है.

लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे अलग-अलग मौसम में उगाया जा सकता है. गर्मी की शुरुआत यानी फरवरी से अप्रैल में, मानसून के दौरान जून-जुलाई में और ठंड के मौसम में अक्टूबर-नवंबर के बीच इसकी बुवाई की जाती है.

आज के समय बाजार में मिलने वाली सब्जियों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है. खासकर लौकी जैसे सब्जियों में कीटनाशक और रासायनिक तत्वों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती रही है. कई बार तो इनमें कृत्रिम तरीके से साइज बढ़ाने तक के आरोप लगाते हैं. ऐसे में अब बड़ी संख्या में लोग अपनी रसोई के लिए सब्जियां खुद उगाने की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप घर पर हरी ताजी लौकी कैसे उगा सकते हैं, जिससे गर्मी के सीजन में आपको लौकी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे अलग-अलग मौसम में उगाया जा सकता है. गर्मी की शुरुआत यानी फरवरी से अप्रैल में, मानसून के दौरान जून-जुलाई में और ठंड के मौसम में अक्टूबर-नवंबर के बीच इसकी बुवाई की जाती है. जिन क्षेत्रों में सर्दी कम पड़ती है, वहां लौकी के लिए अक्टूबर-नवंबर का समय विशेष रूप से बेहतर माना जाता है.
लौकी एक ऐसी सब्जी है, जिसे अलग-अलग मौसम में उगाया जा सकता है. गर्मी की शुरुआत यानी फरवरी से अप्रैल में, मानसून के दौरान जून-जुलाई में और ठंड के मौसम में अक्टूबर-नवंबर के बीच इसकी बुवाई की जाती है. जिन क्षेत्रों में सर्दी कम पड़ती है, वहां लौकी के लिए अक्टूबर-नवंबर का समय विशेष रूप से बेहतर माना जाता है.
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वहीं घर पर लौकी उगाने के लिए सबसे पहले एक अच्छे बीज की जरूरत होती है. बीज को अंकुरित करने के लिए छोटे गमले, ट्रे या कोकोपीट का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी होता है, जिससे बीज आसानी से अंकुरित हो सके. आमतौर पर 7 से 10 दिनों के अंदर लौकी छोटे पौधे निकलने लगते हैं.
वहीं घर पर लौकी उगाने के लिए सबसे पहले एक अच्छे बीज की जरूरत होती है. बीज को अंकुरित करने के लिए छोटे गमले, ट्रे या कोकोपीट का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी होता है, जिससे बीज आसानी से अंकुरित हो सके. आमतौर पर 7 से 10 दिनों के अंदर लौकी छोटे पौधे निकलने लगते हैं.
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वहीं लौकी की बेल तेजी से फैलती है, इसलिए इसे उगाने के लिए बड़े और गहरे गमलें का इस्तेमाल करना चाहिए. गमले में नॉर्मल मिट्टी के साथ गोबर की खाद और बालू या कोकोपीट मिलाकर भरना ज्यादा सही रहता है. ध्यान रखें कि गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर रखें.
वहीं लौकी की बेल तेजी से फैलती है, इसलिए इसे उगाने के लिए बड़े और गहरे गमलें का इस्तेमाल करना चाहिए. गमले में नॉर्मल मिट्टी के साथ गोबर की खाद और बालू या कोकोपीट मिलाकर भरना ज्यादा सही रहता है. ध्यान रखें कि गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद जरूर रखें.
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लौकी के बीजों को करीब 1 इंच की गहराई में बोने के बाद हल्का पानी दें. शुरुआती दिनों में इसमें ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बीज सड़ सकते हैं. वहीं लौकी के बीज बोने के लगभग 6 से 10 दिनों में अंकुरण शुरू होता है.
लौकी के बीजों को करीब 1 इंच की गहराई में बोने के बाद हल्का पानी दें. शुरुआती दिनों में इसमें ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बीज सड़ सकते हैं. वहीं लौकी के बीज बोने के लगभग 6 से 10 दिनों में अंकुरण शुरू होता है.
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लौकी के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना 5 से 8 घंटे की धूप मिलना जरूरी है. साथ ही पानी का संतुलन बनाए रखना भी अहम होता है. ज्यादा पानी देने से पौधा खराब हो सकता है, जबकि कम पानी में इसकी ग्रोथ प्रभावित होती है.
लौकी के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना 5 से 8 घंटे की धूप मिलना जरूरी है. साथ ही पानी का संतुलन बनाए रखना भी अहम होता है. ज्यादा पानी देने से पौधा खराब हो सकता है, जबकि कम पानी में इसकी ग्रोथ प्रभावित होती है.
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वहीं पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए हर 15 से 20 दिन में खाद जैसे गोबर या वर्मी कंपोस्ट डालना चाहिए. इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलता है और बिना रसायनों के हेल्दी लौकी का उत्पादन होता है. कीड़ों से बचाव के लिए नीम के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है.
वहीं पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए हर 15 से 20 दिन में खाद जैसे गोबर या वर्मी कंपोस्ट डालना चाहिए. इससे पौधे को जरूरी पोषण मिलता है और बिना रसायनों के हेल्दी लौकी का उत्पादन होता है. कीड़ों से बचाव के लिए नीम के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है.
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इसके अलावा लौकी की बेल वाली सब्जी को बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत है. पौधा थोड़ा बड़ा होने पर इसे जाली, रस्सी या फिर बांस की मदद से ऊपर चढ़ाया जा सकता है. इससे बेल मजबूत होती है और फल भी अच्छी तरह विकसित होते हैं.
इसके अलावा लौकी की बेल वाली सब्जी को बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत है. पौधा थोड़ा बड़ा होने पर इसे जाली, रस्सी या फिर बांस की मदद से ऊपर चढ़ाया जा सकता है. इससे बेल मजबूत होती है और फल भी अच्छी तरह विकसित होते हैं.
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वहीं बीज बोने के करीब 25 से 30 दिनों में पौधे में फूल आने लगते हैं और उसके कुछ दिनों बाद फल बनना शुरू हो जाता है. लगभग 60 से 80 दिनों के अंदर लौकी तोड़ने लायक हो जाती है. इसके अलावा सही देखभाल करने पर एक पौधे से कई लौकी का उत्पादन हो सकता है.
वहीं बीज बोने के करीब 25 से 30 दिनों में पौधे में फूल आने लगते हैं और उसके कुछ दिनों बाद फल बनना शुरू हो जाता है. लगभग 60 से 80 दिनों के अंदर लौकी तोड़ने लायक हो जाती है. इसके अलावा सही देखभाल करने पर एक पौधे से कई लौकी का उत्पादन हो सकता है.

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