एक्सप्लोरर

अगस्त में लगाएं ये 5 सब्जियां, होगी तगड़ी कमाई

Vegetables In August: अगस्त के महीने में मानसून की सही नमी और हाई डिमांड का फायदा उठाकर आप सब्जियों की खेती से कम समय में बंपर कमाई कर सकते हैं. जानें इस महीने में कौनसी सब्जी है ज्यादा मुनाफेवाली.

Vegetables In August: मानसून के मौसम में बारिश का ज़ोर पकड़ते ही खेतों में नई फसलों की बुआई शुरू हो जाती है. अगस्त का महीना किसानों के लिए बहुत फायदे का सौदा माना जाता है. इस समय मौसम में सही नमी और तापमान ऐसा होता है जो सब्जियों की तेजी से ग्रोथ के लिए एकदम मुफीद है. अगर आप भी पारंपरिक फसलों के ढर्रे से हटकर कम समय में तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं.

तो अगस्त में सब्जियों की स्मार्ट फार्मिंग सबसे बढ़िया ऑप्शन है. इस महीने में बोई गई सब्जियों की फसल जब त्योहारों के सीज़न यानी सितंबर और अक्टूबर में बाज़ार में आती है, तब मंडियों में इनकी डिमांड बहुत हाई होती है. कम लागत और थोड़ी देखभाल के साथ अगर सही समय पर सही सब्जियों का चुनाव कर लिया जाए, तो यह महीने भर में आपकी कमाई को कई गुना बढ़ा सकती हैं.

अगस्त में उगाई जाने वाली 5 मुनाफेमंद सब्जियां

अगर आप अगस्त के महीने में कम वक्त और कम लागत लगाकर मोटी कमाई करना चाहते हैं. तो फिर इन 5 खास सब्जियों की खेती करना आपके लिए सबसे समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है. इनमें सबसे पहली सब्जी है अगेती फूलगोभी, जिसकी डिमांड फेस्टिव सीज़न में सबसे ज्यादा रहती है.

दूसरी और तीसरी सब्जियां हैं गाजर और मूली, जो बहुत कम समय में तैयार होकर तुरंत मुनाफा देती हैं. इसके अलावा चौथी फसल है बैंगन और पांचवीं सबसे मशहूर फसल है शिमला मिर्च जिसकी रोपाई इस महीने में बड़े पैमाने पर की जाती है.

यह पांचों सब्जियां ऐसी हैं जिनकी खपत हर घर, होटल और लोकल मार्केट में पूरे साल बनी रहती है. मानसून के इस दौर में अगर सही समय पर इन फसलों का चुनाव कर लिया जाए, तो किसान को मंडियों में अपनी उपज का बहुत ही शानदार और बढ़िया भाव मिलता है जिससे पूरे सीजन बेहतर कमाई बनी रहती है.


अगस्त में लगाएं ये 5 सब्जियां, होगी तगड़ी कमाई

यह भी पढ़ें: कृषि यंत्र खरीदने से बेहतर है किराये पर लेना? सरकार कैसे करती है मदद

इन फसलों को उगाने सही तरीका

अगस्त के महीने में इन सब्जियों की खेती करते समय सबसे बड़ी दिक्कत भारी बारिश और जलभराव की होती है. इनसे फसलों को बचाना होता है. इसीलिए गाजर और मूली की बुआई हमेशा खेत में गहरी जुताई करने के बाद उठी हुई मेढ़ों पर ही करें जिससे बीज सड़ने न पाएं.

वहीं अगेती फूलगोभी, बैंगन और शिमला मिर्च के लिए सबसे पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है और बाद में फिर स्वस्थ पौधों की खेत में रोपाई होती है. रोपाई करते समय पौधों और लाइनों के बीच सही दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी होता है.

जिससे हवा और धूप आसानी से पास हो सके. खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था करें और बेड्स बनाकर ही रोपाई करें. इसके साथ ही जैविक खाद, नीम की खली और वर्मीकंपोस्ट का बराबर इस्तेमाल करें जिससे पौधों की जड़ें मजबूत रहें और फंगस या कीटों का असर फसल पर न पड़े.


अगस्त में लगाएं ये 5 सब्जियां, होगी तगड़ी कमाई

इन 5 सब्जियों से मिलने वाला मुनाफा

अगस्त में बारिश के मौसम में बोई जाने वाली इन सब्जियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत कम समय में तैयार होकर किसान को लगातार कमा कर पैसे देती रहती हैं. गाजर और मूली महज 40 से 50 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. जिससे किसान को तुरंत पैसा मिलने लगता है.

वहीं अगेती फूलगोभी उस टाइम पर बाज़ार में आती है जब उसकी सप्लाई कम और कीमतें बहुत ज्यादा होती हैं. बैंगन और शिमला मिर्च ऐसी फसलें हैं जिनकी एक बार रोपाई करने के बाद कई महीनों तक लगातार तुड़ाई की जा सकती है.

जिससे लंबे समय तक फिक्स इनकम बनी रहती है. अगर किसान समय का सही तालमेल बैठाए और थोड़ी देखभाल के साथ काम करे तो बहुत ही कम लागत में इन 5 सब्जियों से उम्मीद से कहीं ज्यादा तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: बिना खेत के भी कर सकते हैं मशरूम की खेती, जान लें इसका तरीका

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अपने किचन गार्डन में कैसे उगाएं यूपी का गन्ना? ये टेक्निक करेगी काम
अपने किचन गार्डन में कैसे उगाएं यूपी का गन्ना? ये टेक्निक करेगी काम
अमेरिकन पत्ता गोभी देगी बंपर मुनाफा, ऐसे लगाएं इसकी फसल
अमेरिकन पत्ता गोभी देगी बंपर मुनाफा, ऐसे लगाएं इसकी फसल
क्या अक्टूबर में आएगी PM Kisan की 24वीं किस्त? चेक करें अपना स्टेटस
क्या अक्टूबर में आएगी PM Kisan की 24वीं किस्त? चेक करें अपना स्टेटस
दिवाली गिफ्ट: हर किसान को मिलेंगे ₹5000, कैसे करें अप्लाई
दिवाली गिफ्ट: हर किसान को मिलेंगे ₹5000, कैसे करें अप्लाई
Advertisement

वीडियोज

थम नहीं रहा घमासान... कैसे निकलेगा समाधान? सटीक विश्लेषण
घुसपैठिया और SIR, 2029 की 'जंग' तैयार!
Vasudha: Vasudha के प्यार में रस्में भूला Dev, दादी ने कान पकड़कर सिखाया सबक!
Bollywood News: आयुष्मान-सारा की ‘उड़ता तीर’ का दूसरा ट्रेलर रिलीज, धुरंधर से होने लगी तुलना! (14.10.26)
सोशल मीडिया की हसीन 'विष कन्या !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
SC के पूर्व जज ने SIR और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कहा- 'सुप्रीम कोर्ट को...'
SC के पूर्व जज ने SIR और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कहा- 'सुप्रीम कोर्ट को...'
प्रशांत किशोर का सनसनीखेज दावा, 'चुनाव आयोग सत्ता में बैठे…'
प्रशांत किशोर का सनसनीखेज दावा, 'चुनाव आयोग सत्ता में बैठे…'
IND vs WI 4th T20: सबसे तेज टीम शतक, वेस्टइंडीज ने चौथे टी20 में रचा दिया इतिहास
सबसे तेज टीम शतक, वेस्टइंडीज ने चौथे टी20 में रचा दिया इतिहास
'अब पूरा देश जंतर मंतर बनेगा', CJP के दास-रांका की गिरफ्तारी के बाद प्रकाश राज की सरकार को वॉर्निंग
'अब पूरा देश जंतर मंतर बनेगा', प्रकाश राज ने सरकार को दी वॉर्निंग
'फांसी नहीं, उम्रकैद हो सकती थी', मुस्कान-साहिल की वकील का बयान
'फांसी नहीं, उम्रकैद हो सकती थी', मुस्कान-साहिल की वकील का बयान
जिन 3 पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप, उन्हीं के खिलाफ दर्ज FIR
जिन 3 पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप, उन्हीं के खिलाफ दर्ज FIR
क्या कन्हैया कुमार की राह पर चलेंगी नेहा बोरा? कांग्रेस पर खुद दिया जवाब
क्या कन्हैया कुमार की राह पर चलेंगी नेहा बोरा? कांग्रेस पर खुद दिया जवाब
Bathroom Wall Mold: बाथरूम की दीवारों पर जम गई है फफूंदी? इसे ऐसे करें ठीक
बाथरूम की दीवारों पर जम गई है फफूंदी? इसे ऐसे करें ठीक
Embed widget