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महुआ मोइत्रा को देख फ्लाइट में लोगों ने की नारेबाजी, ऐसे मामलों में कितनी मिलती है सजा?

हवा में उड़ते विमान में जब नारेबाजी होने लगे, तो यह सिर्फ एक विवाद नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है. महुआ मोइत्रा के साथ फ्लाइट में हुई घटना ने एक बार फिर विमानन नियमों पर बहस छेड़ दी है.

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  • एयरक्राफ्ट रूल 23 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान.

कोलकाता से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-719 उस समय विवादों के केंद्र में आ गई, जब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ यात्रियों के एक समूह ने नारेबाजी शुरू कर दी. विमान के भीतर हुए इस हंगामे ने न केवल सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विमानन नियमों की सख्ती को भी चर्चा में ला दिया है. महुआ मोइत्रा ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू से हस्तक्षेप की मांग की है और दोषियों को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की अपील की है. आइए जानें कि इस मामले में कितनी सजा मिलती है.

विमान के भीतर नारेबाजी और सुरक्षा के नियम

विमान के अंदर किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी करना साधारण बात नहीं है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसी हरकतों को अव्यवस्थित व्यवहार (Unruly Behaviour) की श्रेणी में रखा जाता है. हाल ही में DGCA ने अपने नियमों को और अधिक सख्त बनाया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जा सके. विमान के उड़ान भरते ही यात्री को वहां के अनुशासन का पालन करना अनिवार्य होता है और किसी भी प्रकार का शोर-शराबा सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाता है.

DGCA की नई कैटेगरी और सख्त पाबंदियां

विमानन नियामक ने हाल के दिनों में अपने नियमों में छह नए वर्ग जोड़े हैं. इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में धूम्रपान करना, शराब पीकर हंगामा करना, आपातकालीन निकास का गलत इस्तेमाल करना और विशेष रूप से नारेबाजी या विरोध प्रदर्शन में शामिल होना शामिल है. यदि कोई यात्री नशे की हालत में अनियंत्रित व्यवहार करता है या चिल्लाकर अन्य यात्रियों को परेशान करता है, तो एयरलाइंस को उसके खिलाफ तत्काल कठोर कदम उठाने का कानूनी अधिकार प्राप्त है.

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एयरलाइन के पास कार्रवाई करने की बड़ी ताकत

नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (CAR) और एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के तहत विमान के अंदर नारेबाजी करना दंडनीय अपराध है. जैसे ही क्रू को ऐसी किसी स्थिति का पता चलता है, वे संबंधित यात्री को तुरंत रोकने के लिए अधिकृत होते हैं. यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तो पायलट-इन-कमांड के पास अधिकार होता है कि वह विमान को नजदीकी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करा दे. इसके बाद हंगामा करने वाले यात्री को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया जाता है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होती है.

अपराध की गंभीरता और नो-फ्लाई लिस्ट का प्रावधान

सजा का निर्धारण अपराध की गंभीरता के आधार पर किया जाता है. छोटे या हल्के अपराधों के लिए यात्री पर 3 दिन से लेकर 30 दिन तक का यात्रा प्रतिबंध (बैन) लगाया जा सकता है. वहीं, अगर नारेबाजी या व्यवहार गंभीर प्रकृति का पाया जाता है, तो यात्री को 1 से 2 साल या उससे भी अधिक समय के लिए नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जा सकता है. इसका मतलब है कि वह व्यक्ति निर्धारित समय तक किसी भी एयरलाइन से यात्रा नहीं कर पाएगा. कुछ दुर्लभ मामलों में केवल लिखित चेतावनी देकर भी छोड़ा जाता है, लेकिन मामला राजनीतिक या सुरक्षा से जुड़ा हो तो कार्रवाई कड़ी होती है.

एयरक्राफ्ट रूल 23 के तहत जेल और जुर्माना

विमानन नियमों की धारा यानी एयरक्राफ्ट रूल 23 के अंतर्गत केवल यात्रा प्रतिबंध ही नहीं, बल्कि जुर्माने और जेल की सजा का भी प्रावधान है. विमान की सुरक्षा में खलल डालना एक गंभीर विषय है क्योंकि हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर किसी भी प्रकार का तनाव बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है. महुआ मोइत्रा के मामले में अब मंत्रालय और इंडिगो एयरलाइन की आंतरिक कमेटी वीडियो साक्ष्यों की जांच करेगी, जिसके बाद दोषियों पर सजा का फैसला लिया जाएगा.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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