Gold Asteroid: अंतरिक्ष का यह छोटा-सा ग्रह दुनिया के हर शख्स को बना सकता है अरबपति, वजह जानकर नहीं होगा यकीन
Gold Asteroid: अंतरिक्ष में एक ऐसा क्षुद्रग्रह है जिस पर इतनी दौलत है कि पृथ्वी पर मौजूद हर इंसान अरबपति बन सकता है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

- 16 साइकी नामक क्षुद्रग्रह में मूल्यवान धातु भंडार होने का अनुमान है।
- वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किसी प्राचीन ग्रह का धातु कोर हो सकता है।
- इसमें मौजूद धातुओं की अनुमानित कीमत 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर हो सकती है।
- सैद्धांतिक रूप से, यह धन सभी मानवजाति को अरबपति बना सकता है।
Gold Asteroid: सोचिए कि अंतरिक्ष में कोई ऐसा क्षुद्रग्रह है जिसमें इतनी दौलत छिपी है कि पृथ्वी पर मौजूद हर इंसान अरबपति बन सकता है. यह सुनने में भले ही साइंस फिक्शन जैसा लग सकता है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा एक क्षुद्रग्रह सचमुच मौजूद है. अंतरिक्ष की इस रहस्यमयी चीज का नाम 16 साइकी है. शोधकर्ताओं का ऐसा मानना है कि इसकी सतह के नीचे कीमती धातुओं के ऐसे बड़े भंडार छुपे हो सकते हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते.
16 साइकी इतना कीमती क्यों है?
आम एस्टेरॉयड के उलट जो मुख्य रूप से चट्टानों या फिर बर्फ से बने होते हैं वैज्ञानिकों कैसा मानना है कि 16 साइकी का ज्यादातर हिस्सा धातुओं से बना है. शोधकर्ताओं को यह शक है कि असल में किसी प्राचीन ग्रह का धातु से बना वह केंद्रीय भाग हो सकता है जो अरबों साल पहले सौरमंडल के शुरुआती दौर में ही नष्ट हो गया था.
ऐसा माना जाता है कि इस एस्टेरॉयड में भारी मात्रा में लोहा और निकिल के साथ-साथ सोना और प्लैटिनम जैसी कीमती धातुएं भी मौजूद हैं. इसी वजह से कई वैज्ञानिक इसे अक्सर अंतरिक्ष में अब तक खोजे गए सबसे अमीर पिंडों में से एक बताते हैं. नासा और अंतरिक्ष शोधकर्ताओं के अनुमानों के मुताबिक 16 साइकी के अंदर मौजूद धातुओं की कुल कीमत लगभग 10000 क्वाड्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है. यह इतनी बड़ी संख्या है कि इसकी पूरी तरह से कल्पना करना भी मुश्किल है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह अनुमानित कीमत मौजूदा समय की पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था की कुल कीमत से भी कहीं ज्यादा है.
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क्या सचमुच हर इंसान अरबपति बन सकता है?
यह विचार की हर इंसान अरबपति बन सकता है इस आधार पर सामने आता है कि अगर इस एस्टेरॉयड की अनुमानित कीमत को दुनिया की पूरी आबादी में बराबर बांट दिया जाता है तब हर किसी के हिस्से में कितनी दौलत आएगी. कुछ गणनाओं के मुताबिक अगर 16 साइकी के अंदर मौजूद सारी दौलत को किसी तरह पृथ्वी पर लाकर सभी लोगों में बराबर बांट दिया जाए तो सिद्धांत के रूप से हर व्यक्ति को 9600 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति मिल सकती है.
बेशक वैज्ञानिक भी यह साफ करते हैं कि यह सिर्फ सैद्धांतिक गणना है. असलियत में अंतरिक्ष की गहराइयों से इतनी भारी मात्रा में सामग्री की खुदाई करना, उसे पृथ्वी तक लाना और फिर उसे लोगों में बांटना, यह सभी काम काफी मुश्किल और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होंगे.
किसने की थी इसकी खोज?
16 साइकी की खोज 17 मार्च 1852 को इटली के खगोलविद एनिबेल डी गैस्पारिस ने की थी. इसे यह नाम इस वजह से दिया गया क्योंकि यह वैज्ञानिकों द्वारा खोजा गया 16वां क्षुद्रग्रह था. साइकी शब्द प्राचीन यूनानी पौराणिक कथाओं से आया है .
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Source: IOCL


























