सुकेश चंद्रशेखर के पास कितना पैसा, क्या जेल में रहकर भी कर रहा कमाई?
जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर पर मनी लांड्रिंग के आरोप हैं. चलिए जानें कि उसकी संपत्ति को लेकर क्या हैं दावे और जानिए जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में उसकी दौलत को लेकर क्या कहा गया है?

सुकेश चंद्रशेखर की कुल संपत्ति का कोई सटीक आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन जांच एजेंसियों के मुताबिक उसने देश-विदेश के कई अमीर लोगों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है. प्रवर्तन निदेशालय ED ने उसकी करोड़ों रुपये की आलीशान गाड़ियां, बंगलुरू और चेन्नई के बंगले और सी-फेसिंग विला जैसी संपत्तियों को पहले ही जब्त कर लिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि जेल में बंद होने के बावजूद वह समय-समय पर बड़े-बड़े आर्थिक दावे करके सबको चौंका देता है.
कितनी है सुकेश की नेटवर्थ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुकेश चंद्रशेखर की कुल संपत्ति करीब 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंकी गई है, जिसमें कई लग्जरी गाड़ियां और एक दो मंजिला बंगला भी शामिल है. हालांकि, उस पर लगे ठगी के मामलों की रकम देखें तो यह आंकड़ा कहीं ज्यादा बड़ा हो जाता है. सबसे चर्चित मामला रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों की पत्नियों से जुड़ा है, जिसमें सुकेश पर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.
जेल के अंदर से कैसे चलाता रहा नेटवर्क?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए भी सुकेश ने एक पूरा नेटवर्क खड़ा कर रखा था. आरोप है कि उसे जेल के कुछ अधिकारियों से भी मदद मिलती रही, जिनकी मदद से वह जेल के अंदर मोबाइल फोन और दूसरे संसाधन इस्तेमाल करता रहा. तकनीकी तरीकों का सहारा लेकर वह अपने मोबाइल नंबर और पहचान को छिपाता था, ताकि पकड़ में न आ सके. इसी तरीके से वह बाहर बैठे लोगों से संपर्क बनाए रखता और खुद को बड़ा बिजनेसमैन, सरकारी अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति बताकर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठता रहा.
पैसे लौटाने का भी दे चुका है ऑफर
दिलचस्प बात यह है कि सुकेश खुद पर लगे एक जबरन वसूली के मामले में शिकायतकर्ता को 200 करोड़ रुपये के बदले 217 करोड़ रुपये लौटाने का ऑफर भी दे चुका है. हालांकि, उसकी तरफ से यह भी साफ किया गया कि पैसे लौटाने की पेशकश को अपराध न माना जाए. इससे पहले वह एलन मस्क की कंपनी और OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन को भी भारी-भरकम निवेश का ऑफर देकर सुर्खियों में आ चुका है.
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कब आया था सुर्खियों में?
सुकेश चंद्रशेखर पहली बार साल 2017 में चुनाव आयोग रिश्वत मामले में गिरफ्तार हुआ था, जिसके बाद से वह लगातार किसी न किसी वजह से चर्चा में बना हुआ है. गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 1.3 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे, लेकिन जेल जाने के बाद भी उसकी गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई.
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