एक्सप्लोरर

जब पहले से देश में काम कर रही थी IB तो क्यों हुआ था RAW का गठन? जासूसी के लिए क्यों पड़ी थी इसकी जरूरत

सवाल उठता है कि जब भारत में पहले से ही इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) जैसे खुफिया एजेंसी काम कर रही थी, तो रॉ की स्थापना की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, यह बात 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ी है.

सीनियर आईपीएस अफसर और ऑपरेशन सिंदूर के मास्टरमाइंड पराग जैन खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के नए चीफ होंगे. भारत सरकार की ओर से एक दिन पहले उनके नाम की घोषणा की गई है. पराग जैन रॉ में रवि सिन्हा की जगह लेंगे और एक जुलाई 2025 को अपना कार्यभार संभालेंगे. बता दें, आईपीएस अधिकारी और रॉ चीफ रवि सिन्हा 30 जून, 2025 को रिटायर हो रहे हैं. 

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया एजेंसियों में से एक माना जाता है. अपनी स्थापना के बाद से RAW ने दुनियाभर में कई खतरनाक मिशनों को अंजाम दिया है और दुनिया के बहुत से देशों में RAW के जासूस मौजूद हैं. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि देश में जब पहले से IB जैसी खुफिया एजेंसी मौजूद थी तो RAW की जरूरत क्यों पड़ी? चलिए जानते हैं इस सवाल का जवाब... 

21 सितंबर 1968 को हुई थी स्थापना

देश पर जब भी कोई बाहरी खतरा मंडराता है तो सबसे पहले रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW खड़ी मिलती है. इस खुफिया एजेंसी की स्थापना 21 सितंबर 1968 को की गई थी और इसका पहला प्रमुख रामेश्वर नाथ काव को बनाया गया था. संकरन नायर उनके डिप्टी थी. स्थापना के तुरंत बाद रॉ में आईबी से 250 लोगों को स्थानांतरित किया गया था. 1971 के बाद इसमें सीधे कॉलेजों व यूनिवर्सिटी से रॉ एजेंटों की भर्ती की जाती थी. हालांकि, 1973 में इस प्रक्रिया को बंद कर दिया गया था. 

क्यों हुई थी RAW की स्थापना

सवाल उठता है कि जब भारत में पहले से ही इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) जैसे खुफिया एजेंसी काम कर रही थी, तो रॉ की स्थापना की जरूरत क्यों पड़ी? दरअसल, यह बात 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ी है. 22 दिन तक चले इस युद्ध में कोई नतीजा नहीं निकला था और युद्धविराम हो गया था. जब युद्ध विराम हुआ तब तक पाकिस्तान के सभी हथियार खत्म हो गए थे और अमेरिका ने भी उसे हथियार देने से मना कर दिया था. हालांकि, भारत को यह खुफिया जानकारी उस वक्त नहीं मिल पाई थी, अगर यह सूचना भारत के पास होती तो न ही युद्ध विराम होता और युद्ध का नतीजा भी काफी ऐतिहासिक होता. दरअसल, भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय IB के अधिकारियों को पाकिस्तान की खुफिया सूचनाओं को इकट्ठा करने का जिम्मा सौंपा गया था, जिसमें IB के एजेंट नाकामयाब रहे. भारत को जब तक पाकिस्तान के हथियार खत्म होने की जानकारी लगी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने दूसरे देशों में खुफिया तरीके से काम करने के लिए नई खुफिया एजेंसी के गठन करने का फैसला किया और RAW अस्तित्व में आई. 

यह भी पढ़ें: क्या है थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी? जिसमें हिंदी की अनिवार्यता पर महाराष्ट्र में मचा बवाल; जानिए सबकुछ

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Shia Muslims In World: दुनिया में कितनी है शिया मुसलमानों की आबादी, इसमें भारत में कितने?
दुनिया में कितनी है शिया मुसलमानों की आबादी, इसमें भारत में कितने?
Strait of Hormuz Crisis: होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते कितना तेल आता है भारत, इसके बंद होने से कैसे छाएगा तेल संकट?
होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते कितना तेल आता है भारत, इसके बंद होने से कैसे छाएगा तेल संकट?
Indians In Middle East: मिडिल ईस्ट में कितने भारतीय, जानें कहां है इनकी सबसे ज्यादा तादाद?
मिडिल ईस्ट में कितने भारतीय, जानें कहां है इनकी सबसे ज्यादा तादाद?
Indian Students in Iran: ईरान में क्या पढ़ने जाते हैं भारतीय छात्र, यहां कितनी है इनकी तादाद?
ईरान में क्या पढ़ने जाते हैं भारतीय छात्र, यहां कितनी है इनकी तादाद?

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई समेत ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म, ट्रंप का दावा, अब कौन संभालेगा कमान?
US-इजरायल के हमले में खामेनेई समेत ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म, ट्रंप का दावा, कौन संभालेगा कमान?
UP Politics: 'सोच रहे ढूंढें अब नया ठिकाना...' मनोज तिवारी के जवाब में अब अखिलेश यादव ने जारी किया Holi पर गाना
'सोच रहे ढूंढें अब नया ठिकाना...' मनोज तिवारी के जवाब में अब अखिलेश यादव ने जारी किया Holi पर गाना
कब और कहां खेले जाएंगे सेमीफाइनल के मुकाबले? किससे होगा भारत का मैच? जानें टी20 वर्ल्ड कप की सारी डिटेल्स
कब और कहां खेले जाएंगे सेमीफाइनल के मुकाबले? किससे होगा भारत का मैच? जानें डिटेल्स
Iron Beam: न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
दुबई में बसीं कसौटी जिंदगी की फेम एरिका फर्नांडिस ने बताए हालात, बोलीं- ये डरावना है, मेरा दिल रो रहा
दुबई में बसीं कसौटी जिंदगी की फेम एरिका फर्नांडिस ने बताए हालात, बोलीं- ये डरावना है, मेरा दिल रो रहा
Israel Attack On Iran: अमेरिका संग जंग में कौन सी मिसाइलें दाग रहा ईरान, कहां तक पहुंच, ये रही पूरी लिस्ट
अमेरिका संग जंग में कौन सी मिसाइलें दाग रहा ईरान, कहां तक पहुंच, ये रही पूरी लिस्ट
पाकिस्तान में भी जय श्री राम, व्लॉगर से बात करते हुए पाकिस्तानियों ने दिखाया राम प्रेम, वीडियो हो रहा वायरल
पाकिस्तान में भी जय श्री राम, व्लॉगर से बात करते हुए पाकिस्तानियों ने दिखाया राम प्रेम, वीडियो हो रहा वायरल
क्या दुकान की छत पर भी लग सकता है सोलर पैनल, जानें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के नियम?
क्या दुकान की छत पर भी लग सकता है सोलर पैनल, जानें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के नियम?
Embed widget