Bakrid 2026: बकरीद के लिए इस नस्ल के बकरे हैं सबसे अच्छे, जमकर खरीद रहे लोग
Bakrid 2026: बकरीद पर कुर्बानी के लिए बाजारों में अच्छी नस्ल के बकरों की भारी मांग है. कम बजट के लिए सुंदर बर्बरी और हर मौसम के अनुकूल मजबूत सिरोही बकरे को लोग जमकर खरीद रहे हैं.

- बर्बरी नस्ल के छोटे, सुंदर और धब्बेदार बकरे शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय.
Bakrid 2026: ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार नजदीक आते ही देश भर के पशु बाजारों में रौनक काफी बढ़ गई है. इस बार यह त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा. इस खास मौके पर दी जाने वाली कुर्बानी के लिए लोग महीनों पहले से सबसे सुंदर, तंदुरुस्त और भारी-भरकम बकरे की तलाश शुरू कर देते हैं. इस साल बाजारों में कुछ खास ब्रीड्स यानी नस्लों के बकरों की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है, जो अपनी शारीरिक बनावट और वजन के लिए मशहूर हैं. बकरों की इन चुनिंदा वैरायटी को खरीदने के लिए लोग बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार हैं, जिससे मंडियों में इनकी होड़ मची हुई है.
सोजत ब्रीड की बाजार में बढ़ती मांग
त्योहार के इस सीजन में राजस्थान के मूल निवास वाली सोजत नस्ल के बकरे खरीदारों के बीच पहली पसंद बने हुए हैं. सोजत बकरों की सबसे बड़ी खासियत उनका पूरी तरह सफेद रंग, शानदार लंबाई और बड़े-लंबे लटकते हुए कान होते हैं. दिखने में बेहद आकर्षक और राजसी ठाट वाले ये बकरे बहुत तेजी से वजन बढ़ाते हैं. बाजारों में इनकी भारी-भरकम कद-काठी को देखकर लोग इन्हें तुरंत पसंद कर रहे हैं, यही वजह है कि व्यापारी इस खास नस्ल को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं.
उत्तर प्रदेश की शान जमुनापारी नस्ल
कुर्बानी के बाजार में उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध जमुनापारी नस्ल का हमेशा से एकतरफा जलवा रहा है. इस नस्ल के बकरे आकार में काफी ऊंचे और भारी होते हैं, जिनके पैर लंबे और कान बहुत चौड़े होते हैं. इनकी सबसे बड़ी पहचान इनकी तोते जैसी घुमावदार नाक होती है, जिसे तकनीकी भाषा में रोमन नोज कहा जाता है. जमुनापारी बकरों में मांस की मात्रा अन्य सामान्य बकरों के मुकाबले कहीं अधिक होती है, जिससे यह अधिक वजन वाले बकरे की तलाश करने वालों के लिए सबसे उत्तम विकल्प माना जाता है.
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बर्बरी नस्ल की सुंदरता
कम बजट वाले और छोटे आकार के सुंदर पशु की इच्छा रखने वाले परिवारों के लिए बर्बरी नस्ल के बकरे सबसे बेहतरीन साबित हो रहे हैं. ये बकरे आकार में थोड़े छोटे जरूर होते हैं, लेकिन दिखने में बेहद खूबसूरत, एक्टिव और गठीले शरीर के होते हैं. बर्बरी बकरों के शरीर पर अक्सर सुंदर धब्बेदार पैटर्न होते हैं जो उनकी खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. कम जगह और सीमित खर्च में बेहतर देखरेख के लिए इस नस्ल को शहरी इलाकों के लोग सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
सिरोही नस्ल की धूम
राजस्थान और गुजरात जैसे पश्चिमी भारतीय राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली सिरोही नस्ल की मांग भी इस बार बकरीद पर बहुत तेज है. सिरोही नस्ल के बकरों का शरीर बहुत ही गठीला, मजबूत और पूरी तरह मांस से भरा हुआ होता है. यह नस्ल हर तरह के बदलते मौसम को आसानी से झेल लेती है, जिससे इनके बीमार होने का खतरा बहुत कम रहता है. इसके इसी मजबूत स्वास्थ्य और टिकाऊपन के कारण व्यापारी और आम जनता इस नस्ल पर सबसे ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं.
नस्ल और सेहत के आधार पर तय होती हैं कीमतें
त्योहार के इस मौके पर बकरों की कीमतें उनकी नस्ल की शुद्धता, कुल वजन, दांतों की संख्या और शारीरिक सुंदरता को देखकर तय की जाती हैं. आम बोलचाल के बकरों की तुलना में इन चारों प्रीमियम नस्लों के दाम काफी ऊंचे होते हैं, क्योंकि पशुपालक इन्हें तैयार करने में काफी पौष्टिक आहार और मेहनत लगाते हैं. इसके बावजूद, लोग त्योहार की गरिमा और परंपरा को ध्यान में रखते हुए बिना किसी हिचकिचाहट के इन बेहतरीन और सेहतमंद बकरों को भारी संख्या में खरीद रहे हैं.
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Source: IOCL

























