एक्सप्लोरर

America Navy Seal Team 6: पहले ओसामा को मारा और अब ईरान से बचा लाए पायलट...कितने खतरनाक होते हैं अमेरिका के नेवी सील कमांडो?

ईरान के दुर्गम पहाड़ों में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने वाले 'सील टीम 6' (DEVGRU) के जांबाजों ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. आइए जानें कि ये सैनिक आखिर कितने खतरनाक होते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • सटीक HK416 राइफल और स्नाइपर राइफलों का करती है प्रयोग.

America Navy Seal Team 6: अमेरिका की सील टीम 6 केवल एक सैन्य यूनिट नहीं, बल्कि मौत का दूसरा नाम है. ओसामा बिन लादेन के खात्मे से लेकर ईरान के जाग्रोस पहाड़ों में मौत के साये से अपने पायलट को सुरक्षित निकालने तक, इस यूनिट ने साबित किया है कि इनके लिए असंभव शब्द बना ही नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें इतना घातक कौन बनाता है? यह जीत महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे कठिन ट्रेनिंग और उन आधुनिक हथियारों का नतीजा है, जो पलक झपकते ही दुश्मन का वजूद मिटा सकते हैं.

ओसामा के शिकारी अब ईरान में चमके

सील टीम 6 का नाम सुनते ही 2011 का वह एबटाबाद मिशन याद आता है, जहां इन्होंने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था. अब 2026 में, इसी यूनिट ने ईरान की सीमा के 200 मील अंदर घुसकर एक घायल अमेरिकी पायलट को बचाया है. एबटाबाद में इन्होंने ओसामा की जान ली थी और ईरान में इन्होंने अपने सैनिक की जान बचाई, लेकिन दोनों ही बार एक बात सामान्य थी- दुश्मन के घर में घुसकर काम पूरा करना और बिना किसी नुकसान के वापस लौट आना.

मौत को मात देने वाली फौलादी ट्रेनिंग

नेवी सील टीम 6 का सदस्य बनना दुनिया का सबसे कठिन काम माना जाता है. इनका चयन ब्रह्मांड की सबसे कठिन परीक्षा जैसा है. इन्हें सालों तक समुद्र की गहराइयों, घने जंगलों, बर्फीले पहाड़ों और तपते रेगिस्तानों में लड़ने के लिए तैयार किया जाता है. इनकी ट्रेनिंग का मुख्य हिस्सा मानसिक मजबूती है, ताकि वे बिना सोचे-समझे किसी भी दबाव में सही फैसला ले सकें. सील (SEAL) का मतलब ही है- सी (Sea), एयर (Air) और लैंड (Land), यानी ये पानी, हवा और जमीन तीनों जगह से हमला करने में माहिर हैं.

यह भी पढ़ें: C-130 Aircraft: ईरान में पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन में तबाह हुआ अमेरिका का C-130 विमान, जानें यह कितना खास?

अंधेरे के राजा हैं ये जांबाज योद्धा

सील टीम 6 की एक बड़ी ताकत है रात के अंधेरे में काम करने की काबिलियत. जब दुनिया सोती है, तब ये अपना ऑपरेशन शुरू करते हैं. इनके पास दुनिया के सबसे उन्नत नाइट विजन गॉगल्स और थर्मल इमेजिंग डिवाइस होते हैं, जो इन्हें घने अंधेरे या धुंध में भी दुश्मन को साफ देखने की शक्ति देते हैं. ईरान के जाग्रोस पहाड़ों में भी, जहां दुश्मन इन्हें ढूंढ रहा था, ये अंधेरे का फायदा उठाकर पायलट तक पहुंच गए.

दुनिया के सबसे सटीक हथियारों का इस्तेमाल

अगर हथियारों की बात करें, तो सील टीम 6 की पहली पसंद HK416 असॉल्ट राइफल है. यह राइफल अपनी बेजोड़ सटीकता और कम झटके (रिकॉइल) के लिए जानी जाती है. चाहे रेगिस्तान की धूल हो या समंदर का खारा पानी, यह राइफल कभी जाम नहीं होती है. इसके अलावा, भारी गोलाबारी के लिए ये Mk48 मशीन गन का इस्तेमाल करते हैं, जो लगातार गोलियां बरसाकर दुश्मन को सिर उठाने का मौका नहीं देती हैं. 

एक किलोमीटर दूर से अचूक लगाते हैं निशाना

पहाड़ी इलाकों या लंबी दूरी के ऑपरेशनों में सील टीम 6 के स्नाइपर्स का कोई सानी नहीं है. इनके पास ‘Mk 13 स्नाइपर राइफल’ और घातक ‘.50 कैलिबर बैरेट’ स्नाइपर राइफल होती है. ये हथियार एक किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी से दुश्मन के परखच्चे उड़ा सकते हैं. ईरान मिशन के दौरान जब दुश्मन की सेनाएं करीब आ रही थीं, तब इन्हीं स्नाइपर्स और एयर सपोर्ट ने एक सुरक्षा कवच तैयार किया था, जिससे पायलट को सुरक्षित निकाला जा सका.

तकनीक की सुरक्षा के लिए बलिदान

सील टीम 6 का एक कठोर नियम है- हथियार और मशीनें नष्ट हो सकती हैं, लेकिन अमेरिकी जान और गुप्त तकनीक दुश्मन के हाथ नहीं लगनी चाहिए. 2011 में इन्होंने पाकिस्तान में अपना एक स्टील्थ हेलीकॉप्टर खुद उड़ा दिया था. ठीक वैसा ही हाल ही में ईरान मिशन में भी हुआ. जब इनके दो 'MC-130J' विमान तकनीकी खराबी के कारण फंस गए, तो इन्होंने तुरंत विस्फोटक लगाकर उन्हें उड़ा दिया ताकि ईरान को उनकी एडवांस तकनीक का पता न चल सके.

क्लोज कॉम्बैट के लिए घातक पिस्तौल का इस्तेमाल

जब दुश्मन बिल्कुल सामने हो, तब सील कमांडो अपनी 'सिग सॉयर P226' (Sig Sauer P226) या 'ग्लॉक 17' (Glock 17) पिस्तौल का इस्तेमाल करते हैं. ये पिस्तौलें क्लोज रेंज में बिजली की गति से वार करने के लिए प्रसिद्ध हैं. इसके साथ ही इनके पास विशेष विस्फोटक चार्ज और छोटे ड्रोन होते हैं, जो टोही मिशन और दुश्मन के बंकरों को उड़ाने में काम आते हैं. इनका हर उपकरण एन्क्रिप्टेड होता है, जिससे दुश्मन इनकी बातचीत नहीं सुन सकता है.

जान की कीमत मशीनों से ऊपर

ईरान में हुआ यह रेस्क्यू ऑपरेशन एक 'सलेजहैमर' (भारी हथौड़ा) की तरह था. अमेरिका ने अपने एक पायलट के लिए पूरी सैन्य मशीनरी झोंक दी. सैकड़ों सैनिक, दर्जनों विमान और सील टीम 6 की ताकत ने मिलकर साबित किया कि अमेरिकी सेना का सिद्धांत आज भी वही है- अपने सिपाही को कभी पीछे नहीं छोड़ना है, भले ही इसके लिए करोड़ों डॉलर के विमानों की बलि देनी पड़े, लेकिन सील टीम 6 का हर मिशन 'जीरो कैजुअल्टी' यानी बिना किसी सैनिक को खोए पूरा करने की जिद्द पर टिका होता है.

यह भी पढ़ें: Fertilizer Import: जब भारत में भी बनती है खाद तो गल्फ कंट्रीज से क्यों मंगवाता है भारत, जानें यूरिया उत्पादन में नंबर-1 कौन?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

रीसेल में खरीदा फ्लैट तो क्या साथ मिलेगी पार्किंग? जानें क्या कहता है कानून
रीसेल में खरीदा फ्लैट तो क्या साथ मिलेगी पार्किंग? जानें क्या कहता है कानून
मरने के बाद सरकार कैसे खत्म करती है आपका आधार डेटा? क्यों इसे जरूरी है कराना
मरने के बाद सरकार कैसे खत्म करती है आपका आधार डेटा? क्यों इसे जरूरी है कराना
देश में कितने करोड़ Gen-G? 2029 में कितने प्रतिशत वोटों पर होगा इनका सीधा असर
देश में कितने करोड़ Gen-G? 2029 में कितने प्रतिशत वोटों पर होगा इनका सीधा असर
कितने खतरनाक हैं 2026 के परमाणु हथियार? केवल एक हमले से आ सकती है कयामत
कितने खतरनाक हैं 2026 के परमाणु हथियार? केवल एक हमले से आ सकती है कयामत

वीडियोज

Bollywood News: आवारापन 2 ट्रेलर में इमरान हाशमी का शिवम पंडित अवतार, बदले की शुरुआत (06.08.26)
गोरखपुर की लेडी नटवरलाल का करोड़ों वाला मायाजाल!
Pati Brahmachari:💔Isha-Suraj के बीच फिर आई Avni, तकरार के बीच पनपने लगा प्यार। #sbs
Bollywood News: बिग बॉस के टीज़र से मचा तहलका: क्या टीवी पर फिर दिखेगी 'करण-अर्जुन' की जोड़ी? ( 05.08.26 )
Jharkhand Job Protest: झारखंड नौकरी आंदोलन से घिरी सरकार! इस्तीफा देंगे हेमंत सोरेन? ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह से मिले TMC के 3 बागी मुस्लिम सांसद, कर डाली बड़ी मांग
अमित शाह से मिले TMC के 3 बागी मुस्लिम सांसद, कर डाली बड़ी मांग
रांची: आज सरकार से बातचीत संभव, छात्रों ने तय किए 11 प्रतिनिधि
रांची: आज सरकार से बातचीत संभव, छात्रों ने तय किए 11 प्रतिनिधि
बारिश में राहुल-प्रियंका की बातचीत, अमित शाह खुद थामे दिखे छाता
बारिश में राहुल-प्रियंका की बातचीत, अमित शाह खुद थामे दिखे छाता
पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा 2 साल का बैन, जानिए क्यों मिली इतनी बड़ी सजा
पाकिस्तानी क्रिकेटर पर लगा 2 साल का बैन, जानिए क्यों मिली इतनी बड़ी सजा
'अपनी आत्मा बेची', 'गोलमाल' एक्ट्रेस के ऊपर था 1 करोड़ का लोन, चुकाने के लिए करनी पड़ी सी ग्रेड फिल्में
'गोलमाल' एक्ट्रेस के ऊपर था 1 करोड़ का लोन, चुकाने के लिए करनी पड़ी सी ग्रेड फिल्में
तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, रेप केस में हाई कोर्ट ने पलटा फैसला
तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, रेप केस में हाई कोर्ट ने पलटा फैसला
लुधियाना: कांग्रेस के कार्यक्रम में बवाल, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'बघेल Go Back' के नारे
लुधियाना: कांग्रेस के कार्यक्रम में बवाल, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'बघेल Go Back' के नारे
Mom Viral Video : मां से दूर होने का कहा तो रोने लगा मासूम, वीडियो देख भर आएगा गला
मां से दूर होने का कहा तो रोने लगा मासूम, वीडियो देख भर आएगा गला
Embed widget