एक्सप्लोरर

Fertilizer Import: जब भारत में भी बनती है खाद तो गल्फ कंट्रीज से क्यों मंगवाता है भारत, जानें यूरिया उत्पादन में नंबर-1 कौन?

Fertilizer Import: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर फर्टिलाइजर सप्लाई चेन पर भी पड़ा है. आइए जानते हैं कि भारत गल्फ कंट्री से खाद क्यों मंगवाता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • मिडिल ईस्ट में तनाव से भारत की उर्वरक आपूर्ति बाधित हो रही है।
  • यूरिया उत्पादन में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर है।
  • भारत गैस का 50% हिस्सा आयात करता है, जो उर्वरक के लिए महत्वपूर्ण है।
  • घरेलू मांग को पूरा करने के लिए उर्वरकों का आयात आवश्यक है।

Fertilizer Import: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम रास्तों के आसपास भारत की उर्वरक सप्लाई चेन दबाव में है. शिपमेंट में देरी, बढ़ती लागत और कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर चिंताओं ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अगर भारत घरेलू स्तर पर फर्टिलाइजर बनाता है तो भी वह खाड़ी देशों से इंपोर्ट पर इतना ज्यादा निर्भर क्यों है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

यूरिया उत्पादन में कौन सा देश सबसे आगे? 

वैश्विक स्तर पर यूरिया उत्पादन में चीन पहले स्थान पर आता है. इसी के साथ भारत दूसरे स्थान पर है. इस मजबूत स्थिति के बावजूद भारत पूरी तरह से आत्मनिर्भर नहीं है. यही वजह है कि अपनी भारी कृषि मांग को पूरा करने के लिए भारत को इंपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है. 

प्राकृतिक गैस 

भारत की इंपोर्ट पर निर्भरता का सबसे बड़ा कारण प्राकृतिक गैस है. यूरिया उत्पादन में कच्चे माल के तौर पर गैस का काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. भारत अपनी गैस की जरूरत का लगभग 50% हिस्सा इंपोर्ट करता है. खाड़ी देशों के पास गैस के भंडार काफी ज्यादा और सस्ते हैं. इससे वहां फर्टिलाइजर बनाना भारत के मुकाबले काफी ज्यादा किफायती पड़ता है. 

मांग घरेलू सप्लाई से ज्यादा 

भारत दुनिया में फर्टिलाइजर का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. इसकी सालाना मांग 60 मिलियन टन से भी ज्यादा है. हालांकि घरेलू उत्पादन क्षमता सिर्फ 30 मिलियन टन के आसपास ही है. इस अंतर की वजह से भारत को हर साल 2 से 3 मिलियन टन यूरिया इंपोर्ट करना पड़ता है.  

सप्लाई पर मिडल ईस्ट के तनाव का असर 

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का भारत की फर्टिलाइजर सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है. शिपिंग रास्ते में रुकावटों की वजह से माल वाहक जहाज को केप ऑफ गुड होप के रास्ते से लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है. इससे आने-जाने में लगने वाला समय दो हफ्ते तक बढ़ गया है. जहां यूरिया उत्पादन गैस पर निर्भर करता है, वहीं DAP और पोटाश जैसे दूसरे फर्टिलाइजर के लिए रॉक फॉस्फेट और  सल्फर जैसे खनिजों की जरूरत होती है. ये ऐसे संसाधन हैं जिनकी भारत में  कमी है. इस कमी को पूरा करने के लिए भारत ने वैश्विक सप्लायरों के साथ रणनीतिक समझौते किए हैं. इनमें सऊदी अरब की कंपनियां भी शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान में किस उम्र में हो जाती है लड़कियों की शादी, भारत में 18 तो वहां क्या?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारत में एक सांसद के हिस्से में कितने लोग, अमेरिका में क्या हाल?
भारत में एक सांसद के हिस्से में कितने लोग, अमेरिका में क्या हाल?
एक सांसद पर कितना खर्च करती है सरकार, परिसीमन के बाद क्या होगा होगा हाल
एक सांसद पर कितना खर्च करती है सरकार, परिसीमन के बाद क्या होगा होगा हाल
इस देश के पास है दुनिया का सबसे खतरनाक टैंक, आधुनिक युद्ध में यह कितना सफल?
इस देश के पास है दुनिया का सबसे खतरनाक टैंक, ‌आधुनिक युद्ध में यह कितना सफल?
हुस्न की आड़ में करती थी जासूसी, फिर यूं बेनकाब हुआ जर्मनी की जासूस का हनीट्रैप
हुस्न की आड़ में करती थी जासूसी, फिर यूं बेनकाब हुआ जर्मनी की जासूस का हनीट्रैप

वीडियोज

Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Romana Isar Khan | Janhit: मीटिंग-मीटिंग की 'सेटिंग' से संदेह बढ़ा? | Jharkhand Student Protest
Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
गलत नक्शे पर लवलीना का करारा जवाब! ग्लासगो में जताई आपत्ति, PM मोदी ने की तारीफ
गलत नक्शे पर लवलीना का करारा जवाब! ग्लासगो में जताई आपत्ति, PM मोदी ने की तारीफ
झारखंड प्रोटेस्ट Exclusive: एंबुलेंस से विधानसभा जा रहे देवेंद्र महतो बोले- सरकार झांसा दे रही
झारखंड प्रोटेस्ट Exclusive: एंबुलेंस से विधानसभा जा रहे देवेंद्र महतो बोले- सरकार झांसा दे रही
AR Rahmaan के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
ए आर रहमान के बेटे ए आर अमीन की गाड़ी का हुआ एक्सीडेंट, बाल-बाल बची जान
भुवनेश्वर ने दिया सबसे बड़े सवाल का जवाब, टीम इंडिया का कॉल आया तो क्या करेंगे?
भुवनेश्वर ने दिया सबसे बड़े सवाल का जवाब, टीम इंडिया का कॉल आया तो क्या करेंगे?
भारतीय सीमा में घुस आए बांग्लादेशी, चाय किसान किया अपहरण, जानें पूरा मामला
भारतीय सीमा में घुस आए बांग्लादेशी, चाय किसान किया अपहरण, जानें पूरा मामला
सैनिकों को सैलरी के भी पड़े लाले! ट्रंप का दावा- 'कंगाली की ओर ईरान'
सैनिकों को सैलरी के भी पड़े लाले! ट्रंप का दावा- 'कंगाली की ओर ईरान'
DU UG की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी, सीट अलॉटमेंट के बाद इन तारीखों का रखें ध्यान
DU UG की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी, सीट अलॉटमेंट के बाद इन तारीखों का रखें ध्यान
GLP-1 दवाओं से बदल रहा मोटापे का इलाज, क्या अब सर्जरी की जरूरत कम होगी?
GLP-1 दवाओं से बदल रहा मोटापे का इलाज, क्या अब सर्जरी की जरूरत कम होगी?
Embed widget